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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   "Murder" came nine years after woman

‘हत्या’ के नौ साल बाद सामने आई युवती

Wed, 24 Feb 2016 01:42 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/अलीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो/अलीगढ़ Updated Wed, 24 Feb 2016 01:42 AM IST
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महानगर के न्यू राजेंद्र नगर बन्नादेवी इलाके की युवती की हत्या में 9 साल बाद ऐसा मोड़ आया है, जिसे सुन हर कोई हैरान है। जिस युवती की हत्या के आरोप में चार-चार आरोपियों ने तीन-तीन माह जेल में बिताए।
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वह युवती जिंदा है और हाथरस जनपद के हसायन क्षेत्र में वैवाहिक जीवन व्यतीत कर रही है। सुरागरशी पर जब एक आरोपी ने उसे खोज लिया तो युवती को हाथ-पैर जोड़कर यहां अदालत तक लाया गया। युवती के अदालत में बयान दर्ज होना तय हुआ है। अब इसके लिए 18 मार्च तारीख तय कर दी गई है।
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वाकये के अनुसार मूल रूप से बुलाकीगढ़ी गभाना निवासी पन्नालाल यहां न्यू राजेंद्र नगर बन्नादेवी में परिवार संग रहते हैं। उनकी बेटी किरनदेवी की गोंडा इलाके में शादी हो चुकी थी। मगर ससुराल में उत्पीड़न के चलते वह मायके आ गई। यहां उसका सौतेली मां उसकी नहीं बनी तो वह अक्तूबर 2007 में अचानक गायब हो गई।
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इस मामले में पिता ने अपने रिश्ते के एक दामाद बंटी निवासी न्यू राजेंद्र नगर सहित चार लोगों पर अपहरण का मुकदमा दर्ज करा दिया। इसी बीच नगला मेहताब इलाके में 2008 में एक अधजली लाश मिली। पन्नलाल ने उसकी शिनाख्त बेटी के रूप में करते हुए शव का अंतिम संस्कार कर दिया और बंटी, उसके भाई सोनू, चाचा विनोद व एक अन्य सुनील पर हत्या का मुकदमा दर्ज करा दिया।

चूंकि पुलिस पर उस समय साक्ष्यों की कमी थी। इसलिए तत्कालीन विवेचक ने इन आरोपियों को जेल नहीं भेजा। इस पर पन्नालाल ने विवेचक के खिलाफ अदालत में शिकायत कर दी। बाद में अधिकारियों के दखल पर विवेचना सासनी गेट ट्रांसफर हुई और चारों आरोपियों को किरन की हत्या में जेल भेजा गया।तीन-तीन माह जेल रहने के बाद चारों जमानत पर आए। कुछ दिन बाद एक आरोपी सुनील की एक्सीडेंट में मौत हो गई। अब मुकदमे का ट्रायल एडीजे-7 के न्यायालय में विचाराधीन है।

बंटी के अनुसार उसको खबर लगी कि किरन जिंदा है और वह हसायन के गांव सूसामई में महेश चंद्र के साथ दूसरी शादी करके रह रही है। उसके बच्चे भी हैं। इस पर वह खोजते हुए सूसामई पहुंचा और देखते ही किरन को पहचान लिया। वहां किरन व उसके पति को पूरा वाकया बताया गया। उनको हाथ-पैर जोड़कर अदालत में आकर बयान देने का अनुरोध किया गया।


तब जाकर बात बनी और पिछली दो तारीखों से युवती को यहां बयान दर्ज कराने के लिए लाया जा रहा है। हालांकि मंगलवार को बयान दर्ज होने थे। मगर शोकावकाश के चलते बयान नहीं हो सके। अब इस मामले में एडीजे-7 में सुनवाई के लिए 18 मार्च नियत कर दी गई है।
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