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गोंडा में बाप-बेटे की हत्या कर खुद को गोली से उड़ाया
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 12 Jul 2017 02:07 AM IST
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डंबर की बहन से बातचीत करते एसएसपी।
- फोटो : अमर उजाला
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इगलास तहसील क्षेत्र की हजारी पंचायत के मजरा नेहरा में उधारी के विवाद में ट्रक चालक पिता-पुत्र की गोली मारकर हत्या करने के बाद हमलावर ने खुद को भी गोली मारकर आत्महत्या कर ली। दुनाली बंदूक से हुई फायरिंग में ट्रक चालक की पत्नी के भी पैर में गोली लगी। इस सनसनीखेज वारदात की खबर पर जिला मुख्यालय तक खलबली मच गई। आननफानन में कई थानों की फोर्स के साथ डीआईजी, डीएम, एसएसपी आदि पहुंच गए। मौके से मृत हमलावर की लाइसेंसी बंदूक भी कब्जे में ले ली गई।
जिला मुख्यालय से करीब 25 किमी दूरी पर बसे गोंडा थाना क्षेत्र के गांव नेहरा निवासी ट्रक चालक डंबर सिंह (40) पुत्र राजन सिंह ने पड़ोसी गांव नकला केशू निवासी भूरी सिंह (40) से 10 हजार रुपये उधार लिए थे। उधारी मांगने पर चार दिन पहले दोनों में विवाद के दौरान मारपीट हो गई थी। इस संबंध में डंबर सिंह ने थाने में तहरीर दी थी, जिसमें पत्नी संग अभद्रता का भी आरोप था। पुलिस मुकदमा दर्ज कर भूरी को तलाश कर रही थी। इसी बीच सोमवार को गांव नेहरा में ग्रामीणों की पंचायत में सहमति के आधार पर डंबर सिंह ने दस हजार रुपये भूरी सिंह को वापस कर दिए।
पंचायत में तय हुआ था कि मंगलवार को दोनों पक्ष समझौता पत्र थाने में जाकर दाखिल कर आएं। मगर अंदरखाने भूरी सिंह इस फैसले से कुपित था। इसी निर्णय के अनुसार, मंगलवार सुबह डंबर सिंह समझौते की प्रति देने के लिए थाने जाने के लिए ट्रक से निकल रहा था। आरोप है कि तभी भूरी सिंह अपनी लाइसेंसी दुनाली बंदूक लेकर अपने भाई जगवीर सिंह के साथ उसके घर पहुंच गया। यहां आते ही भूरी सिंह ने फायरिंग कर दी। सीने में गोली लगने से डंबर सिंह की मौके पर ही गिर पड़ा। उसकी पत्नी ज्योति और आठ वर्षीय बेटा सूरज बीचबचाव में आए, तो फायरिंग में गोली ज्योति के पैर व सूरज के पेट में लग गई। इस दौरान मौके पर रखे फावड़े से भूरी ने डंबर के पैर पर प्रहार किया और भाग निकला।
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यहां से निकलकर गांव के बाहर अपने गांव को जाने वाली पगडंडी पर आकर भूरी सिंह ने अपनी ही बंदूक से खुद के सीने में गोली मारकर आत्महत्या कर ली। जबकि जगवीर सिंह फरार हो गया। इस दौरान फायरिंग से भगदड़ मची और ग्रामीण एकत्रित हुए। तब तक डंबर सिंह और सूरज की मौत हो चुकी थी। बाद में भूरी सिंह की लाश भी लोगों को पड़ी मिल गई। सूचना पर सबसे पहले एसओ गोंडा शंभू तिवारी पहुंच गए। उनके द्वारा दी गई सूचना पर डीआईजी आरपीएस यादव, डीएम ऋषिकेश भाष्कर याशोद, एसएसपी राजेश पांडेय, एसपी देहात डॉ. यशवीर सिंह सहित, लोधा, खैर, इगलास आदि थानों का फोर्स, क्यूआरटी आदि पहुंच गए। यहां डंबर के परिवार में कोहराम मच गया, जबकि भूरी सिंह के गांव में लोग चुप्पी साधे रहे। देर शाम गांव में पीएसी तैनात कर दी गई थी, जबकि मुकदमा दर्ज करने की तैयारी चल रही थी।
