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सपा शासन में हुए चार हत्याकांडों पर फिर घूमी पुलिस की नजर
क्राइम न्यूज डेस्क, अमर उजाला अलीगढ़
Updated Wed, 28 Feb 2018 01:31 AM IST
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पूर्व विधायक ठा. राकेश सिंह का मेडिकल परिक्षण करते चिकित्सक।
- फोटो : अमर उजाला
सपा शासन काल में ठा. राकेश सिंह के विधायक रहते शहर में हुए चार प्रमुख हत्याकांडों पर एक बार फिर पुलिस की नजर घूम गई है। पुलिस इन चारों हत्याकांडों में प्रयुक्त हथियारों को लेकर जांच की बात कह रही है। कहा जा रहा है कि जिन सवालों का जवाब अभी तक नहीं मिला, उन्हें खोलने का एक बार फिर प्रयास किया जाएगा। इसमें सबसे अहम सवाल बसपा नेता व बिल्डर धर्मेंद्र चौधरी हत्याकांड में भैय्याजी कौन? और बाइकर्स शरद गोस्वामी व जीतू चौधरी हत्याकांड में पकड़े गए शूटरों द्वारा राकेश सिंह के आवास के बगल वाले फ्लैट को ‘फरारी हाउस’ बताने की वजह क्या है। वहीं डॉ. नरेंद्र चौधरी हत्याकांड को भी इस जांच में शामिल किया जाएगा।
यह जाहिर बात है कि जब नरेंद्र चौधरी हत्याकांड हुआ तो राकेश सिंह के रिश्ते के भाई पर नामजद मुकदमा दर्ज होने पर विधायक को लेकर तरह-तरह के आरोप नरेंद्र की पत्नी द्वारा लगाए गए। हालांकि कई साल चली जांच के बाद उस मुकदमे में विधायक के भाई का नाम हटाकर पुलिस ने चार्जशीट दायर कर दी। इसके बाद धर्मेंद्र चौधरी हत्याकांड में शूटरों ने स्वीकारा कि किसी भैय्याजी के कहने पर यह हत्या कराई गई। वह भैय्याजी कौन था, जब पुलिस इस दिशा में बढ़ी तो उस समय के पुलिस अधिकारियों से राकेश सिंह का टकराव हुआ। बाद में मसला किसी तरह शांत हुआ। हालांकि यह मुकदमा अदालत में बरी हो गया। इसके बाद जब रामघाट रोड के दो बाइकर्स की लगातार हत्याएं हुईं तो शूटरों ने सीधे-सीधे कहा कि उन्होंने राकेश सिंह के आवास के बगल वाले फ्लैट में अपनी फरारी काटी, जिसे ‘फरारी हाउस’ कहा जाता है। उस समय भी राकेश सिंह ने आरोप सिरे से नकारते हुए कहा कि यहां बहुत लोग आते हैं, वह किस किस को पहचानें। यह दोनों मुकदमे अदालत में लंबित हैं।
इस गिरफ्तारी के बाद एसएसपी राजेश पांडेय कहते हैं कि इन चारों हत्याकांडों में हथियार के प्रयोग को लेकर नए सिरे से जांच कराई जाएगी। इसके लिए विधायक से बरामद हथियार की बैलेस्टिक जांच भी कराई जाएगी। उस समय मौके से मिले खोखा व मृत लोगों के शवों से मिली गोलियों आदि का ब्योरा एकत्रित करने के लिए पुरानी फाइलें खुलवाई जा रही हैं। यह आरोप भी राकेश सिंह पर लगे कि उनके बगल में फरारी काटने वालों को हथियार भी वहां से मुहैया कराए जाते रहे। इसके अलावा उनके आपराधिक छवि वाले प्रत्येक करीबी को रडार पर लिया जा रहा है। उनकी गतिविधियां, उनके पास मौजूद हथियारों की जानकारी जुटाई जा रही है।
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जांच के प्रमुख बिंदु
पिछली सत्ता के दौरान चार प्रमुख हत्याकांडों में क्या-क्या घटित हुआ था
उनमें से किन हत्याकांडों में प्रतिबंधित बोर के हथियार प्रयोग हुए
किन हथियारों को बैलेस्टिक जांच के लिए भेजा, रिपोर्ट क्या रही है
