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हाईकोर्ट में आज हो सकता है स्टे पर निर्णय

Mon, 24 Jul 2017 01:41 AM IST
अमर उजाला, अलीगढ़
अमर उजाला, अलीगढ़ Updated Mon, 24 Jul 2017 01:41 AM IST
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Decision on stay today in the High Court
delhi court
बसपा नेता एवं जिला पंचायत अध्यक्ष उपेंद्र सिंह नीटू के खिलाफ 29 जुलाई को प्रस्तावित अविश्वास प्रस्ताव बैठक पर स्टे की मांग को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में सोमवार को सुनवाई होगी। बसपा पक्ष इस प्रकरण में स्टे की मांग कर रहा है तो भाजपा पक्ष अविश्वास प्रस्ताव बैठक कराने की मांग कर रहा है। उच्च न्यायालय में जिला प्रशासन का पक्ष रखने के लिए अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत उमेश कुमार इलाहाबाद रवाना हो गए हैं तो दोनों पक्षों के पैरोकार भी पहुंच रहे हैं। अब न्यायालय का फैसला क्या होगा? इस पर सभी की निगाहें टिक गईं हैं। 
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जिला पंचायत अध्यक्ष उपेंद्र सिंह नीटू के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव बैठक की तारीख जिला प्रशासन ने 29 जुलाई मुकर्रर की है। इस मामले में भाजपा समर्थित पक्ष ने उच्चन्यायालय इलाहाबाद में पहले से कैविएट दाखिल कर रखी है, ताकि अध्यक्ष पक्ष अगर स्टे की मांग करे तो उनका पक्ष भी सुना जाए। पूर्व जिला पंचायत सदस्य पति शिव नारायण शर्मा ने बताया कि न्यायालय में सोमवार को निर्णय हो सकता है। हमारी ओर से जिला पंचायत सदस्य अजीत गौड़ इलाहाबाद जा रहे हैं। 
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पूर्व सदस्य बोले स्टे मुश्किल 
पूर्व जिपं सदस्य पति शिव नारायण शर्मा ने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव पर स्थगन आदेश मिलना मुश्किल ही नजर आ रहा है। विशेष रूप से उच्च न्यायालय की डबल बैंच की एक नजीर पर गौर फरमाए तो ऐसा ही लगता है। डबल बैंच के फैसले के बाद अब तक किसी भी मामले में स्थगन आदेश नहीं मिला है। 
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हड़ताल हुई, तो फैसला मुश्किल  
अविश्वास प्रस्ताव पर फैसले की तारीख बढ़ भी सकती है। बताया जाता है उच्च न्यायालय के कुछ अधिवक्ता किसी प्रकरण के विरोध में हैं और सोमवार को हड़ताल पर जा सकते हैं।


..तो मिल सकता है स्टे
 इधर जिपं अध्यक्ष पक्ष की माने तो अविश्वास प्रस्ताव की मांग करने में भाजपा पक्ष से एक गलती हो गई है। जिसका उनको पूरा लाभ मिल सकता है। नियमानुसार अविश्वास प्रस्ताव की मांग में धारा 28 के तहत प्रपत्र प्रोफार्मा भरकर जिला कलेक्टर के नाम से दाखिल करना होता है। ये प्रपत्र जिला कलेक्टर की अदालत में दाखिल होना चाहिए। लेकिन विरोधी खेमे ने एडीएम सिटी के सामने इसकी पेशकश कर दी थी। जो अदालत में अमान्य हो सकती है। स्टे मिलने का ये बड़ा आधार हो सकता है।  
 
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