{"_id":"5c0c1bc0bdec221c8f68c02c","slug":"police-will-search-for-fake-voter-card","type":"story","status":"publish","title_hn":"नौशाद-मुस्तकीम मुठभेड़ प्रकरण में फर्जी वोटर कार्ड के सिफारिशी को खोजेगी पुलिस","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
नौशाद-मुस्तकीम मुठभेड़ प्रकरण में फर्जी वोटर कार्ड के सिफारिशी को खोजेगी पुलिस
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
Updated Sun, 09 Dec 2018 01:20 AM IST
विज्ञापन
फोटो से नौशाद-मुस्तकीम और उसकी दादी काे पहचाना
- फोटो : Rupesh
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नौशाद-मुस्तकीम मुठभेड़ प्रकरण में बीएलओ ने फर्जी कागजात के आधार पर परिवार द्वारा वोटरकार्ड बनवाने का मुकदमा शुक्रवार को छर्रा कोतवाली में दर्ज करा दिया है। अब पुलिस उस प्रस्तावक को ढूंढ रही है जिनकी सिफारिश पर इनके वोटर कार्ड बनवाए गए। बीएलओ ने मुकदमे में प्रस्तावकों का नाम नहीं बताया है। अब पुलिस इनके मतदाता पहचान पत्र बनने की पूरी फाइल निकलवा कर उसके कागजात की जांच करेगी। आखिर किसके कहने पर इनके वोटर कार्ड बनाए गए। उस खास व्यक्ति की पहचान होने के बाद उसके खिलाफ भी मुकदमा दर्ज होगा और जांच में शामिल किया जाएगा।
थाना छर्रा क्षेत्र के गांव बांईकलां निवासी नईमुद्दीन वर्ष 2017 में छर्रा में बीएलओ ड्यूटी पर थे। उसी समय कस्बे के मोहल्ला शिवपुरी के गली नंबर आठ में मकान संख्या 205 में रहने वाली हिना पुत्री रहमान, साईन पत्नी रहमान, शब्बो पत्नी इरफान, मुस्तकीम पुत्र इरफान, सलमान पुत्र इरफान, आरजू पुत्र रहमान, अनस पुत्र रहमान और खुशी पुत्री रहमान ने फर्जी आधार कार्ड और फर्जी पते आदि के कागज लगाकर मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करवाया था।
बीएलओ ने इन सभी के खिलाफ शुक्रवार को छर्रा कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है। हालांकि शुरुआत में पुलिस जांच में यह तथ्य उजागर हुआ था कि इन मकान नंबर पर कोई मकान मौके पर नहीं है। फिर भी इनके वोटर कार्ड कैसे बन गए। दूसरी बात यह भी है कि निर्वाचन कार्यालय से दस्तावेज गायब हैं।
विज्ञापन
मानवाधिकार आयोग और मजिस्ट्रेटी जांच को भेजी जाएंगी रिपोर्ट
अलीगढ़। इस चर्चित मुठभेड़ की जांच में लगातार सामने आ रहे तथ्यों कोे मानवाधिकार आयोग और मजिस्ट्रेटी जांच में भी शामिल कराया जा रहा है। फिलहाल तीन तथ्य सामने आए हैं। शुक्रवार को छर्रा कोतवाली में फर्जी वोटर बनने का मुकदमा दर्ज हुआ। बैलेस्टिक रिपोर्ट और हैंडवाश रिपोर्ट भी आई। इन दोनों रिपोर्ट से साबित होता है कि मुठभेड़ के दिन 20 सितंबर की सुबह मुस्तकीम और नौशाद ने पुलिस पर गोलियां चलाई थीं। फोरेंसिक जांच में ये तथ्य सामने आए हैं।
नौशाद-मुस्तकीम के परिजनों को भड़काने वाले पुलिस की नजर में
