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घायल की मौत, अलीगढ़ में िफर तनाव

Sat, 14 Nov 2015 02:35 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/अलीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो/अलीगढ़ Updated Sat, 14 Nov 2015 02:35 AM IST
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The death of the injured , then the tension in Aligarh
महानगर के अतिसंवेदनशील देहली गेट इलाके में बृहस्पतिवार रात सांप्रदायिक झगड़े में गोली लगने से घायल युवक गौरव की मौत के बाद शहर में दूसरे दिन भी हालात तनावपूर्ण रहे। जैसे ही मोहल्ला खटीकान और कैलाश गली में उसकी मौत की खबर पहुंची,  सांप्रदायिक झड़पें शुरू हो गईं।
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इस दौरान पथराव भी हुए और आधा दर्जन राउंड फायरिंग भी की गई। इस घटना से शहर के कुछ खास हिस्से में तनाव का माहौल है। पुराने शहर के अधिकांश बाजार बंद रहे। खैर रोड कीलाल मस्जिद के पास भी पथराव से माहौल बिगड़ा। जबिक कई स्थानों पर धार्मिक नारेबाजी लगाने की भी खबर है। पुलिस प्रशासन को जुमे की नमाज अदा करवाने के लिए भी जोर लगवाना पड़ा। सेक्टर स्कीम व रेड अलर्ट जारी किए जाने से पुराने शहर में सन्नाटा पसरा रहा। पुलिस ने इस मामले में 13 लोगों को िगरफ्तार कर मुकदमे को हत्या में तरमीन कर  िदया है। देर रात आईजी वापस चले गए।
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भैया दूज के दिन दो बहनों के भाई गौरव (22 वर्ष) को टीका लगना था, लेकिन उसका शव भी उसेक घर पर नहीं पहुंच पाया। दोपहर बाद गौरव का पोस्टमार्टम होने के बाद जब प्रशासन ने शव कैलाश गली स्थित उसके आवास पर नहीं ले जाने देने की बात बताई तो परिवार व मोहल्ले वालों का गुस्सा फूट पड़ा।
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उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। परिजन प्रशासन की ओर से 5 लाख रुपये मुआवजे देने से और गुस्सा गए। उनका कहना था कि जब दादरी कांड में मारे गए अखलाक के परिजनों को 45 लाख मिल सकता है तो उन्हें क्यों नहीं। वे फायरिंग करने के आरोपी की गिरफ्तारी करने की भी मांग कर रहे थे। बाद में परिजनों को समझाने के बाद पुलिस सुरक्षा में शव पोस्टमार्टम केंद्र भेजा गया।  पोस्टमार्टम केंद्र पर भी पांच लाख की आर्थिक मदद और घायलों को निशुल्क इलाज की सुविधा देने की मांग को लेकर भी स्थिति तनावपूर्ण हो गई।  

इस मसले पर पोस्टमार्टम केंद्र पर भाजपा सांसद राजवीर सिंह राजू व डीएम डॉ. बलकार सिंह के बीच तीखी बहस भी हुई। बाद में राजवीर सिंह राजू ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से बात कर गौरव के परिजनों को मुआवजे के तौर पर पांच की जगह दस लाख रुपये मुआवजा देने का भरोसा दिलाया। राजू ने बताया कि सीएम ने 18 नवंबर को मिलने का समय दिया है।

मुख्यमंत्री के आश्वासन पर गौरव के परिजन व हिंदूवादी नेता नुमाइश मैदान स्थित शमशान गृह पर उसका अंतिम संस्कार कराने पर राजी हुए। शाम 7 बजे के करीब उसका अंतिम संस्कार किया गया। मौके पर परिजनों को साढ़े दस लाख का चेक भी दिया गया। अंतिम संस्कार के दौरान कैलाश गली, सराय मियां, देहलीगेट, ऊपरकोट सहित पुराने शहर की पूरी फोर्स लगाई गई थी।


गौरतलब है कि बृहस्पतिवार रात आठ बजे छेड़खानी का विरोध करने पर देहली गेट क्षेत्र के सराय मियां-कैलाश गली में दो समुदायों के बीच झड़प हो गई थी।  इस दौरान कई वाहन फूंक दिए गए थे और एक परचून की दुकान में आग लगा दी गई थी। फायरिंग व पेट्रोल बम का भी इस्तेमाल किया गया था। इसमें गौरव सहित आठ लोग जख्मी हो गए थे। गौरव की नाजुक हालत के चलते गुरुवार की रात मेडिकल कॉलेज  में भर्जी कराया था जहां शुक्रवार को मौत हो गई।
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