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कुख्यात अपराधी विनोद जाट पर एनएसए की कार्रवाई
Fri, 01 Jan 2021 11:29 PM IST
राजेश सिंह
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
Published by: राजेश सिंह
Updated Fri, 01 Jan 2021 11:29 PM IST
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कुख्यात विनोद जाट का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
आगरा व अलीगढ़ मंडल के जिलों में लूट, डकैती, अपहरण, फिरौती जैसे संगीन अपराधों को अंजाम देने वाले कुख्यात अपराधी विनोद जाट के खिलाफ जिला प्रशासन ने एनएसए (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) की कार्रवाई की है। विनोद जाट फिलहाल आगरा जेल में है। जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने आशंका जाहिर की है कि वह अपनी जमानत कराने के लिए प्रयासरत है।
अगर, वह बाहर आएगा तो समाज के लिए खतरा पैदा करेगा। इस संबंध में उन्होंने प्रमुख सचिव गृह गोपन विभाग को पत्र भेज दिया। शासन अब उसकी एनएसए अवधि के संबंध में फैसला सुनाएगा। बीते 16 जून 2020 को दिनदहाड़े उसने अपने गैंग के साथ शहर के स्क्रैप कारोबारी सुरेंद्र कुमार जिंदल का अपहरण कर सनसनी फैला दी थी। 20 लाख की फिरौती मांगी थी। बाद में व्यापारी की पत्नी ने अपहरणकर्ताओं को छह लाख रुपये पहुंचाए थे।
विनोद जाट पुत्र राजवीर सिंह निवासी महामौनी थाना मुरसान, जिला हाथरस उप्र पुलिस का सिपाही था। अपराधियों के संपर्क में आकर अपराध करने लगा तो सेवा से बर्खास्त कर दिया। इसके बाद उसने आगरा, अलीगढ़, हाथरस, फिरोजाबाद, मथुरा जैसे जिलों में ताबड़तोड़ अपराधों को अंजाम दिया। वर्तमान में उसके खिलाफ 28 मुकदमे दर्ज हैं।
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इगलास थाना पुलिस के अनुमोदन पर पिछले दिनों विनोद जाट सहित उसके साथी जयपाल पुत्र परसादीलाल निवासी नगला हरकरना, इगलास, मुकेश उर्फ पिंटू पुत्र विजेंद्र सिंह निवासी, सरसा राया, संतोष पुत्र रामबिहारी निवासी महामौनी, मुरसान, हाथरस पर जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने गैंगस्टर की कार्रवाई की थी। गैंग का सदस्य जयपाल भी पुलिस द्वारा बर्खास्त किया गया था। वह भी सिपाही था। वहीं, राजस्थान के जिला भरतपुर के थाना मुसावर के गांव पथेना निवासी विनोद पुत्र तेज सिंह अपहरण के मामले में वांछित चल रहा है। उस पर 60 हजार का इनाम घोषित है।
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अगर, वह बाहर आएगा तो समाज के लिए खतरा पैदा करेगा। इस संबंध में उन्होंने प्रमुख सचिव गृह गोपन विभाग को पत्र भेज दिया। शासन अब उसकी एनएसए अवधि के संबंध में फैसला सुनाएगा। बीते 16 जून 2020 को दिनदहाड़े उसने अपने गैंग के साथ शहर के स्क्रैप कारोबारी सुरेंद्र कुमार जिंदल का अपहरण कर सनसनी फैला दी थी। 20 लाख की फिरौती मांगी थी। बाद में व्यापारी की पत्नी ने अपहरणकर्ताओं को छह लाख रुपये पहुंचाए थे।
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विनोद जाट पुत्र राजवीर सिंह निवासी महामौनी थाना मुरसान, जिला हाथरस उप्र पुलिस का सिपाही था। अपराधियों के संपर्क में आकर अपराध करने लगा तो सेवा से बर्खास्त कर दिया। इसके बाद उसने आगरा, अलीगढ़, हाथरस, फिरोजाबाद, मथुरा जैसे जिलों में ताबड़तोड़ अपराधों को अंजाम दिया। वर्तमान में उसके खिलाफ 28 मुकदमे दर्ज हैं।
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इगलास थाना पुलिस के अनुमोदन पर पिछले दिनों विनोद जाट सहित उसके साथी जयपाल पुत्र परसादीलाल निवासी नगला हरकरना, इगलास, मुकेश उर्फ पिंटू पुत्र विजेंद्र सिंह निवासी, सरसा राया, संतोष पुत्र रामबिहारी निवासी महामौनी, मुरसान, हाथरस पर जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने गैंगस्टर की कार्रवाई की थी। गैंग का सदस्य जयपाल भी पुलिस द्वारा बर्खास्त किया गया था। वह भी सिपाही था। वहीं, राजस्थान के जिला भरतपुर के थाना मुसावर के गांव पथेना निवासी विनोद पुत्र तेज सिंह अपहरण के मामले में वांछित चल रहा है। उस पर 60 हजार का इनाम घोषित है।