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इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल व निजीकरण के विरोध में प्रदर्शन
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प्रदर्शन करते बिजली विभाग के इंजीनियर, जूनियर इंजीनियर एवं कर्मचारी।
- फोटो : CITY OFFICE
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इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल 2020 एवं निजीकरण के विरोध में बिजली विभाग के इंजीनियर, जूनियर इंजीनियर एवं कर्मचारियों ने हाथ में काली पट्टी बांध कर विरोध किया। अपने-अपने विभाग में शारीरिक दूरी का ख्याल रखते हुए प्रदर्शन भी किया।
विरोध-प्रदर्शन का आयोजन बिजली कर्मचारियों एवं अधिकारियों ने संयुक्त कर्मचारी विद्युत संघर्ष समिति के बैनर तले किया। आंदोलनकारी अधिकारी एवं कर्मचारियों ने आज के दिन यानी एक जून को काला दिवस के रूप में मनाया। दिनभर अधिकारी एवं कर्मचारियों ने काली पट्टी बांध कर विरोध किया। दोपहर 1.30 से 3 बजे के बीच अपने-अपने कार्यालय पर शारीरिक दूरी का ख्याल रखते हुए प्रदर्शन किया।
लालडिग्गी स्थित कार्यालय पर समिति के नेताओं ने कहा कि बिल और निजीकरण के प्रभाव से किसानों को अवगत कराने के लिए अभियान चलाएंगे। उन्हें बताया कि बिल पारित होने के बाद गरीब उपभोक्ताओं एवं किसानों को बिजली की दरों में मिल रही सब्सिडी समाप्त हो जाएगी। 8 रुपये प्रति यूनिट से कम दर पर बिजली किसी को नहीं मिल पाएगी। आज 6.78 रुपये प्रति यूनिट मिल रही है। कर्मचारी नेताओं ने अधिकारियों के माध्यम से प्रधानमंत्री एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा।
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विरोध प्रदर्शन में संघर्ष समिति के अध्यक्ष अरविंद कुमार निगम, संयोजक एवं अधीक्षण अभियंता धर्मेंद्र सारस्वत, राघवेंद्र सिंह, मो. सगीर, राजकुमार सिंह, जीएस कासेरवाल, सतवीर सिंह, ललतेश यादव, कर्मवीर सिंह, पुष्पेंद्र सिंह, भगवती प्रसाद, पीयूष सारस्वत, कमल जैन, सौरभ मंगला, सुबोध झा आदि मौजूद थे।
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विरोध-प्रदर्शन का आयोजन बिजली कर्मचारियों एवं अधिकारियों ने संयुक्त कर्मचारी विद्युत संघर्ष समिति के बैनर तले किया। आंदोलनकारी अधिकारी एवं कर्मचारियों ने आज के दिन यानी एक जून को काला दिवस के रूप में मनाया। दिनभर अधिकारी एवं कर्मचारियों ने काली पट्टी बांध कर विरोध किया। दोपहर 1.30 से 3 बजे के बीच अपने-अपने कार्यालय पर शारीरिक दूरी का ख्याल रखते हुए प्रदर्शन किया।
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लालडिग्गी स्थित कार्यालय पर समिति के नेताओं ने कहा कि बिल और निजीकरण के प्रभाव से किसानों को अवगत कराने के लिए अभियान चलाएंगे। उन्हें बताया कि बिल पारित होने के बाद गरीब उपभोक्ताओं एवं किसानों को बिजली की दरों में मिल रही सब्सिडी समाप्त हो जाएगी। 8 रुपये प्रति यूनिट से कम दर पर बिजली किसी को नहीं मिल पाएगी। आज 6.78 रुपये प्रति यूनिट मिल रही है। कर्मचारी नेताओं ने अधिकारियों के माध्यम से प्रधानमंत्री एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा।
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विरोध प्रदर्शन में संघर्ष समिति के अध्यक्ष अरविंद कुमार निगम, संयोजक एवं अधीक्षण अभियंता धर्मेंद्र सारस्वत, राघवेंद्र सिंह, मो. सगीर, राजकुमार सिंह, जीएस कासेरवाल, सतवीर सिंह, ललतेश यादव, कर्मवीर सिंह, पुष्पेंद्र सिंह, भगवती प्रसाद, पीयूष सारस्वत, कमल जैन, सौरभ मंगला, सुबोध झा आदि मौजूद थे।