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25 प्रधानाचार्यों के खिलाफ दर्ज होगी रिपोर्ट
ब्यूूराे, अमर उजाला, अलीगढ़।
Updated Thu, 07 Dec 2017 02:02 AM IST
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यूपी बोर्ड परीक्षा में पिछले शैक्षणिक सत्र में गड़बड़ी कराने वाले अलीगढ़ और आगरा के विद्यालयों के प्रधानाचार्यों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई ही नहीं होगी, बल्कि अब इनके खिलाफ मुकदमा भी दर्ज होगा। शासन द्वारा एफआईआर के इस नए आदेश के बाद यहां माध्यमिक शिक्षा महकमे में खलबली मच गई है। पिछले शैक्षणिक सत्र में अलीगढ़ के 25 व आगरा के नौ अग्रसारण केंद्रों पर गड़बड़ी हुई थी। इस कारण पूर्व में शासन ने सख्त आदेश दिया था।
अब शासन ने दोनों जिलों के डीआईओएस को यह आदेश दिया है कि वह मुकदमा तत्काल दर्ज कराने की कार्रवाई तो करें ही और साथ ही इससे शासन व माध्यमिक शिक्षा परिषद को भी अवगत कराएं।
यूपी बोर्ड परीक्षा के शैक्षणिक सत्र वर्ष 2017 की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की व्यक्तिगत परीक्षा में यहां और आगरा जिले में काफी ऐसे परीक्षार्थियों को व्यक्गित परीक्षा के लिए परीक्षा में शामिल करा दिया गया था, जोकि परीक्षा में शामिल होने के पात्र ही नहीं थे। अनर्हता/अहर्ता अप्राप्त छात्र-छात्राओं का विवरण ऑनलाइन अपलोड कराया गया। इससे काफी परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हो गए थे। इसकी शिकायत जब शासन स्तर से की गई तो शासन ने इन परीक्षार्थियों के रिजल्ट रोक दिए थे। साथ ही अग्रसारण केंद्रों के प्रधानाचार्यों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए थे। कार्रवाई की जद में अलीगढ़ के 25 व आगरा के नौ अग्रसारण केंद्र आए थे। शासन ने 14 सितंबर को यह आदेश दिया था कि अग्रसारण केंद्रों के प्रधानाचार्यों को निलंबित किया जाए। इन केंद्रों को अगले 10 साल तक व्यक्तिगत परीक्षार्थियों के आवेदन पत्र अग्रसारित करने व परीक्षा केंद्र बनाने से वंचित किया जाए।
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इन केंद्रों के परीक्षा सहायक व डीआईओएस ऑफिस के परीक्षा प्रभारी को अन्य जिलों के तबादला करते हुए भविष्य में इनकी तैनाती जेडी ऑफिस, डीआईओएस, बीएसए आदि महत्वपूर्ण ऑफिसों में न की जाए। तत्कालीन डीआईओएस को प्रतिकूल प्रविष्टि दी जाए। अर्ह परीक्षार्थियों के परीक्षाफल घोषित कि ए जाएं और अनर्ह परीक्षार्थियों के परीक्षाफल निरस्त किए जाएं। हाईस्कूल परीक्षा उत्तीर्ण अथवा कक्षा 11 उत्तीर्ण करने के बाद सीधे व्यक्तिगत परीक्षा के लिए इंटर के लिए आवेदन करने वाले अर्ह परीक्षार्थियों का पत्राचार का शुल्क कोषागार में जमा करा अर्ह परीक्षार्थियों का परीक्षाफल घोषित किया जाए।
