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फोटो से नौशाद-मुस्तकीम और उसकी  दादी काे पहचाना

Tue, 25 Sep 2018 01:08 AM IST
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़। Updated Tue, 25 Sep 2018 01:08 AM IST
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Recognizing Naushad-Mustaqim and his grandmother with photos
फोटो से नौशाद-मुस्तकीम और उसकी  दादी काे पहचाना - फोटो : Rupesh
पिछले चार दिन से मुठभेड़ कांड में मारे गए नौशाद-मुस्तकीम के क्राइम रिकार्ड को खंगालने में जुटी पुलिस को डासना जेल से जब उनके फोटो, नाम पते व अपराध का डाटा मिला तो पुलिस ने घटना के वादी तक पहुंचने में देर नहीं लगाई। उसे सोमवार को अलीगढ़ बुलाया गया तो उसने मुठभेड़ में मारे गए नौशाद व मुस्तकीम के फोटो देखते ही पहचान लिए।
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दूध व्यापारी शहरयाव की मानें तो मारे गए मुस्तकीम उर्फ अफसर, नौशाद उर्फ शौकीन उर्फ इंतेजार के अलावा मंदबुद्धि बताए जा रहे नौशाद के भाई नफीस उर्फ रसीद व रमजानी उर्फ नत्थू उर्फ बाबू ने उस पर हमला बोला था। इन चारों के जेल जाने के बाद मुस्तकीम की दादी रफीकन अदालती पैरोकारी के लिए व जेल में मुलाकात करने आती थी। इसे भी फोटो देखते ही शहरयाव ने पहचान लिया। इन चारों को सजा हुई थी, जो 7-7 साल जेल रहने के बाद बाद हाईकोर्ट से पैरोल पर रिहा हुए थे।  
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इस हमले में बदले थे नाम व पिता का नाम
एसएसपी के अनुसार जनवरी 2007 में दूध व्यापारी शहरयाव निवासी गली नंबर 2 हरोड़ा मोड़ सिंभावली घटना की रात में मेरठ से वापस आ रहे थे। रास्ते में पड़ने वाले बदरखा रोड रेलवे क्रासिंग पर बदमाश मुस्तकीम अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर लूट कर रहा था और अन्य राहगीरों को भी बंधक बनाया हुआ था। शहरयाव द्वारा लूट का विरोध करने पर उसको गोली मारी गई। जिसमें उसका लंबा इलाज चला। इस संबंध में दर्ज मुकदमे में मुस्तकीम उर्फ  अफसर पुत्र साबिर उर्फ  साबर निवासी चौसाना झिंझाना मुजफ्फरनगर हाल झुग्गी झोपड़ी सिंभावली गजियाबाद। नौशाद उर्फ शौकीन उर्फ  इन्तेजार पुत्र भीम उर्फ  गुंडा निवासी चोसाना थाना झिंझाना जनपद मुजफ्फरनगर हाल झुग्गी झोपड़ी सुगर मिल सिंभावली हापुड़, नफीस उर्फ  रसीद पुत्र भीम उर्फ  गुंडा निवासी उपरोक्त, रमजानी उर्फ  नत्थु उर्फ  बाबु पुत्र हकीमुद्दीन उर्फ  हमीद निवासी बिलायतनगर भोपा मुजफ्फरनगर हाल झुग्गी झोपड़ी रेलवे स्टेशन शामली हाल जनपद शामली को दबोचा था। उस घटना में मुस्तकीम ने अपना नाम उर्फ में अफसर दर्ज कराया था, जबकि नौशाद ने वहां अपना नाम शौकीन उर्फ इंतेजार बताया था। अलीगढ़ पुलिस के रिकार्ड में व वोटर कार्ड में मुस्तकीम उर्फ अफसर के पिता का नाम इरफान व नौशाद के पिता का नाम राशिद दर्ज है। इससे साफ है कि यह नाम बदलकर रहते आए थे।
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ब्लाक प्रमुख की हत्या कर लूटी पिस्टल ने कराई सजा
इस घटना का अनावरण होने इनके कब्जे से एक पिस्टल 32 बोर बरामद हुई थी। जानकारी में पता चला कि यह पिस्टल रामपुर के थाना शाहाबाद में वहां 2007 में ही ब्लाक प्रमुख जगवीर जाट की हत्या कर लूटी गई थी। इस घटना के बाद वहां राजनीतिक उन्माद पैदा हो गया था। बाद में दूध व्यापारी पर हमले की घटना में हापुड़ न्यायालय ने 31 मई 2011 को चारों को लूट में सात-सात साल और हमले में दस-दस साल की सजा सुनाई गई थी। बाद में यह लोग हाईकोर्ट से पैरोल पर रिहा हुए थे।

