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डिफेंस कॉरिडोर-2 : अधिग्रहीत भूमि पर अब फसल नहीं उगा पाएंगे किसान
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खैर रोड स्थित डिफेंस कॉरिडोर में तैयार होती फैक्टरी ।
- फोटो : samvad
गोला-बारूद वाले उत्पाद बनाने के लिए डिफेंस कॉरिडोर अलीगढ़ नोड के पार्ट-2 की अधिग्रहीत भूमि पर अब किसान फसल नहीं उगा पाएंगे। यूपीडा द्वारा अधिग्रहीत भूमि पर चेतावनी बोर्ड लगा दिए गए हैं।
तैयारी ऐसी है कि मौजूदा फसल के कटने के बाद यहां बाउंड्रीवाल के साथ-साथ अन्य विकास कार्य शुरू करा दिए जाएंगे। इस तरह अधिग्रहीत भूमि पर वर्तमान में खड़ी फसल आखिरी फसल मानी जा रही है। ये बात रविवार को कानपुर हाईवे के सहारे गांव जुलूपुर सिहौर-जसरथपुर की कृषि भूमि पर फसल कर रहे किसानों ने अमर उजाला से बातचीत में खुद स्वीकारी।
डिफेंस कॉरिडोर अलीगढ़ नोड अलीगढ़-पलवल रोड के गांव अंडला पर वर्ष 2021 में विकसित किया गया था। वहां बगल में बाटलिंग प्लांट होने के कारण गोला-बारूद बनाने वाली इकाइयां न लगाना तय किया गया। इसके बाद जीटी रोड पर अलीगढ़ एयरपोर्ट से आगे गांव जुलूपुर सिहौर व जसरथपुर के आसपास अंडला नोड का पार्ट-2 विकसित करना तय किया गया।
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जहां किसानों से सहमति के बाद 87 हेक्टेयर भूमि पहले चरण में लेना तय किया गया। इस पर अब तक 81 हेक्टेयर से ज्यादा भूमि का अधिग्रहण हो चुका है। छह हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण कुछ किसानों की निजी समस्याओं व कुछ के द्वारा न दिए जाने के कारण नहीं हुआ है, लेकिन इस छह हेक्टेयर भूमि पर एकतरफा अधिग्रहण की कवायद प्रशासन ने तेज कर दी है।
इस संबंध में जिला प्रशासन ने संस्तुति रिपोर्ट शासन को भेज दी है। वहां से जल्द टीम आकर इस प्रक्रिया को पूरा कराएगी। इधर, अधिकांश भूमि का अधिग्रहण करीब डेढ़ वर्ष पहले पूरा हो गया है। जिस पर मुआवजा व बैनामा के बाद भी किसान फसल करते आ रहे हैं। अब यूपीडा ने वहां चेतावनी बोर्ड लगा दिए हैं। जिन पर लिखा है कि अगर अब फसल बोने के साथ अन्य कोई काम किया तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस विषय में यूपीडा के स्थानीय अवर अभियंता लायक सिंह बताते हैं कि इस साइट पर 40 प्लॉटों का नक्शा बनने के साथ-साथ 65 करोड़ का बजट जारी होने व टेंडर की प्रक्रिया पूरी हो गई है। वर्तमान फसल के कटते ही इस साइट पर बाउंड्रीवाल सहित अन्य विकास कार्य शुरू हो जाएंगे। हमारी तैयारी पूरी है।
हमने अपने परिवार की 28 बीघा भूमि अधिग्रहण में दी है। अब तक फसल उगाते आ रहे हैं। अब शायद फसल नहीं कर पाएंगे। यूपीडा ने चेतावनी देना शुरू कर दिया है।
-आकाश कुमार, किसान जुलूपुर सिहौर
- हमारे परिवार के सदस्यों ने भी इस अधिग्रहण में भूमि दी है। अब तक यहां यूपीडा ने काम शुरू नहीं किया था। अब यूपीडा की ओर से जल्द काम शुरू होने के संकेत मिल रहे हैं।
-देवेश कुमार, किसान जुलूपुर सिहौर
-हमारे द्वारा 90 फीसदी से अधिक भूमि अधिग्रहीत कर ली गई है। जो छह हेक्टेयर भूमि रह गई है, उसे एकतरफा अधिग्रहण की प्रक्रिया राजस्व नियमों के अनुसार शुरू कर दी गई है। इसमें एक टीम सभी पहलुओं पर जांच कर रिपोर्ट देगी। इसके बाद कदम उठाया जाएगा।-पंकज कुमार, एडीएम प्रशासन
