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Aligarh News: हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से ढोई जा रहीं सवारियां
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कस्बा छर्रा में जा रहे सवारियों के साथ ट्रैक्टर-ट्राॅली। संवाद
- फोटो : samvad
हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में धड़ल्ले से सवारियां ढोई जा रही हैं। परिवहन और पुलिस विभाग इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं, जबकि आए दिन ट्रैक्टर-ट्रालियों में बैठी सवारियों के साथ हादसे हो रहे हैं। मंगलवार को बरला क्षेत्र के गांव अलहदादपुर निवासी लोगों के साथ जो दर्दनाक हादसा हुआ है, वह दोनों विभागों की अनदेखी का ही परिणाम है।
करीब दो वर्ष दो माह पहले हाईकोर्ट ने ट्रैक्टर-ट्रॉली पर सवारियां ढोने पर रोक लगा दी थी, क्योंकि ट्रैक्टर-ट्रॉली का इस्तेमाल कृषि कार्य के लिए ही किया जा सकता है। इसके लिए कोर्ट ने सलाह देते हुए परिवहन विभाग को कानून बनाने के लिए भी कहा था, लेकिन रोक के बावजूद धड़ल्ले से आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में ट्रैक्टरों में सवार होकर गंगाजी, शादी विवाह, तीर्थ स्थलों के दर्शन करने के लिए लोग आते-जाते हैं।
मंगलवार को बरला के गांव अलहदादपुर के ग्रामीण भागवत कथा के कलशों का विसर्जन करने चार ट्रैक्टरों में गंगा घाट जा रहे थे, जिसमें एक ट्रैक्टर का टायर फटने से करीब 23 श्रद्धालु खौलती सब्जी गिरने से घायल हो गए थे। हाईकोर्ट का कहना है कि ट्रैक्टर की सीट केवल ड्राइवर के लिए होती है। साथ ही ट्रैक्टर पर बैठे किसी अन्य यात्री के साथ कोई हादसा होता है तो बीमा कंपनी मुआवजा देने के लिए जिम्मेदार नहीं है। थानाध्यक्ष अंकित सिंह ने बताया कि घटना के बाद ट्रैक्टर पर सवारियां ढोने पर लगाम लगाई जाएगी।
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- लोगों को लगातार जागरूक किया जा रहा है। ट्रैक्टर-ट्रॉली से सवारियां ले जाना गलत है और नियम के खिलाफ है। इसे लेकर अभियान चलाया जा रहा है। नियमों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई की जाएगी। - प्रवीन यादव, एसपी ट्रैफिक।
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करीब दो वर्ष दो माह पहले हाईकोर्ट ने ट्रैक्टर-ट्रॉली पर सवारियां ढोने पर रोक लगा दी थी, क्योंकि ट्रैक्टर-ट्रॉली का इस्तेमाल कृषि कार्य के लिए ही किया जा सकता है। इसके लिए कोर्ट ने सलाह देते हुए परिवहन विभाग को कानून बनाने के लिए भी कहा था, लेकिन रोक के बावजूद धड़ल्ले से आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में ट्रैक्टरों में सवार होकर गंगाजी, शादी विवाह, तीर्थ स्थलों के दर्शन करने के लिए लोग आते-जाते हैं।
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मंगलवार को बरला के गांव अलहदादपुर के ग्रामीण भागवत कथा के कलशों का विसर्जन करने चार ट्रैक्टरों में गंगा घाट जा रहे थे, जिसमें एक ट्रैक्टर का टायर फटने से करीब 23 श्रद्धालु खौलती सब्जी गिरने से घायल हो गए थे। हाईकोर्ट का कहना है कि ट्रैक्टर की सीट केवल ड्राइवर के लिए होती है। साथ ही ट्रैक्टर पर बैठे किसी अन्य यात्री के साथ कोई हादसा होता है तो बीमा कंपनी मुआवजा देने के लिए जिम्मेदार नहीं है। थानाध्यक्ष अंकित सिंह ने बताया कि घटना के बाद ट्रैक्टर पर सवारियां ढोने पर लगाम लगाई जाएगी।
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- लोगों को लगातार जागरूक किया जा रहा है। ट्रैक्टर-ट्रॉली से सवारियां ले जाना गलत है और नियम के खिलाफ है। इसे लेकर अभियान चलाया जा रहा है। नियमों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई की जाएगी। - प्रवीन यादव, एसपी ट्रैफिक।