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दीनदयाल की हालत ‘दीन’, हाल बेहाल
दीपक शर्मा
Updated Thu, 05 May 2016 01:48 AM IST
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अस्पताल
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कहने को तो दीन दयाल संयुक्त अस्पताल की इमारत अन्य सरकारी अस्पतालों से बेहतर है लेकिन अंदर की हालत बदहाल अस्पतालों से भी बदहाल है।
यहां डाक्टरों के इंतजार में मरीज भटकते हैं या लाइन में खड़े होकर आधा दिन गुजार देते हैं। बुधवार को अमर उजाला अस्पताल लाइव में मरीजों ने बताया निर्धारित समय( सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक) की जगह डाक्टर 11 बजे आते हैं। भीषण गर्मी में मरीज इंतजार करते हैं और बिलबिला कर रह जाते हैं।
भारी भीड़ के चलते मरीज और तीमारदार फर्श पर ही लेटने को मजूबर। अस्पताल परिसर में आग बुझाने की प्रणाली तो खराब लेकिन आग लगे इसके लिए खुले आम धूम्रपान और जलती माचिस की तीली मौजूद। दवा काउंटर से लेकर डाक्टर के बूथ पर मरीजों की कोई सुनवाई नहीं।
‘सुबह से लाइन में लगे हैं। डाक्टर ही अभी 11 बजे आए हैं और देखना शुरूकिया है’ - रतनलाल, अतरौली
‘मरीज खड़े रहते हैं और डाक्टर मोबाइल पर बात करते रहते हैं। बीच में उठकर भी चले जाते हैं’ -बंजू, नगला मीरपुर
‘एक तो बीमारी और दूसरे यहां पर लाइन में लगने की तकलीफ। इलाज से ज्यादा तो यहां पर बीमारी बढ़ रही है’ - नगमा, रजा नगर
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यहां डाक्टरों के इंतजार में मरीज भटकते हैं या लाइन में खड़े होकर आधा दिन गुजार देते हैं। बुधवार को अमर उजाला अस्पताल लाइव में मरीजों ने बताया निर्धारित समय( सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक) की जगह डाक्टर 11 बजे आते हैं। भीषण गर्मी में मरीज इंतजार करते हैं और बिलबिला कर रह जाते हैं।
भारी भीड़ के चलते मरीज और तीमारदार फर्श पर ही लेटने को मजूबर। अस्पताल परिसर में आग बुझाने की प्रणाली तो खराब लेकिन आग लगे इसके लिए खुले आम धूम्रपान और जलती माचिस की तीली मौजूद। दवा काउंटर से लेकर डाक्टर के बूथ पर मरीजों की कोई सुनवाई नहीं।
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‘सुबह से लाइन में लगे हैं। डाक्टर ही अभी 11 बजे आए हैं और देखना शुरूकिया है’ - रतनलाल, अतरौली
‘मरीज खड़े रहते हैं और डाक्टर मोबाइल पर बात करते रहते हैं। बीच में उठकर भी चले जाते हैं’ -बंजू, नगला मीरपुर
‘एक तो बीमारी और दूसरे यहां पर लाइन में लगने की तकलीफ। इलाज से ज्यादा तो यहां पर बीमारी बढ़ रही है’ - नगमा, रजा नगर