Aligarh News: रात में लापता बालिका की लाश भूसे में दबी मिली, दुष्कर्म के बाद गला दबाकर हत्या
रात भर पुलिस व परिवार बच्ची को तलाशता रहा। मगर सुबह पड़ोसी के घेर में बच्ची की चप्पल मिलने के बाद उसकी लाश भूसे में दबी मिली।
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अलीगढ़ में खैर इलाके के शिवाला चौकी क्षेत्र के गांव में रविवार देर शाम से लापता अनुसूचित जाति परिवार की आठ वर्षीय बालिका की दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई। रात भर पुलिस व परिवार बच्ची को तलाशता रहा। मगर सुबह पड़ोसी के घेर में बच्ची की चप्पल मिलने के बाद उसकी लाश भूसे में दबी मिली।
खबर पर पुलिस के आला अधिकारी फील्ड यूनिट व डॉग स्क्वायड संग पहुंच गए। इस दौरान गुस्साए परिवार ने बमुश्किल शव उठने दिया। शाम को शव पोस्टमार्टम के बाद गांव में पहुंचा तो कड़ी सुरक्षा के बीच अंतिम संस्कार की प्रक्रिया कराई गई। इधर, एसएसपी ने मामले में एसपी देहात की अगुवाई में घटना के खुलासे को टीम का गठन किया है।
बताया गया है कि गैर प्रांत में नौकरी करने वाले ग्रामीण की आठ वर्षीय बालिका रविवार की देर शाम घर के बाहर खेलते समय लापता हो गई थी। इस सूचना पर सीओ राजीव द्विवेदी, इंस्पेक्टर सुबोध कुमार आदि गांव पहुंचे। इसके बाद आसपास के सीसीटीवी आदि की मदद से देर रात तक बालिका की तलाश में पुलिस व परिजन लगे रहे। मगर सुराग नहीं लगा। सोमवार सुबह फिर इंस्पेक्टर गांव पहुंचे और लोगों से पूछताछ शुरू कर दी। इसी बीच सुबह करीब नौ बजे पड़ोसी महिला बालिका के घर से दो सौ मीटर दूर स्थित अपने घेर के टिनशेड में रखे भूसे को निकालने गई।
वहां उसे बेलपत्र के पेड़ के नीचे बालिका की चप्पल दिखाई दी। इस पर महिला ने शोर मचा दिया। वहां भीड़ जमा हो गई। बाद में बालिका को तलाशा गया तो उसी के घेर में भूसे के ढेर में दबी बच्ची की लाश मिल गई। उसकी गर्दन व चेहरे पर खरोंच के निशान थे। इस पर ग्रामीण उत्तेजित हो गए। हंगामा करने लगे। खबर पर एसएसपी कलानिधि नैथानी, एसपी देहात पलाश बसंल भी मौके पर पहुंच गए। साक्ष्य संकलन के लिए टीमों को बुलाया गया।
किसी तरह परिवार को समझाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। जहां पैनल के जरिये पोस्टमार्टम के बाद वापस शव गांव लाया। अभी पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का अध्ययन कर रही है। जिसमें तस्वीर साफ होगी कि बालिका को कब और कैसे मारा गया। हालांकि कपड़े तो सही सलामत मिले हैं। मगर प्रारंभिक तौर पर शव पर खरोंच आदि के निशान को देखते हुए दुष्कर्म के बाद हत्या मानते गुमशुदगी की तहरीर को मुकदमे में तरमीम कर लिया गया है।
दादा को नहीं मिली तब शुरू हुई तलाश
जिस बालिका की हत्या हुई है। वह चार भाई बहनों में दूसरे नंबर की थी। उससे बड़ा एक भाई, फिर छोटा भाई और सबसे छोटी बहन है। बच्ची गांव के स्कूल में दूसरी कक्षा में पढ़ती थी और पढऩे में भी होनहार थी। पिता बाहर नौकरी करते हैं। दादा भी काम पर जाते हैं। देर शाम जब दादा रोजाना की तरह काम से लौटे तो उन्होंने घर के सभी बच्चों से मुलाकात की। मगर रिंकी नहीं दिखी। इस पर उन्होंने परिवार में सवाल जवाब किए। मगर काफी खोज के बाद बच्ची का पता नहीं चला तो उसकी तलाश शुरू हुई। इधर, सूचना पर रात में ही पिता भी गांव लौट आए हैं। सुबह बच्ची का शव मिलने के बाद पूछताछ में रंजिश की कोई बात सामने नहीं आई है।
