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अलीगढ़ तक आई दिल्ली एनसीआर की जहरीली हवा
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
Updated Wed, 07 Nov 2018 12:59 AM IST
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दिल्ली वायु प्रदूषण
- फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली और एनसीआर की हवा में छायी प्रदूषण की जहरीली धुंध अलीगढ़ को भी छूने लगी है। यहां पर पहले से ही धूल भरा माहौल, कूड़े को जलाने की प्रवृत्ति, आटोमोबाइल्स, टेंपो आदि से निकलने वाला धुआं और शहर के आबादी वाले इलाकों में लगी फैक्ट्रियां आबो हवा को और भी बिगाड़ रही हैं। प्रदूषण नियंत्रण के मानकों को लेकर बरती जाने वाली उदासीनता के चलते स्थिति बिगड़ती ही चली जा रही है। इन सभी का जन स्वास्थ्य पर बेहद गंभीर प्रभाव पड़ रहा है।
मंगलवार को जब नगर आयुक्त शहर में सफाई व्यवस्था का निरीक्षण कर रहे थे तो अचल तालाब पर एक गोदाम संचालक कूड़े के ढेर में आग लगा कर उसका निस्तारण करना चाहता था। नतीजतन वहां पर बेहद धुआं हो रहा था। उसे कड़ी फटकार लगाई गई। यह नजारा शहर में कई स्थानों पर देखने को मिलता है। दूसरी यहां पर डिवाइडरों के सहारे, सड़क की पटरियों पर धूल की बेहद समस्या है।
जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. गीता प्रधान कहती हैं कि छोटे बच्चों को सांस लेने की समस्या की शिकायत सामने आने पर हम माता पिता से यही पूछते हैं कि कहां रहते हैं। घर के आसपास फैक्ट्रूी या कारखाना आदि है। इसके बाद हम यही सलाह देते हैं कि बच्चे के फेफड़ों में साफ हवा जानी चाहिए।
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इसी लिए प्यूरीफायर की सलाह देते हैं। एनसीआर दिल्ली में खतरनाक स्तर पर बढ़े प्रदूषण ने अलीगढ़ के लोगों की भी चिंताएं बढ़ा दी हैं। शहर के पर्यावरणविद् जहरीली होती आबो हवा के लिए पहले ही अपनी चिंता जाहिर कर चुके हैं। इसके लिए वह दीपावली के अवसर पर पटाखों का प्रयोग नहीं करने की अपील कर रहे हैं। पर्यारणविद् सुबोध नंदन शर्मा ने 50 हजार पंफलेट छपवा कर बंटवाने का काम शुरू किया है। इसके लिए वह बच्चों के स्कूल भी जा रहे हैं।
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मंगलवार को जब नगर आयुक्त शहर में सफाई व्यवस्था का निरीक्षण कर रहे थे तो अचल तालाब पर एक गोदाम संचालक कूड़े के ढेर में आग लगा कर उसका निस्तारण करना चाहता था। नतीजतन वहां पर बेहद धुआं हो रहा था। उसे कड़ी फटकार लगाई गई। यह नजारा शहर में कई स्थानों पर देखने को मिलता है। दूसरी यहां पर डिवाइडरों के सहारे, सड़क की पटरियों पर धूल की बेहद समस्या है।
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जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. गीता प्रधान कहती हैं कि छोटे बच्चों को सांस लेने की समस्या की शिकायत सामने आने पर हम माता पिता से यही पूछते हैं कि कहां रहते हैं। घर के आसपास फैक्ट्रूी या कारखाना आदि है। इसके बाद हम यही सलाह देते हैं कि बच्चे के फेफड़ों में साफ हवा जानी चाहिए।
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इसी लिए प्यूरीफायर की सलाह देते हैं। एनसीआर दिल्ली में खतरनाक स्तर पर बढ़े प्रदूषण ने अलीगढ़ के लोगों की भी चिंताएं बढ़ा दी हैं। शहर के पर्यावरणविद् जहरीली होती आबो हवा के लिए पहले ही अपनी चिंता जाहिर कर चुके हैं। इसके लिए वह दीपावली के अवसर पर पटाखों का प्रयोग नहीं करने की अपील कर रहे हैं। पर्यारणविद् सुबोध नंदन शर्मा ने 50 हजार पंफलेट छपवा कर बंटवाने का काम शुरू किया है। इसके लिए वह बच्चों के स्कूल भी जा रहे हैं।