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जीआरपी सिपाहियों ने युवक को बंधक बनाकर लूटा

Thu, 05 Oct 2017 01:53 AM IST
अमर उजाला ब्यूूराे
अमर उजाला ब्यूूराे Updated Thu, 05 Oct 2017 01:53 AM IST
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GRP sepoys robbed the young man by making him hostage
सीसीटीवी फुटेज चेक करते जीआरपी कर्मी। - फोटो : Amar Ujala
स्थानीय रेलवे स्टेशन पर बुधवार को जीआरपी के सिपाहियों ने अराजकता की सारी हदें पार करते हुए अपने मालिक को लेने आए एक युवक को खाली बोगी में बंधक बनाकर उसके साथ लूटपाट की। साथ ही मारपीट करते हुए उसे मुंह बंद रखने की धमकी दी। मालिक को जब रेलवे स्टेशन पर कर्मचारी नहीं मिला।
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बाद में कई घंटे बाद जब वह घर पहुंचा और उसने पूरा वाकया बताया तो मालिक ने रेल मंत्री पीयूष गोयल को ट्वीट कर दिया। इसके बाद जीआरपी और आरपीएफ के हाथपैर फूल गए। इसके बाद पुलिस बैकफुट पर आ गई। पीड़ित पक्ष आरोपी सिपाहियों को सामने लाने की मांग कर रहा है, लेकिन आरोपी सिपाही गायब हैं।
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 सर सैयद नगर मेडिकल रोड, निवासी मो. आगा मोहम्मद यूनुस पुत्र आगा यूनुस की सेंटर प्वाइंट मैरिस टावर पर इलेक्ट्रिकल सामान की दुकान है। उनकी दुकान पर पिछले सात साल से असिफ पुत्र मोहम्मद अंसार निवासी मैरिस रोड, नौकरी कर रहा है। 3.30 बजे मो. आगा यूनुस गोरखपुर से अलीगढ़ वैशाली एक्सप्रेस से आ रहे थे। इनको लेने के लिए कर्मचारी आसिफ स्टेशन पहुंचा। इस बीच प्लेटफार्म नंबर तीन और चार पर बैठे जीआरपी सिपाहियों ने आसिफ को देखा और इशारे से प्लेटफार्म तीन और चार पर बुलाया। आसिफ से पूछा कैसे घूम रहा है तो उसने प्लेटफार्म टिकट दिखाते हुए आने की वजह बता दी।
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जीआरपी के सिपाहियों ने आसिफ का प्लेटफार्म टिकट फेंक दिया और पिटाई करते हुए एक खाली बोगी में उसका मोबाइल और उसके पास जो नकदी थी, लूट ली। साथ ही उसके हाथ पैर भी बांध दिए। मौका पाकर आसिफ भाग गया। इस बीच मो. आगा यूनुस ट्रेन से आए और आसिफ को फोन किया तो उसका कहीं पता नहीं चला। कई घंटे बाद आसिफ के घर पहुंचने पर उन्हें प्रकरण पता लगा। इसके बाद आगा ने रेल मंत्री पीयूष गोयल को ट्वीट कर बात बता दी।

रेल मंत्रालय के इस मामले में हरकत में आते ही स्थानीय रेलवे स्टेशन पर जीआरपी और आरपीएफ में खलबली मच गई। फोन करके आगा यूनुस को बुलवाया गया। आगा यूनुस और आसिफ के साथ सीसीटीवी फुटेज निकाली जा रही हैं। अन्य लोग भी स्टेशन पहुंच गए हैं। मंत्रालय की ओर से भी मामले की प्रगति मांगी जा रही है। जिसके चलते जीआरपी और आरपीएफ के हाथ पैर फूले हुए हैं। देर रात तक पुलिस पीड़ित की मौजूदगी में सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही थी।

पूछताछ के बहाने दबाव
थाने में आसिफ का जीआरपी पूछताछ के नाम पर उत्पीड़न करती रही। वह कितने बजे प्लेटफार्म पर आया था? तीन नंबर प्लेटफार्म पर कैसे पहुंचा? सिपाही जीआरपी के थे या आरपीएफ के थे? क्या उनके पास बंदूकें थी? क्या नेम प्लेट लगी हुई थी? ऐसे और सवाल भी पूछे गए। पूछताछ में पीड़ित पर दबाव बनाने का भी प्रयास किया गया।


विस में उठाएंगे मामला
‘घटना बेहद शर्मनाक है। जीआरपी प्रदेश का रेलवे बल है। जो भी सिपाही दोषी हैं, वह बच नहीं पाएंगे। मैं पीड़ित को साथ लेकर सभी सिपाहियों की शिनाख्त परेड भी करवा सकता हूं। अच्छा होगा कि विभाग अपने स्तर से दोषियों पर कार्रवाई कर ले। मुझे जीआरपी और आरपीएफ की यात्रियों, ईएमयू ट्रेन में सामान लाने वाले व्यापारियों की शिकायतें मिली हैं। पुलिस की गुंडागर्दी को विधानसभा के आगामी सत्र में उठाया जाएगा।’
- संजीव राजा, विधायक , शहर विधानसभा
 
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