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डीएपी की किल्लत: एक दिन पहले से लाइन में लगे किसान, छात्राएं, बीमार और दिव्यांग, न पानी है और न शौचालय
Mon, 11 Nov 2024 11:03 AM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: चमन शर्मा
Updated Mon, 11 Nov 2024 11:03 AM IST
सार
डीएपी पाने के लिए महिला और पुरुष की अलग-अलग लाइन लगीं। छात्राएं अपनी पढ़ाई छोड़कर डीएपी पाने के लिए लाइन में लगी हैं। कई दिव्यांग और बीमार भी अपना दर्द भूलकर लाइन में खड़े दिखे।
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डीएपी लेने के लिए लाइन में लगे किसान
- फोटो : वीडियो ग्रैब
विस्तार
अलीगढ़ के अतरौली में डीएपी की किल्लत खत्म होने का नाम नहीं ले रही। 11 नवंबर को डीएपी वितरण की सूचना पर किसान एक दिन पहले से लाइन में लग गए। डीएपी पाने के लिए महिलाएं, छात्राएं, बीमार और दिव्यांग घंटों लाइन में लगे रहे।
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अतरौली के पीसीएफ कृषक सेवा केंद्र पर आज सुबह 8 बजे तक किसानों की संख्या करीब 800 तक पहुंच गई। महिला और पुरुष की अलग-अलग लाइन लगीं। छात्राएं अपनी पढ़ाई छोड़कर डीएपी पाने के लिए लाइन में लगी हैं। कई दिव्यांग और बीमार भी अपना दर्द भूलकर लाइन में खड़े दिखे। किसानों में डीएपी को लेकर भरी आक्रोश है।
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जिला पंचायत सदस्य पुष्पेंद्र लोधी ने सुबह छह बजे लाइन में पहुंचकर किसानों को चाय वितरित की। उन्होंने कहा कि प्रशासन भरपूर मात्रा में डीएपी उपलब्ध नहीं करा पा रहा। जब प्रशासन को पता है कि हर रोज वितरण के दौरान हजारों की संख्या में किसानों को 10 घंटे तक लाइन में लगना ही है, तो उनके पीने के पानी की व्यवस्था तो करनी चाहिए। महिलाएं शौच जाने के लिए भी परेशान हैं। यदि अबकी बार वितरण केंद्रों पर पानी और शौचालय की वैकल्पिक व्यवस्था न हुई तो वह धरने पर बैठकर सरकार और प्रशासन की खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेंगे। किसानों ने कहा कि हर रोज यहां किसान सात घंटे लाइन में बैठते हैं। पीसीएफ केंद्र पर न तो महिलाओं के लिए टॉयलेट की व्यवस्था की गई और न ही पीने के पानी की।