{"_id":"5f31ac388ebc3e3d0c7106e3","slug":"death-of-a-corona-infected-being-treated-with-plasma-therapy-city-office-news-ali2409053166","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्लाज्मा थेरेपी से इलाज करा रहे कोरोना संक्रमित की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्लाज्मा थेरेपी से इलाज करा रहे कोरोना संक्रमित की मौत
विज्ञापन
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जेएन मेडिकल कॉलेज में प्लाज्मा थेरेपी से उपचार करा रहे कोरोना संक्रमित 72 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो गई। वह पहले मरीज थे, जिनका मेडिकल कॉलेज में प्लाज्मा थेरेपी से इलाज किया जा रहा था। मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल के मुताबिक, बुजुर्ग के कई अंगों ने एक साथ काम करना बंद कर दिया था, जिससे उनकी मौत हो गई।
मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल प्रोफेसर शाहिद अली सिद्दीकी ने बताया कि पिछले दिनों 72 वर्षीय बुजुर्ग को कोरोना संक्रमण से ग्रस्त होने के बाद दीनदयाल संयुक्त चिकित्सालय से जेएन मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था। उनकी हालत गंभीर थी। उन्हें कोरोना वायरस संक्रमण होने के साथ-साथ हाइपरटेंशन और मल्टीपल ऑर्गन फेल्योर की भी शिकायत थी। वह पहले मरीज थे, जिनका प्लाज्मा थेरेपी से उपचार किया जा रहा था। उनको दो यूनिट ब्लड प्लाज्मा के लिए चढ़ाया गया था।
हालांकि, डॉक्टरों ने उन्हें बचाने का हर संभव प्रयास किया लेकिन शरीर के कई अंगों ने एक साथ काम करना बंद कर दिया था। प्रिंसिपल प्रोफेसर शाहिद अली सिद्दीकी ने बताया कि बुजुर्ग की मौत का कारण सिर्फ कोरोना वायरस संक्रमण नहीं है उन्हें और भी गंभीर समस्याएं थी। गौरतलब हो कि पिछले दिनों जेएन मेडिकल कॉलेज में प्लाज्मा थेरेपी के माध्यम से उपचार की शुरुआत की गई थी और प्लाज्मा बैंक भी शुरू किया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल प्रोफेसर शाहिद अली सिद्दीकी ने बताया कि पिछले दिनों 72 वर्षीय बुजुर्ग को कोरोना संक्रमण से ग्रस्त होने के बाद दीनदयाल संयुक्त चिकित्सालय से जेएन मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था। उनकी हालत गंभीर थी। उन्हें कोरोना वायरस संक्रमण होने के साथ-साथ हाइपरटेंशन और मल्टीपल ऑर्गन फेल्योर की भी शिकायत थी। वह पहले मरीज थे, जिनका प्लाज्मा थेरेपी से उपचार किया जा रहा था। उनको दो यूनिट ब्लड प्लाज्मा के लिए चढ़ाया गया था।
विज्ञापन
हालांकि, डॉक्टरों ने उन्हें बचाने का हर संभव प्रयास किया लेकिन शरीर के कई अंगों ने एक साथ काम करना बंद कर दिया था। प्रिंसिपल प्रोफेसर शाहिद अली सिद्दीकी ने बताया कि बुजुर्ग की मौत का कारण सिर्फ कोरोना वायरस संक्रमण नहीं है उन्हें और भी गंभीर समस्याएं थी। गौरतलब हो कि पिछले दिनों जेएन मेडिकल कॉलेज में प्लाज्मा थेरेपी के माध्यम से उपचार की शुरुआत की गई थी और प्लाज्मा बैंक भी शुरू किया गया था।
विज्ञापन