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पत्नी की हत्या के आरोपी बंदी ने जेल में फांसी लगाकर जान दी
Tue, 07 May 2019 02:01 AM IST
राजेश सिंह
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
Published by: राजेश सिंह
Updated Tue, 07 May 2019 02:01 AM IST
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गोपाल का फाइल फोटो
- फोटो : Rupesh
पत्नी की हत्या में जिला कारागार में निरुद्ध गभाना क्षेत्र के एक बंदी ने सोमवार को शौचालय में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिवार ने कारागार प्रशासन पर हत्या का आरोप लगाया है। बैरक से सुसाइड नोट मिला है, जिसमें परिवार के सदस्यों, कारागार के साथियों और अपनी एक दर्जन प्रेमिकाओं को प्यार का हवाला देकर खुद जान देने का उल्लेख किया है।
मूल रूप से गभाना क्षेत्र के गांव भकरौला निवासी गोपाल (28) पुत्र पुष्पेंद्र की शादी 2013 में राया मथुरा के गांव हरिया गढ़ी की ममता संग हुई थी। आरोप है कि शादी के कुछ दिन बाद ही ससुराल से लेकर आते समय उसने पत्नी की नहर में धक्का देकर हत्या कर दी थी।
खैर पुलिस ने 22 जून 2014 को गोपाल को जेल भेजा। तब से वह जेल में था। जेल में अपने कार्य व व्यवहार से उसे बैरक नंबर तीन का राइटर (मुखिया बंदी या इंचार्ज बंदी) बना दिया गया था।
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कारागार के बंदी ने खुद को फांसी लगाकर जान दी है। इसके साक्ष्य भी परिजनों को दिखा दिए गए हैं। अगर परिवार को कोई शिकायत है तो उसकी मजिस्ट्रेटी जांच होगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर कार्यवाही होगी। -आलोक सिंह, वरिष्ठ अधीक्षक कारागार
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मूल रूप से गभाना क्षेत्र के गांव भकरौला निवासी गोपाल (28) पुत्र पुष्पेंद्र की शादी 2013 में राया मथुरा के गांव हरिया गढ़ी की ममता संग हुई थी। आरोप है कि शादी के कुछ दिन बाद ही ससुराल से लेकर आते समय उसने पत्नी की नहर में धक्का देकर हत्या कर दी थी।
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खैर पुलिस ने 22 जून 2014 को गोपाल को जेल भेजा। तब से वह जेल में था। जेल में अपने कार्य व व्यवहार से उसे बैरक नंबर तीन का राइटर (मुखिया बंदी या इंचार्ज बंदी) बना दिया गया था।
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कारागार के बंदी ने खुद को फांसी लगाकर जान दी है। इसके साक्ष्य भी परिजनों को दिखा दिए गए हैं। अगर परिवार को कोई शिकायत है तो उसकी मजिस्ट्रेटी जांच होगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर कार्यवाही होगी। -आलोक सिंह, वरिष्ठ अधीक्षक कारागार