पड़ोस में छिपा हत्यारा, गठित टीम की जांच कर रही इशारा
एसएसपी कलानिधि नैथानी ने इस घटना के खुलासे के लिए एसपी देहात पलाश बंसल की अगुवाई में टीम का गठन किया है। जिसमें सीओ खैर, विवेचक इंस्पेक्टर खैर, चौकी प्रभारी शिवाला, प्रभारी सर्विलांस, प्रभारी एसओजी, प्रभारी डीसीआरबी, प्रभारी एएचटीयू, प्रभारी फील्ड यूनिट को शामिल किया गया है। एसपी देहात खैर में ही कैंप किए हुए हैं। देर रात तक चली जांच में हालात कुछ ऐसी कहानी बयां कर रहे थे, जिससे यह साफ झलक रहा था कि हत्यारा पड़ोस में ही छिपा है। इसे लेकर कुछ लोगों को चिह्नित किया गया है। उनसे रात में पूछताछ की तैयारी है। जिस घेर में शव मिला है, उसके इर्द गिर्द और उससे जुड़े कुछ लोग पुलिस के रडार पर आए हैं। क्योंकि जिस घेर में शव मिला है, उसकी बाउंड्री है और उसमें गेट लगा है। उसमें कोई पहचान वाला या तो अंदर जाएगा या फिर उसे कूदकर जाएगा तो बच्ची को कैसे ले गया होगा? इन सवालों पर पुलिस ने कुछ लोग चिह्नित किए हैं।
मासूम के शव को देख दुखी हुए एसएसपी
सोमवार दोपहर जब एसएसपी को सूचना मिली तो वे मौके पर पहुंचे। वहां जाकर मौका मुआयना करते हुए जब मासूम बच्ची के शव पर उनकी नजर गई तो वे खुद को संभाल न सके। बस एक ही सवाल उन्होंने भीड़ के बीच किया कि आखिर इस मासूम बच्ची को क्यों मारा होगा? शुरुआत में उसके कपड़े ठीक थे। मतलब अस्त व्यस्त नहीं थे। जब खरोंच के निशानों पर गौर किया तो उन्होंने कहा कि यह दरिंदगी किसी ऐसे व्यक्ति ने ही की होगी, जो बच्चों से प्यार न करता होगा। एसएसपी बताते हैं कि देखने से लग रहा था कि बच्ची को रात में ही मारकर दबाया गया है। उनका कहना था कि वैसे तो पुलिस सेवा काल में हर दिन कुछ न कुछ खराब देखने को मिलता है। मगर बच्ची के मासूम चेहरे को देख वे खुद को कुछ देर संभाल न सके। उन्होंने इसी मंशा से आरोपी को जल्द खोजने और कड़ी से कड़ी सजा की तैयारी का मन बनाया है।
वैसे तो रात से ही पुलिस बच्ची को खोज रही थी। मगर सुबह शव मिलने के बाद अपहरण, हत्या, दुष्कर्म आदि धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। कुछ ऐसे साक्ष्य मिले हैं, जिनके सहारे आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। इस प्रकरण में टीम का गठन कर दिया है। जल्द खुलासा और सख्त कार्रवाई की तैयारी है। -कलानिधि नैथानी, एसएसपी
पहले दुष्कर्म, फिर गला दबाकर मारा
बालिका की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पहले दुष्कर्म और फिर गला दबाकर हत्या किया जाना उजागर हुआ है। हालांकि पुलिस अभी इसका अध्ययन करने में जुटी है। मगर सूत्र बताते हैं कि हत्या अपहरण के कुछ समय बाद ही हो गई थी। ऐसा भी लग रहा है जैसे बच्ची का सिर दीवार में मारा गया हो। इके अलावा शरीर के अन्य हिस्सों पर भी खरोंच जैसे वार उसके गिरने या छीना झपटी के प्रयास में आए हों। पैरों में भी चोट के निशान मिले हैं। साथ में स्लाइड भी बनाई गई है। जिसे दुष्कर्म की फाइनल पुष्टि के लिए भेजा जाएगा।