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डिफेंस कॉरिडोर : प्रशासन के इनकार के बाद अंडला के किसानों के सुर बदल रहे

Wed, 26 Aug 2020 01:00 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 26 Aug 2020 01:00 AM IST
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Defense Corridor: Andala's farmers' tone changing after administration's refusal
पंकज रावत
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अंडला में मंगलवार को शांति रही। पुलिस और पीएसी की गश्त जारी रही। एसडीएम खैर अंजनी कुमार सिंह और सीओ खैर मोहसिन खान भी हल्का पुलिस और लेखपाल आदि के माध्यम से पूरी जानकारी लेते रहे। वहीं किसानों के विरोध प्रदर्शन के बाद प्रशासन के जमीन लेने के इनकार के बाद किसानों का रुख नरम पड़ने लगा है। सर्किल रेट से चार गुना मुआवजा मांग रहे किसान अब तीन गुना पर आ रहे हैं।
किसानों के बदले बोल..
45 बीघा है मेरे पास। ये जमीन डिफेंस कॉरिडोर के पास है। हम चार गुना मुआवजे की मांग कर रहे थे, प्रशासन नहीं देना चाहता तो विकास की खातिर हम तीन गुना पर भी समझौता करना चाहते हैं, वो सिर्फ इसलिए ताकि इलाके से बड़ा प्रोजेक्ट न जाए। पूरे क्षेत्र का विकास हो इसलिए कुछ त्याग कर हम सबको प्रयास करना होगा। - राकेश रावत उर्फ पप्पू।
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मेरी तीन एकड़ जमीन कॉरिडोर के पास है। हमारी तो जिंदगी कट गई है, अब बच्चों का ख्याल है। उनकी चिंता सताती है। ऐसे में हम बच्चों के भविष्य को लेकर जमीन देने को तैयार हैं। तीन गुना मुआवजा भी मिल जाए तो बेहतर है। हम चार गुना मुआवजे की जिद छोड़ कर तीन पर आ गए हैं। - राकेश कुमार।
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15 बीघा जमीन है। तीन गुना पर बात बन सकती है। अगर किसान जिद छोड़ सकते हैं तो प्रशासन भी कुछ पीछे हट कर काम करा सकता है। डिफेंस कॉरिडोर के लिए इससे बेहतर जीवन पूरे जिले में नहीं है। ख्यामई और बराकलां की जमीन की सर्किल रेट अंडला से ज्यादा है। ऐसे में प्रशासन को हर लिहाज से अंडला की जगह सस्ती पड़ रही है। - कन्हैयालाल।
22 बीघा जमीन है, जो प्रस्तावित कॉरिडोर के पास है। अंडला के मुकाबले ख्यामई और बराक लां की जमीन सर्किल रेट के हिसाब से महंगी पड़ रही है। अकराबाद में जमीन 10 लाख रुपये और बराकलां में महंगी है। ऐसे में किसान अगर पीछे हट सकते हैं तो प्रशासन भी हठधर्मिता न अपनाएं। - जितेद्र कुमार रावत।
अंडला के पूरे इलाके में गोवंश का आतंक है। यहां गोवंश का आतंक बहुत है। पहले जो खेत अधिक दाम में उठते थे, आज उनको लेने वाले बहुत कम है। फसलों का रखवाल और चौकीदार करना महंगा है। ऐसे में अगर विकास के लिए खेत कोरिडोर में जाएंगे तो पूरे इलाके का विकास होगा। हम तीन गुना मुआवजा पर राजी है। - देवेश रावत

किसानों से लगातार वार्ता जारी है। हम किसानों की सभी बातों और प्रस्तावों को जिला प्रशासन को पहुंचा रहे हैं। इलाके में शांति व्यवस्था कायम रखने पर पूरा ध्यान है। किसानों की हर समस्या का समाधान करा रहे हैं। डिफेंस कॉरिडोर को विकसित करने में सभी के सहयोग से काम हो रहा है।
अंजनी कुमार, एसडीएम खैर।
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