एसएसपी राजेश पांडेय ने बताया कि दोनों पक्षों में दस हजार की उधारी को लेकर विवाद था। चार दिन पहले झगड़े में मुकदमा भी दर्ज कराया गया था। भूरी को पुलिस तलाश रही थी, मगर वह पकड़ में नहीं आया था। गांव में पंचायती समझौते की खबर पुलिस तक नहीं पहुंची है। मगर मंगलवार सुबह भूरी ने पिता-पुत्र की हत्या कर दी। हत्या में प्रयुक्त दुनाली बंदूक जब्त कर ली गई है। फरार जगवीर सिंह की तलाश की जा रही है।
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जिला मुख्यालय से करीब 25 किमी दूरी पर बसे गोंडा थाना क्षेत्र के गांव नेहरा निवासी ट्रक चालक डंबर सिंह (40) पुत्र राजन सिंह ने पड़ोसी गांव नकला केशू निवासी भूरी सिंह (40) से 10 हजार रुपये उधार लिए थे। उधारी मांगने पर चार दिन पहले दोनों में विवाद के दौरान मारपीट हो गई थी। इस संबंध में डंबर सिंह ने थाने में तहरीर दी थी, जिसमें पत्नी संग अभद्रता का भी आरोप था। पुलिस मुकदमा दर्ज कर भूरी को तलाश कर रही थी। इसी बीच सोमवार को गांव नेहरा में ग्रामीणों की पंचायत में सहमति के आधार पर डंबर सिंह ने दस हजार रुपये भूरी सिंह को वापस कर दिए।
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पंचायत में तय हुआ था कि मंगलवार को दोनों पक्ष समझौता पत्र थाने में जाकर दाखिल कर आएं। मगर अंदरखाने भूरी सिंह इस फैसले से कुपित था। इसी निर्णय के अनुसार, मंगलवार सुबह डंबर सिंह समझौते की प्रति देने के लिए थाने जाने के लिए ट्रक से निकल रहा था। आरोप है कि तभी भूरी सिंह अपनी लाइसेंसी दुनाली बंदूक लेकर अपने भाई जगवीर सिंह के साथ उसके घर पहुंच गया। यहां आते ही भूरी सिंह ने फायरिंग कर दी। सीने में गोली लगने से डंबर सिंह की मौके पर ही गिर पड़ा। उसकी पत्नी ज्योति और आठ वर्षीय बेटा सूरज बीचबचाव में आए, तो फायरिंग में गोली ज्योति के पैर व सूरज के पेट में लग गई। इस दौरान मौके पर रखे फावड़े से भूरी ने डंबर के पैर पर प्रहार किया और भाग निकला।
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यहां से निकलकर गांव के बाहर अपने गांव को जाने वाली पगडंडी पर आकर भूरी सिंह ने अपनी ही बंदूक से खुद के सीने में गोली मारकर आत्महत्या कर ली। जबकि जगवीर सिंह फरार हो गया। इस दौरान फायरिंग से भगदड़ मची और ग्रामीण एकत्रित हुए। तब तक डंबर सिंह और सूरज की मौत हो चुकी थी। बाद में भूरी सिंह की लाश भी लोगों को पड़ी मिल गई। सूचना पर सबसे पहले एसओ गोंडा शंभू तिवारी पहुंच गए। उनके द्वारा दी गई सूचना पर डीआईजी आरपीएस यादव, डीएम ऋषिकेश भाष्कर याशोद, एसएसपी राजेश पांडेय, एसपी देहात डॉ. यशवीर सिंह सहित, लोधा, खैर, इगलास आदि थानों का फोर्स, क्यूआरटी आदि पहुंच गए। यहां डंबर के परिवार में कोहराम मच गया, जबकि भूरी सिंह के गांव में लोग चुप्पी साधे रहे। देर शाम गांव में पीएसी तैनात कर दी गई थी, जबकि मुकदमा दर्ज करने की तैयारी चल रही थी।
एसएसपी राजेश पांडेय ने बताया कि दोनों पक्षों में दस हजार की उधारी को लेकर विवाद था। चार दिन पहले झगड़े में मुकदमा भी दर्ज कराया गया था। भूरी को पुलिस तलाश रही थी, मगर वह पकड़ में नहीं आया था। गांव में पंचायती समझौते की खबर पुलिस तक नहीं पहुंची है। मगर मंगलवार सुबह भूरी ने पिता-पुत्र की हत्या कर दी। हत्या में प्रयुक्त दुनाली बंदूक जब्त कर ली गई है। फरार जगवीर सिंह की तलाश की जा रही है।