फरार अफसर का फर्जी जमानतदार भी पुलिस शिकंजे में
कासगंज में डकैती व हत्या के मुकदमे में एटा जेल में रहे साधुओं की सिलसिलेवार हत्या में फरार 25 हजार के इनामी अफसर का फर्जी जमानतदार भी पुलिस के पास है। वह इसी फर्जीवाड़े पर जेल से बाहर आने के बाद फिर से अपने गैंग के साथ मिलकर अपराध कर रहा था। इसके दो जमानतदार नंदकिशोर पुत्र गंगाराम तिलसई खुर्द कासगंज व नेम सिंह पुत्र बाबुराम छितोरिया कासगंज में से नेम सिंह को पुलिस ने शिकंजे में ले लिया। यहां नेम सिंह ने बताया कि वह कासगंज में एक अधिवक्ता के बिस्तर पर काम करता था। वहीं किसी के कहने पर मात्र 1200 रुपये में उसने जमानत ली। वह इनमें से किसी को नहीं जानता। एसएसपी के अनुसार जमानतदार पर कार्रवाई कराई जाएगी।

दो साथी रुड़की में मुठभेड़ में मारे गए
एसएसपी के अनुसार इस गैंग के कादिर उर्फ राणा उर्फ इबरार उर्फ  असलम उर्फ  कादर पुत्र रमजानी उर्फ  नत्थु उर्फ फकीरा बिलायत नगर थाना भोपा जनपद मुजफ्फरनगर, रोहिल पुत्र नत्थु निवासी उपरोक्त को रुड़की में वर्ष 2008 में डकैती की घटना में के बाद मुठभेड़ में मार गिराया था। इस डकैती में गैंग के सभी लोग शामिल थे। इनका एक साथी रमजानी का बेटा अभी रुड़की जेल में हैं।

अब तक इन पतों पर रहे यह लोग
एसएसपी के अनुसार जांच में साफ हो गया है कि मुस्तकीम आदि के द्वारा बनवाए गए आधार कार्ड कूटरचित दस्तावेज पेश कर बनवाए हैं। इससे पूर्व में यह अपराधी जनपद मुजफ्फरनगर के भोपा, जनपद अलीगढ़ के छर्रा में अलग-अलग 7 स्थानों पर, जनपद गाजियाबाद के सिंभावली शुगर मिल के पीछे और जनपद मुजफ्फरनगर के चौसाना थाना झिंझाना में रहे हैं। नाम पते बदलकर अपराध करते आए हैं और पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले के हैं।

घर में किस मकसद से रखी थी पुलिस की वर्दी 
इनकी तलाशी के दौरान मुस्तकीम व नौशाद के अतरौली स्थित घर से मिली चार पुलिस वर्दी कासगंज के न्यूज प्रकाश टेलर से सिलवाई गई हैं। यह किस मकसद से रखी गई थीं। इसका अंदाजा लगाने में पुलिस लगी है। अनुमान यही है कि यह लोग अपराध करने के लिए वर्दी पहनकर भी जाते रहे होंगे। 


यह है क्राइम रिकार्ड
इन अपराधियों पर 2007 गढ़ मुक्तेश्वर हापुड़ में लूट व हमला, शाहबाद रामपुर में हत्यायुक्त डकैती, रुड़की हरिद्वार उत्तराखंड में हत्यायुक्त डकैती, हमला, लूट आर्म्स एक्ट आदि के मुकदमे दर्ज पाए गए हैं।
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