अंडला में 18 यूनिटों तक पहुंची बिजली, इस माह चार में शुरू होगा काम
डिफेंस कॉरिडोर के अंडला स्थित मुख्य नोड में भी यूनिटों में उत्पादन शुरू करने की प्रक्रिया बहुत तेज हो चली है। पिछले दिनों यूपीडा द्वारा दिखाई गई सख्ती व तीन आवंटियों के प्लाट निरस्त किए जाने के बाद यहां अब तक 18 यूनिटों ने बिजली कनेक्शन ले लिए हैं। इस माह में चार यूनिटों में उत्पादन शुरू होने के संकेत हैं।
केंद्र सरकार द्वारा प्रदेश में 2021 में डिफेंस कॉरिडोर विकसित करते हुए पांच नोड बनाए, जिनमें एक नोड अलीगढ़ में खैर रोड पर अंडला में विकसित किया गया। यहां अब तक एक इकाई इसरो को सेटेलाइट मार्किंग साझा करती है। एक निजी क्षेत्र व सेना-पुलिस के लिए हथियार उत्पादन कर रही है। तीन अन्य इकाइयों में अन्य रक्षा उत्पाद तैयार हो रहे हैं। अब चार इकाइयां जल्द शुरू होने जा रही हैं। उनमें से दो की पुरानी यूनिटें शहर में चल रही हैं। इन चारों में रक्षा उत्पाद, बुलेटप्रूफ जैकेट, ड्रोन व एंटी ड्रोन के साथ-साथ अन्य उत्पाद बनाए जाएंगे। बाकी में भी काम आने वाले माह में शुरू होने के संकेत हैं।
- हमारी यूनिट में बहुत जल्द उत्पादन शुरू करने की तैयारी है। इसके लिए अंदर इंटीरियर का काम बाकी रह गया है।
-अनुपम प्रसाद निवेशक
- सिर्फ बिजली संयोजन के साथ ट्रांसफॉर्मर का काम बाकी रह गया है। इसके पूरा होते ही इसी माह में काम शुरू होने के संकेत हैं।-तरुण सक्सेना, निवेशक
-हमारी इकाई में इस माह के अंदर उत्पादन शुरू होने की तैयारी है। सभी तैयारियां पूरी हो गई हैँ। कुछ कमियां दूर की जा रही हैं।-राजीव अग्रवाल, निवेशक
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तैयारी ऐसी है कि मौजूदा फसल के कटने के बाद यहां बाउंड्रीवाल के साथ-साथ अन्य विकास कार्य शुरू करा दिए जाएंगे। इस तरह अधिग्रहीत भूमि पर वर्तमान में खड़ी फसल आखिरी फसल मानी जा रही है। ये बात रविवार को कानपुर हाईवे के सहारे गांव जुलूपुर सिहौर-जसरथपुर की कृषि भूमि पर फसल कर रहे किसानों ने अमर उजाला से बातचीत में खुद स्वीकारी।
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डिफेंस कॉरिडोर अलीगढ़ नोड अलीगढ़-पलवल रोड के गांव अंडला पर वर्ष 2021 में विकसित किया गया था। वहां बगल में बाटलिंग प्लांट होने के कारण गोला-बारूद बनाने वाली इकाइयां न लगाना तय किया गया। इसके बाद जीटी रोड पर अलीगढ़ एयरपोर्ट से आगे गांव जुलूपुर सिहौर व जसरथपुर के आसपास अंडला नोड का पार्ट-2 विकसित करना तय किया गया।
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जहां किसानों से सहमति के बाद 87 हेक्टेयर भूमि पहले चरण में लेना तय किया गया। इस पर अब तक 81 हेक्टेयर से ज्यादा भूमि का अधिग्रहण हो चुका है। छह हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण कुछ किसानों की निजी समस्याओं व कुछ के द्वारा न दिए जाने के कारण नहीं हुआ है, लेकिन इस छह हेक्टेयर भूमि पर एकतरफा अधिग्रहण की कवायद प्रशासन ने तेज कर दी है।
