छापे के विरोध में घेरा आयकर भवन, प्रदर्शन
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छापे के विरोध में घेरा आयकर भवन, प्रदर्शन
अलीगढ़ (ब्यूरो)। महानगर के दो प्रमुख सर्राफा कारोबारियों के घरों व व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर हुई छापेमारी से व्यापारी संगठन लामबंद हो गए हैं। बृहस्पतिवार को इस कार्रवाई के विरोध में सभी प्रमुख संगठनों के व्यापारी एकत्रित होकर मैरिस रोड आयकर भवन पहुंचे, जहां उग्र प्रदर्शन करते हुए आयकर भवन का घेराव कर लिया। इस दौरान कमिश्नर से मिलने की जिद पर अड़े व्यापारियों को पुलिस ने रोक लिया। बाद में व्यापारियों का एक प्रतिनिधि मंडल ही कमिश्नर से मिलने गया, जहां उन्हें ज्ञापन सौंपा। इस दौरान कमिश्नर ने उनसे साफ कह दिया कि यह कार्रवाई कानपुर मुख्यालय स्तर से हुई है। इसलिए उनका कोई हस्तक्षेप नहीं है। फिर भी वह उनकी बात मुख्यालय तक पहुंचा देंगी। इस आश्वासन के साथ ही वह वापस लौटे।
सभी व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारी दोपहर 11 बजे सर्राफा बाजार में एकत्रित हुए। वहां से सभी लोग मैरिस रोड स्थित आयकर भवन पहुंचे। जहां जमकर हंगामा करते हुए उग्र प्रदर्शन किया। मगर पहले से आयकर भवन पर मौजूद सीओ तृतीय व इंस्पेक्टर सिविल लाइंस ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया। इस पर व्यापारियों ने बाहर ही हंगामा करते हुए प्रदर्शन किया। व्यापारियों का कहना था कि आयकर ने यह इकतरफा कार्रवाई की है। उनका यह भी कहना था कि जिस तरह काली कमाई के नाम पर व्यापारी आयकर के निशाने पर हैं। उसी तरह तमाम सरकारी महकमों के अनगिनत वरिष्ठ अफसरान, बड़े राजनेता निशाने पर क्यों नहीं हैं। अगर वास्तव में आयकर कार्रवाई करने के मूड में है तो दस व्यापारियों के साथ-साथ दस अफसरों व राजनेताओं को भी शिकंजे में लिया जाए। तब तो माना जाए कि बिना पक्षपात के यह कार्रवाई हो रही है। इस दौरान जब अंदर जाने और आयकर कमिश्नर से मिलने की ज्यादा जिद हुई और पुलिस ने उन्हें नहीं जाने दिया तो आयकर कमिश्नर से वार्ता के बाद तय हुआ कि एक प्रतिनिधि मंडल अंदर जाकर मैडम से वार्ता करेगा। इस पर ज्ञान चंद्र वार्ष्णेय, मास्टर ओमप्रकाश, भूपेंद्र वार्ष्णेय, सराफा कमेटी के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल सोनी ज्वैलर्स, स्वर्णकार संघ अध्यक्ष रवि वर्मा, राजीव सिंह, राजीव सेंचुरी आदि व्यापारी नेताओं का प्रतिनिधि मंडल अंदर गया। उन्हें अपनी मांगों के संबंध में एक ज्ञापन सौंपा। इस पर उन्हें अंदर से यही आश्वासन मिला कि मामला कानपुर स्तर का है। इस संबंध में उनकी भावनाओं को कानपुर तक पहुंचा दिया जाएगा। इसके बाद व्यापारियों ने साफ-साफ ऐलान कर दिया कि इस तरह की कार्रवाई कतई सहन नहीं की जाएगी। शासन-प्रशासन की ईंट से ईंट बजा दी जाएगी। इस मौके पर तमाम व्यापारी नेता मौजूद रहे।