ईमानदार अफसर को महकमे का पुरस्कार
ईमानदार अफसर को महकमे का पुरस्कार
अभिषेक शर्मा
अलीगढ़। सिर्फ सरकारी नौकरी की चाह में यूपी पुलिस में सिपाही के पद पर भर्ती हुए मूल रूप से मुजफ्फरनगर निवासी सोमवीर सिंह रविवार को डीएसपी के पद से सेवानिवृत्त हो गए। सीओ तृतीय अलीगढ़ के पद से सेवानिवृत्ति पर शनिवार को खुद डीजीपी अरविंद कुमार जैन ने उन्हें शुभकामनाएं दीं। सोमवीर सिंह के अनुभव और उनकी उम्दा कार्यशैली की वजह से पुलिस महकमा उन्हें 40 साल 10 माह की सेवाओं के बाद भी छोड़ना नहीं चाह रहा। अब उन्हें पांच साल के लिए सेंट्रल डिटेक्टिव ट्रेनिंग स्कूल में बतौर प्रशिक्षक तैनात करने की तैयारी है। देश में सेंट्रल डिटेक्टिव ट्रेनिंग स्कूल (सीडीआईएस) के पांच स्कूल ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलेपमेंट के तहत गाजियाबाद, भोपाल, कोलकाता, हैदराबाद व मुंबई में चलते हैं। गाजियाबाद में डीएसपी पद के सेवानिवृत्त अधिकारियों की 4 रिक्तियां थीं। खुद महकमे ने उन्हें इसके आवेदन का ऑफर किया और 19 मई को उनका साक्षात्कार भी हुआ है। आईपीसी, माइनर एक्ट, साइबर, एक्सप्लोसिव आदि की जांच में महारथ रखने वाले सोमवीर सिंह के अनुभवों से विभाग को लाभान्वित करने के लिए यह पहल हुई है। समर्पण, वफादारी और बिना किसी अहसान के काम करना उनकी प्राथमिकता है। जन सहयोग से पुलिस भवनों का निर्माण उनकी प्राथमिकता में रहता है। अलीगढ़ में सिविल लाइंस, शहर कोतवाली, पुलिस ऑफीसर्स मेस, गाजियाबाद में करोड़ों की जमीन पर एसपी सिटी दफ्तर, बागपत कोतवाली का निर्माण उनकी ही देन हैं।