शासन के इस आदेश के बाद इस जिले में माफियाओं में खलबली मच गई थी। शासन ने आदेश पर माध्यमिक शिक्षा परिषद ने यह जानकारी मांगी थी कि जिस समय अग्रसारण केंद्रों पर गड़बड़झाला हुआ, उस समय वहां किस प्रधानाचार्य व परीक्षा सहायक की तैनाती थी। अब शासन ने अग्रसारण केंद्रों के प्रधानाचार्यों के नाम स्पष्ट करते हुए डीआईओएस को स्पष्ट आदेश दिए हैं कि इन अग्रसारण केंद्रों के प्रधानाचार्यों/प्रबंधकों के खिलाफ तत्काल प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) भी दर्ज कराई जाए और इससे शासन के अलावा परिषद को अवगत कराया जाए। परिषद की सचिव ने इस बाबत आदेश जारी कर दिए हैं।
इनके खिलाफ होगी कार्रवाई
महात्मा गांधी इंटर कॉलेज विजयगढ़ के प्रधानाचार्य दिनेश कुमार, किसान इंटर कॉलेज बुढ़ासी के प्रधानाचार्य विशंभर दयाल, लै. नाहर सिंह इंटर कॉलेज कुवारसी के प्रधानाचार्य डॉ. श्यौदान सिंह, राष्ट्रीय इंटर कॉलेज गाजीपुर के प्रधानाचार्य अशोक कुमार, जनता विकास इंटर कॉलेज मथना कीलपुर के प्रधानाचार्य ओमप्रकाश शर्मा, आदर्श कृषि इंटर कॉलेज सारौल के प्रधानाचार्य हरिश्चंद्र सिंह, बिहारीलाल भारती इंटर कॅालेज पालीमुकीमपुर के प्रधानाचार्य नरेंद्र पाल सिंह, राजकीय कन्या इंटर कॉलेज चंडौला सुजानपुर के छत्रपाल सिंह, राजकीय कन्या इंटर कॉलेज दत्ताचोली के महेशचंद यादव, राजकीय हाईस्कूल सिमरौठी की कविता सक्सेना, राष्ट्रीय विद्यालय इंटर कॉलेज खैर के रामवीर सिंह, ओपी मित्तल उमा विद्यालय खैर के अनूप कुमार मित्तल, जमुनाखंड इंटर कॉलेज टप्पल के राजेंद्र सिंह वर्मा, गंगाखंड इंटर कॉलेज खेड़ा दयालपुर के सुरेंद्र सिंह, सर्वोपयोगी इंटर कॉलेज पलसेडा के योगेश कुमार, एसजीएस इंटर कॉलेज अर्रना बझेडा देवेंद्रपाल सिंह, राजकीय कन्या इंटर कॉलेज गोधा के भजनलाल, बिसारा इंटर कॉलेज बिसारा के धनंजय सिंह, विक्रम विद्या इंटर कॉलेज बाकनेर के रवींद्र कुमार, सालपुर इंटर कॉलेज सालपुर के धर्मेंश कुमार शर्मा, राजकीय कन्या इंटर कॉलेज जट्टारी के विजय शर्मा, संकट मोचन हाईस्कूल मादक के प्रधानाचार्य रामचरन सिंह।
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अब शासन ने दोनों जिलों के डीआईओएस को यह आदेश दिया है कि वह मुकदमा तत्काल दर्ज कराने की कार्रवाई तो करें ही और साथ ही इससे शासन व माध्यमिक शिक्षा परिषद को भी अवगत कराएं।
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यूपी बोर्ड परीक्षा के शैक्षणिक सत्र वर्ष 2017 की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की व्यक्तिगत परीक्षा में यहां और आगरा जिले में काफी ऐसे परीक्षार्थियों को व्यक्गित परीक्षा के लिए परीक्षा में शामिल करा दिया गया था, जोकि परीक्षा में शामिल होने के पात्र ही नहीं थे। अनर्हता/अहर्ता अप्राप्त छात्र-छात्राओं का विवरण ऑनलाइन अपलोड कराया गया। इससे काफी परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हो गए थे। इसकी शिकायत जब शासन स्तर से की गई तो शासन ने इन परीक्षार्थियों के रिजल्ट रोक दिए थे। साथ ही अग्रसारण केंद्रों के प्रधानाचार्यों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए थे। कार्रवाई की जद में अलीगढ़ के 25 व आगरा के नौ अग्रसारण केंद्र आए थे। शासन ने 14 सितंबर को यह आदेश दिया था कि अग्रसारण केंद्रों के प्रधानाचार्यों को निलंबित किया जाए। इन केंद्रों को अगले 10 साल तक व्यक्तिगत परीक्षार्थियों के आवेदन पत्र अग्रसारित करने व परीक्षा केंद्र बनाने से वंचित किया जाए।