इस संबंध में जिला प्रशासन ने संस्तुति रिपोर्ट शासन को भेज दी है। वहां से जल्द टीम आकर इस प्रक्रिया को पूरा कराएगी। इधर, अधिकांश भूमि का अधिग्रहण करीब डेढ़ वर्ष पहले पूरा हो गया है। जिस पर मुआवजा व बैनामा के बाद भी किसान फसल करते आ रहे हैं। अब यूपीडा ने वहां चेतावनी बोर्ड लगा दिए हैं। जिन पर लिखा है कि अगर अब फसल बोने के साथ अन्य कोई काम किया तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस विषय में यूपीडा के स्थानीय अवर अभियंता लायक सिंह बताते हैं कि इस साइट पर 40 प्लॉटों का नक्शा बनने के साथ-साथ 65 करोड़ का बजट जारी होने व टेंडर की प्रक्रिया पूरी हो गई है। वर्तमान फसल के कटते ही इस साइट पर बाउंड्रीवाल सहित अन्य विकास कार्य शुरू हो जाएंगे। हमारी तैयारी पूरी है।
हमने अपने परिवार की 28 बीघा भूमि अधिग्रहण में दी है। अब तक फसल उगाते आ रहे हैं। अब शायद फसल नहीं कर पाएंगे। यूपीडा ने चेतावनी देना शुरू कर दिया है।
-आकाश कुमार, किसान जुलूपुर सिहौर
- हमारे परिवार के सदस्यों ने भी इस अधिग्रहण में भूमि दी है। अब तक यहां यूपीडा ने काम शुरू नहीं किया था। अब यूपीडा की ओर से जल्द काम शुरू होने के संकेत मिल रहे हैं।
-देवेश कुमार, किसान जुलूपुर सिहौर
-हमारे द्वारा 90 फीसदी से अधिक भूमि अधिग्रहीत कर ली गई है। जो छह हेक्टेयर भूमि रह गई है, उसे एकतरफा अधिग्रहण की प्रक्रिया राजस्व नियमों के अनुसार शुरू कर दी गई है। इसमें एक टीम सभी पहलुओं पर जांच कर रिपोर्ट देगी। इसके बाद कदम उठाया जाएगा।-पंकज कुमार, एडीएम प्रशासन
अंडला में 18 यूनिटों तक पहुंची बिजली, इस माह चार में शुरू होगा काम
डिफेंस कॉरिडोर के अंडला स्थित मुख्य नोड में भी यूनिटों में उत्पादन शुरू करने की प्रक्रिया बहुत तेज हो चली है। पिछले दिनों यूपीडा द्वारा दिखाई गई सख्ती व तीन आवंटियों के प्लाट निरस्त किए जाने के बाद यहां अब तक 18 यूनिटों ने बिजली कनेक्शन ले लिए हैं। इस माह में चार यूनिटों में उत्पादन शुरू होने के संकेत हैं।
केंद्र सरकार द्वारा प्रदेश में 2021 में डिफेंस कॉरिडोर विकसित करते हुए पांच नोड बनाए, जिनमें एक नोड अलीगढ़ में खैर रोड पर अंडला में विकसित किया गया। यहां अब तक एक इकाई इसरो को सेटेलाइट मार्किंग साझा करती है। एक निजी क्षेत्र व सेना-पुलिस के लिए हथियार उत्पादन कर रही है। तीन अन्य इकाइयों में अन्य रक्षा उत्पाद तैयार हो रहे हैं। अब चार इकाइयां जल्द शुरू होने जा रही हैं। उनमें से दो की पुरानी यूनिटें शहर में चल रही हैं। इन चारों में रक्षा उत्पाद, बुलेटप्रूफ जैकेट, ड्रोन व एंटी ड्रोन के साथ-साथ अन्य उत्पाद बनाए जाएंगे। बाकी में भी काम आने वाले माह में शुरू होने के संकेत हैं।
- हमारी यूनिट में बहुत जल्द उत्पादन शुरू करने की तैयारी है। इसके लिए अंदर इंटीरियर का काम बाकी रह गया है।
-अनुपम प्रसाद निवेशक
- सिर्फ बिजली संयोजन के साथ ट्रांसफॉर्मर का काम बाकी रह गया है। इसके पूरा होते ही इसी माह में काम शुरू होने के संकेत हैं।-तरुण सक्सेना, निवेशक
-हमारी इकाई में इस माह के अंदर उत्पादन शुरू होने की तैयारी है। सभी तैयारियां पूरी हो गई हैँ। कुछ कमियां दूर की जा रही हैं।-राजीव अग्रवाल, निवेशक