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रिश्वत लेने पर डिप्टी रेंजर और वन दरोगा निलंबित
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पेड़ काटने की अनुमति देने के बदले रिश्वत मांगना वन विभाग के एक रेंजर और वन दरोगा को महंगा पड़ गया। सोशल मीडिया पर इस मामले का वीडियो वायरल हुआ तो सरकारी कर्मचारी आचरण नियमवाली 1956 के नियम-3 के उल्लंघन पर दोनों को निलंबित कर कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है।
जवां ब्लॉक के अहक गांव निवासी प्रांजुल जादौन के अनुसार उन्होंने खेत में लगे सांगौन के 80 पेड़ कटवाने के लिए करीब तीन माह पहले वन विभाग से अनुमति मांगी थी। उनका आरोप है कि डिप्टी रेंजर अरविंद कुमार और वन दरोगा मुकेश कुमार ने पेड़ काटने की अनुमति देने के बदले उनसे 32 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। वह अपने चाचा अजीत कुमार के साथ 25 अगस्त को वन विभाग के रेंज कार्यालय पहुंचे। डिप्टी रेंजर और वन दरोगा ने फिर से पेड़ काटने की अनुमति देने के बदले रुपये मांगे।
प्रांजुल के अनुसार मजबूर होकर 10 हजार रुपये देने के साथ ही उन्होंने रिश्वत लेने का गोपनीय वीडियो बना लिया। रविवार को यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। सोमवार को डीएफओ दिवाकर वशिष्ठ ने वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए दोनों आरोपियों के निलंबन की संस्तुति कर दी। भाकियू भानु ने भी सोमवार को दोषी वन कर्मियों पर कार्रवाई की मांग करते हुए कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया था। इसके बाद वन संरक्षक अदिति शर्मा ने दोनों को निलंबित कर कार्यालय से संबद्ध कर दिया है।
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जवां ब्लॉक के अहक गांव निवासी प्रांजुल जादौन के अनुसार उन्होंने खेत में लगे सांगौन के 80 पेड़ कटवाने के लिए करीब तीन माह पहले वन विभाग से अनुमति मांगी थी। उनका आरोप है कि डिप्टी रेंजर अरविंद कुमार और वन दरोगा मुकेश कुमार ने पेड़ काटने की अनुमति देने के बदले उनसे 32 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। वह अपने चाचा अजीत कुमार के साथ 25 अगस्त को वन विभाग के रेंज कार्यालय पहुंचे। डिप्टी रेंजर और वन दरोगा ने फिर से पेड़ काटने की अनुमति देने के बदले रुपये मांगे।
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प्रांजुल के अनुसार मजबूर होकर 10 हजार रुपये देने के साथ ही उन्होंने रिश्वत लेने का गोपनीय वीडियो बना लिया। रविवार को यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। सोमवार को डीएफओ दिवाकर वशिष्ठ ने वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए दोनों आरोपियों के निलंबन की संस्तुति कर दी। भाकियू भानु ने भी सोमवार को दोषी वन कर्मियों पर कार्रवाई की मांग करते हुए कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया था। इसके बाद वन संरक्षक अदिति शर्मा ने दोनों को निलंबित कर कार्यालय से संबद्ध कर दिया है।
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