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छात्रों ने एएमयू को पूरी तरह खोलने की उठाई मांग, कहा- ऑनलाइन पढ़ाई में हो रही काफी दिक्कत
Mon, 08 Feb 2021 02:16 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, अलीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, अलीगढ़
Published by: अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 08 Feb 2021 02:16 AM IST
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एएमयू
- फोटो : अमर उजाला
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय को छात्रों के लिए खोले जाने के संबंध में रविवार को विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा विचार विमर्श किया गया। लेकिन इस दिशा में सरकारी दिशानिर्देशों के अनुपालन में आ रही समस्याओं को देखते हुए फिलहाल विश्वविद्यालय खोलने के संबंध में निर्णय नहीं लिया गया है। यही बात एएमयू द्वारा संचालित स्कूलों के संबंध में भी बताई गई है।
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय को छात्रों के लिए पूरी तरह खोले जाने की मांग उठाई जा रही है। इस संबंध में विश्वविद्यालय प्रशासन ने जब विचार मंथन किया, तब पाया कि कोरोना महामारी को लेकर सरकार की गाइडलाइन है कि छात्रावासों में कमरे शेयर नहीं किए जाएंगे। एक कमरे में एक छात्र रहेगा। इसके अलावा छात्रों को 14 दिन का पृथकावास पूरा करना होगा।
कक्षाओं में भी 50 फ़ीसदी की उपस्थिति के लिए निर्देशित किया गया है। इन निर्देशों का अनुपालन विश्वविद्यालय को कर पाना संभव दिखाई नहीं दे रहा है क्योंकि एएमयू एक आवासीय विश्वविद्यालय है और हजारों छात्र यहां पर छात्रावास में रहते हैं। प्रत्येक छात्र के लिए अलग कमरा उपलब्ध करा पाना संभव नहीं है।
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विश्वविद्यालय के अलावा स्कूलों में भी छात्रावास की व्यवस्था रहती है। वहां भी हजारों छात्र रहते हैं। सूत्रों के मुताबिक इन बातों को देखते हुए फिलहाल विश्वविद्यालय को छात्रों के लिए पूरी तरह खोलने पर फैसला नहीं हो पाया है। हालांकि ऑनलाइन कक्षाओं के संचालन को जारी रखने का फैसला किया गया है।
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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय को छात्रों के लिए पूरी तरह खोले जाने की मांग उठाई जा रही है। इस संबंध में विश्वविद्यालय प्रशासन ने जब विचार मंथन किया, तब पाया कि कोरोना महामारी को लेकर सरकार की गाइडलाइन है कि छात्रावासों में कमरे शेयर नहीं किए जाएंगे। एक कमरे में एक छात्र रहेगा। इसके अलावा छात्रों को 14 दिन का पृथकावास पूरा करना होगा।
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कक्षाओं में भी 50 फ़ीसदी की उपस्थिति के लिए निर्देशित किया गया है। इन निर्देशों का अनुपालन विश्वविद्यालय को कर पाना संभव दिखाई नहीं दे रहा है क्योंकि एएमयू एक आवासीय विश्वविद्यालय है और हजारों छात्र यहां पर छात्रावास में रहते हैं। प्रत्येक छात्र के लिए अलग कमरा उपलब्ध करा पाना संभव नहीं है।
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विश्वविद्यालय के अलावा स्कूलों में भी छात्रावास की व्यवस्था रहती है। वहां भी हजारों छात्र रहते हैं। सूत्रों के मुताबिक इन बातों को देखते हुए फिलहाल विश्वविद्यालय को छात्रों के लिए पूरी तरह खोलने पर फैसला नहीं हो पाया है। हालांकि ऑनलाइन कक्षाओं के संचालन को जारी रखने का फैसला किया गया है।