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हाथरसः देर रात घर पहुंचा पीड़िता का शव, हंगामे के बाद अंतिम संस्कार

अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Wed, 30 Sep 2020 03:54 AM IST

सार

  • रात करीब सवा दो बजे तक मान-मनौव्वल का दौर चलता रहा
  • करीब ढाई बजे बिटिया के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। 
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इलाके में तैनात पुलिस...
इलाके में तैनात पुलिस... - फोटो : अमर उजाला

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विस्तार

दिल्ली से बिटिया का शव भारी सुरक्षा के बीच रात करीब पौने एक बजे गांव लाया गया। प्रशासनिक अधिकारियों की मंशा थी कि सुबह होने से पहले शव का अंतिम संस्कार करा दिया जाए जबकि परिवार वालों का कहना था कि वह सुबह होने पर अंतिम संस्कार करेंगे। इसी को लेकर हंगामा शुरू हो गया। महिलाएं एंबुलेंस के सामने लेट गईं।
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रात करीब सवा दो बजे तक मान-मनौव्वल का दौर चलता रहा। बाद में पुलिस प्रशासन ने बलपूर्वक एंबुलेंस के सामने लेटी महिलाओं को हटाया। इस दौरान धक्कामुक्की और खींचतान भी हुई। इस दौरान वहां पर चीख-पुकार मचने लगी। इसके बाद शव को श्मशान ले जाया गया और करीब ढाई बजे बिटिया के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। 


इससे पहले एंबुलेंस जैसे ही गांव पहुंची परिजनों में कोहराम मच गया। परिवार वाले बिटिया का शव घर के अंदर ले जाने की मांग करने लगे। लेकिन पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए अंतिम संस्कार करने की बात कही। इस पर गांव वालों को गुस्सा और भड़क गया। 

एंबुलेंस से शव जबरन उतरवाने की कोशिश शुरू कर दी। पुलिस और लोगों के बीच खींचतान और हायतौबा मचने लगी। मौके पर मौजूद डीएम और एसपी ने भी ग्रामीणों और परिवार वालों को समझाया। लेकिन कोई भी मानने को तैयार नहीं था। इधर, जैसे ही चालक एंबुलेंस को गांव के श्मशान की ओर ले जाने लगा, वैसे महिलाएं एंबुलेंस के सामने लेट गईं और हंगामा करना शुरू कर दिया। 

 रात करीब 1.45 बजे तक हंगामा चलता रहा। अफसरों और गांव वालों के बीच नोकझोंक होती रही। प्रशासनिक अधिकारियों की मंशा थी कि सुबह होने से पहले शव का अंतिम संस्कार करा दिया जाए जबकि परिवार वालों का कहना था कि उनके यहां रात में अंतिम संस्कार नहीं होता है। वह सुबह होने पर अंतिम संस्कार करेंगे। ग्रामीणों के अड़ने पर एंबुलेंस फिर वापस लाई गई लेकिन अफसरों ने शव उतारने से मना कर दिया। हालांकि, अफसर पीड़िता के पिता को भरोसे में लेकर अंतिम संस्कार रात में कराने के प्रयास में लगे थे। 

 इधर, रात में लगातार हंगामा बढ़ता देखकर गांव में आसपास के जिलों से भी फोर्स पहुंच गया है। पूरा गांव छावनी में तब्दील हो गया है। साथ ही गांव से दो किलोमीटर की परिधि में आने-जाने वाले सभी रास्तों में बैरियर लगाकर फोर्स को तैनात कर दिया गया है। किसी भी बाहरी व्यक्ति को गांव में घुसने नहीं दिया जा रहा है। 
  
चंदपा थाने पहुंचे प्रभारी मंत्री और सांसद 
लोक निर्माण विभाग के गेस्ट में मौजूद जिले के प्रभारी मंत्री भूपेंद्र चौधरी, सांसद राजवीर दिलेर, बुलंदशहर के सांसद भोला सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष गौरव आर्य, जिला पंचायत अध्यक्ष विनोद उपाध्याय गांव के घटनाक्रम की पल-पल की अपडेट ले रहे थे। इसी बीच आईजी पीयूष मोर्डिया और कमिश्नर जीएस प्रियदर्शी चंदपा थाने पहुंच गए। इसके बाद प्रभारी मंत्री, सांसद आदि भाजपा नेता भी थाने पहुंच गए। बताया जा रहा है कि सभी के बिटिया के गांव जाने की तैयारी हो रही थी।

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