अलीगढ़। एसएसपी अजय साहनी ने कहा है कि हरदुआगंज मुठभेड़ मामले में पुलिस गंभीरता से जांच पड़ताल कर रही है। मुठभेड़ के बाद से ही लगातार कुछ पुलिस अधिकारी और राजनेता नौशाद मुस्तकीम के परिजनों को भड़का रहे हैं। ये लोग जांच को प्रभावित करना चाहते हैं। लेकिन पुलिस ऐसा होने नहीं देगी। ऐसे लोगों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।
यह तथ्य उजागर होना बेहद जरूरी है कि यह परिवार कहां से आया और किसकी मदद से यहां बसा। इसी कड़ी में जांच शुरू कर प्रस्तावक को खोजा जाएगा। वहीं अब इनके परिवारों को कुछ लोग बरगलाने का काम कर रहे हैं। उनके भी सर्विलांस रिकार्ड तैयार किए जा रहे हैं। उन पर भी कार्रवाई होगी।
- अजय कुमार साहनी, एसएसपी
विज्ञापन
थाना छर्रा क्षेत्र के गांव बांईकलां निवासी नईमुद्दीन वर्ष 2017 में छर्रा में बीएलओ ड्यूटी पर थे। उसी समय कस्बे के मोहल्ला शिवपुरी के गली नंबर आठ में मकान संख्या 205 में रहने वाली हिना पुत्री रहमान, साईन पत्नी रहमान, शब्बो पत्नी इरफान, मुस्तकीम पुत्र इरफान, सलमान पुत्र इरफान, आरजू पुत्र रहमान, अनस पुत्र रहमान और खुशी पुत्री रहमान ने फर्जी आधार कार्ड और फर्जी पते आदि के कागज लगाकर मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करवाया था।
विज्ञापन
बीएलओ ने इन सभी के खिलाफ शुक्रवार को छर्रा कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है। हालांकि शुरुआत में पुलिस जांच में यह तथ्य उजागर हुआ था कि इन मकान नंबर पर कोई मकान मौके पर नहीं है। फिर भी इनके वोटर कार्ड कैसे बन गए। दूसरी बात यह भी है कि निर्वाचन कार्यालय से दस्तावेज गायब हैं।
विज्ञापन
मानवाधिकार आयोग और मजिस्ट्रेटी जांच को भेजी जाएंगी रिपोर्ट
अलीगढ़। इस चर्चित मुठभेड़ की जांच में लगातार सामने आ रहे तथ्यों कोे मानवाधिकार आयोग और मजिस्ट्रेटी जांच में भी शामिल कराया जा रहा है। फिलहाल तीन तथ्य सामने आए हैं। शुक्रवार को छर्रा कोतवाली में फर्जी वोटर बनने का मुकदमा दर्ज हुआ। बैलेस्टिक रिपोर्ट और हैंडवाश रिपोर्ट भी आई। इन दोनों रिपोर्ट से साबित होता है कि मुठभेड़ के दिन 20 सितंबर की सुबह मुस्तकीम और नौशाद ने पुलिस पर गोलियां चलाई थीं। फोरेंसिक जांच में ये तथ्य सामने आए हैं।
नौशाद-मुस्तकीम के परिजनों को भड़काने वाले पुलिस की नजर में
अलीगढ़। एसएसपी अजय साहनी ने कहा है कि हरदुआगंज मुठभेड़ मामले में पुलिस गंभीरता से जांच पड़ताल कर रही है। मुठभेड़ के बाद से ही लगातार कुछ पुलिस अधिकारी और राजनेता नौशाद मुस्तकीम के परिजनों को भड़का रहे हैं। ये लोग जांच को प्रभावित करना चाहते हैं। लेकिन पुलिस ऐसा होने नहीं देगी। ऐसे लोगों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।
यह तथ्य उजागर होना बेहद जरूरी है कि यह परिवार कहां से आया और किसकी मदद से यहां बसा। इसी कड़ी में जांच शुरू कर प्रस्तावक को खोजा जाएगा। वहीं अब इनके परिवारों को कुछ लोग बरगलाने का काम कर रहे हैं। उनके भी सर्विलांस रिकार्ड तैयार किए जा रहे हैं। उन पर भी कार्रवाई होगी।
- अजय कुमार साहनी, एसएसपी