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इन केंद्रों के परीक्षा सहायक व डीआईओएस ऑफिस के परीक्षा प्रभारी को अन्य जिलों के तबादला करते हुए भविष्य में इनकी तैनाती जेडी ऑफिस, डीआईओएस, बीएसए आदि महत्वपूर्ण ऑफिसों में न की जाए। तत्कालीन डीआईओएस को प्रतिकूल प्रविष्टि दी जाए। अर्ह परीक्षार्थियों के परीक्षाफल घोषित कि ए जाएं और अनर्ह परीक्षार्थियों के परीक्षाफल निरस्त किए जाएं। हाईस्कूल परीक्षा उत्तीर्ण अथवा कक्षा 11 उत्तीर्ण करने के बाद सीधे व्यक्तिगत परीक्षा के लिए इंटर के लिए आवेदन करने वाले अर्ह परीक्षार्थियों का पत्राचार का शुल्क कोषागार में जमा करा अर्ह परीक्षार्थियों का परीक्षाफल घोषित किया जाए।
शासन के इस आदेश के बाद इस जिले में माफियाओं में खलबली मच गई थी। शासन ने आदेश पर माध्यमिक शिक्षा परिषद ने यह जानकारी मांगी थी कि जिस समय अग्रसारण केंद्रों पर गड़बड़झाला हुआ, उस समय वहां किस प्रधानाचार्य व परीक्षा सहायक की तैनाती थी। अब शासन ने अग्रसारण केंद्रों के प्रधानाचार्यों के नाम स्पष्ट करते हुए डीआईओएस को स्पष्ट आदेश दिए हैं कि इन अग्रसारण केंद्रों के प्रधानाचार्यों/प्रबंधकों के खिलाफ तत्काल प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) भी दर्ज कराई जाए और इससे शासन के अलावा परिषद को अवगत कराया जाए। परिषद की सचिव ने इस बाबत आदेश जारी कर दिए हैं।
इनके खिलाफ होगी कार्रवाई
महात्मा गांधी इंटर कॉलेज विजयगढ़ के प्रधानाचार्य दिनेश कुमार, किसान इंटर कॉलेज बुढ़ासी के प्रधानाचार्य विशंभर दयाल, लै. नाहर सिंह इंटर कॉलेज कुवारसी के प्रधानाचार्य डॉ. श्यौदान सिंह, राष्ट्रीय इंटर कॉलेज गाजीपुर के प्रधानाचार्य अशोक कुमार, जनता विकास इंटर कॉलेज मथना कीलपुर के प्रधानाचार्य ओमप्रकाश शर्मा, आदर्श कृषि इंटर कॉलेज सारौल के प्रधानाचार्य हरिश्चंद्र सिंह, बिहारीलाल भारती इंटर कॅालेज पालीमुकीमपुर के प्रधानाचार्य नरेंद्र पाल सिंह, राजकीय कन्या इंटर कॉलेज चंडौला सुजानपुर के छत्रपाल सिंह, राजकीय कन्या इंटर कॉलेज दत्ताचोली के महेशचंद यादव, राजकीय हाईस्कूल सिमरौठी की कविता सक्सेना, राष्ट्रीय विद्यालय इंटर कॉलेज खैर के रामवीर सिंह, ओपी मित्तल उमा विद्यालय खैर के अनूप कुमार मित्तल, जमुनाखंड इंटर कॉलेज टप्पल के राजेंद्र सिंह वर्मा, गंगाखंड इंटर कॉलेज खेड़ा दयालपुर के सुरेंद्र सिंह, सर्वोपयोगी इंटर कॉलेज पलसेडा के योगेश कुमार, एसजीएस इंटर कॉलेज अर्रना बझेडा देवेंद्रपाल सिंह, राजकीय कन्या इंटर कॉलेज गोधा के भजनलाल, बिसारा इंटर कॉलेज बिसारा के धनंजय सिंह, विक्रम विद्या इंटर कॉलेज बाकनेर के रवींद्र कुमार, सालपुर इंटर कॉलेज सालपुर के धर्मेंश कुमार शर्मा, राजकीय कन्या इंटर कॉलेज जट्टारी के विजय शर्मा, संकट मोचन हाईस्कूल मादक के प्रधानाचार्य रामचरन सिंह।