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क्रिकेट के मैदान पर बेटियां दिखा रहीं दम: तानों के 'बाउंसर' पर बेटियों का प्रहार, गेंद सीमा रेखा के पार

Mon, 04 Nov 2024 04:51 PM IST
चमन शर्मा इकराम वारिस, अमर उजाला, अलीगढ़
इकराम वारिस, अमर उजाला, अलीगढ़ Published by: चमन शर्मा Updated Mon, 04 Nov 2024 04:51 PM IST
सार

बेटियों ने बल्ला और गेंद थामी तो विरोध शुरू हो गया था। पड़ोसियों और रिश्तेदारों के ताने उन्हें हतोत्साहित करने लगे। ऐसे में भाइयों ने साथ दिया और हौसला बढ़ाया।

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Daughters showing their strength on the cricket field
क्रिक्रेट खेलतीं हुमैरा रईस - फोटो : संवाद

विस्तार

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खिलाड़ी रिंकू सिंह दुनियाभर में अलीगढ़ को पहचान दिला रहे हैं तो मुस्कान राष्ट्रीय महिला क्रिकेट टीम का हिस्सा रह चुकी हैं। आज इनकी तरह 20 बेटियां क्रिकेट मैदान में दम दिखाने को बेताब हैं। लेकिन इनका सफर इतना भी आसान नहीं रहा है। बेटियों ने बल्ला और गेंद थामी तो विरोध शुरू हो गया था। पड़ोसियों और रिश्तेदारों के ताने उन्हें हतोत्साहित करने लगे। ऐसे में भाइयों ने साथ दिया और हौसला बढ़ाया।

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भाई ने अभ्यास के लिए छत पर लगा दिया नेट
बल्लेबाज और विकेट कीपर मुस्कान यूपी टीम की कप्तान और महिला एशिया कप में वह राष्ट्रीय टीम का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। वह वर्ष 2019-20 में महिला टी-20 चैलेंजर्स में हरमनप्रीत की कप्तानी वाली सुपरनोवाज टीम का हिस्सा भी रही हैं। उन्होंने शुरूआत की तो लोग ताने मारते थे। ऐसे में भाई राशिद ने सहयोग दिया और अभ्यास के लिए मैदान लेकर आते-जाते थे। रात में भी वह अभ्यास करें, इसके लिए छत पर ही नेट लगवा दिया। मुस्कान ने बताया कि क्रिकेट उनका जुनून है।
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एक साथ अभ्यास करते भाई-बहन
हुमैरा रईस और भाई अमीर हम्जाह एक साथ अभ्यास करते हैं। हुमैरा ने वर्ष 2013 से क्रिकेट खेलना शुरू किया। वह महिला यूपी रणजी टीम का हिस्सा भी रहीं। हुमैरा ने कहा कि वह भाई और अब्बू रईस अहमद की देखरेख में अभ्यास करती हैं। उसका सपना भारतीय महिला क्रिकेट टीम का हिस्सा बनने का है। इन्होंने बताया कि जब खेलना शुरू किया तो रिश्तेदारों ने कहा था कि यह लड़कियों का खेल नहीं है। लेकिन भाई ने हौसला दिया और आगे बढ़ने में मदद की।
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भाइयों ने बढ़ाया बहनों का हौसला
निशा और नंदिनी को क्रिकेटर बनाने के लिए उनके भाई दीपक भारद्वाज हर कदम पर साथ दे रहे हैं। रोज उन्हें क्रिकेट मैदान लाते-ले जाते हैं। यूपी अंडर-15 खेल चुकीं शिवांंगी याज्ञनिक का भी उनके भाई सहयोग कर रहे हैं। अंडर-19 खेल चुकीं नीतू, रितिका माथुर, चंचल आदि को भी आज परिवार का समर्थन मिल रहा है।

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