राकेश से बरामद हथियार को भी बैलेस्टिक जांच के लिए भेजे जाने की है तैयारी
इन चार हत्याकांडों में राकेश का जुड़ाव सुर्खियों में रहा
हरपाल हास्पिटल के संचालक डॉ. नरेंद्र चौधरी की हत्या में राकेश सिंह के भाई पर लगे आरोप
बिल्डर व बसपा प्रत्याशी रहे धर्मेंद्र चौधरी हत्याकांड में भी राकेश सिंह का पुलिस अफसरों से हुआ टकराव
बाइकर्स शरद गोस्वामी और जीतू चौधरी हत्याकांड के शूटरों ने ‘फरारी हाउस’ की पोल खोली
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यह जाहिर बात है कि जब नरेंद्र चौधरी हत्याकांड हुआ तो राकेश सिंह के रिश्ते के भाई पर नामजद मुकदमा दर्ज होने पर विधायक को लेकर तरह-तरह के आरोप नरेंद्र की पत्नी द्वारा लगाए गए। हालांकि कई साल चली जांच के बाद उस मुकदमे में विधायक के भाई का नाम हटाकर पुलिस ने चार्जशीट दायर कर दी। इसके बाद धर्मेंद्र चौधरी हत्याकांड में शूटरों ने स्वीकारा कि किसी भैय्याजी के कहने पर यह हत्या कराई गई। वह भैय्याजी कौन था, जब पुलिस इस दिशा में बढ़ी तो उस समय के पुलिस अधिकारियों से राकेश सिंह का टकराव हुआ। बाद में मसला किसी तरह शांत हुआ। हालांकि यह मुकदमा अदालत में बरी हो गया। इसके बाद जब रामघाट रोड के दो बाइकर्स की लगातार हत्याएं हुईं तो शूटरों ने सीधे-सीधे कहा कि उन्होंने राकेश सिंह के आवास के बगल वाले फ्लैट में अपनी फरारी काटी, जिसे ‘फरारी हाउस’ कहा जाता है। उस समय भी राकेश सिंह ने आरोप सिरे से नकारते हुए कहा कि यहां बहुत लोग आते हैं, वह किस किस को पहचानें। यह दोनों मुकदमे अदालत में लंबित हैं।
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इस गिरफ्तारी के बाद एसएसपी राजेश पांडेय कहते हैं कि इन चारों हत्याकांडों में हथियार के प्रयोग को लेकर नए सिरे से जांच कराई जाएगी। इसके लिए विधायक से बरामद हथियार की बैलेस्टिक जांच भी कराई जाएगी। उस समय मौके से मिले खोखा व मृत लोगों के शवों से मिली गोलियों आदि का ब्योरा एकत्रित करने के लिए पुरानी फाइलें खुलवाई जा रही हैं। यह आरोप भी राकेश सिंह पर लगे कि उनके बगल में फरारी काटने वालों को हथियार भी वहां से मुहैया कराए जाते रहे। इसके अलावा उनके आपराधिक छवि वाले प्रत्येक करीबी को रडार पर लिया जा रहा है। उनकी गतिविधियां, उनके पास मौजूद हथियारों की जानकारी जुटाई जा रही है।
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जांच के प्रमुख बिंदु
पिछली सत्ता के दौरान चार प्रमुख हत्याकांडों में क्या-क्या घटित हुआ था
उनमें से किन हत्याकांडों में प्रतिबंधित बोर के हथियार प्रयोग हुए
किन हथियारों को बैलेस्टिक जांच के लिए भेजा, रिपोर्ट क्या रही है
राकेश से बरामद हथियार को भी बैलेस्टिक जांच के लिए भेजे जाने की है तैयारी
इन चार हत्याकांडों में राकेश का जुड़ाव सुर्खियों में रहा
हरपाल हास्पिटल के संचालक डॉ. नरेंद्र चौधरी की हत्या में राकेश सिंह के भाई पर लगे आरोप
बिल्डर व बसपा प्रत्याशी रहे धर्मेंद्र चौधरी हत्याकांड में भी राकेश सिंह का पुलिस अफसरों से हुआ टकराव
बाइकर्स शरद गोस्वामी और जीतू चौधरी हत्याकांड के शूटरों ने ‘फरारी हाउस’ की पोल खोली