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एक दशक के सभी कश्मीरी छात्रों का रिकार्ड मांगा

Sat, 13 Jan 2018 02:06 AM IST
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़ Updated Sat, 13 Jan 2018 02:06 AM IST
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For all the Kashmiri students of the decade sought a record
mannan vani
आतंकी गतिविधि में शामिल होने के आरोपी अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के निष्कासित शोध छात्र मन्नान वानी के बाद अब पुलिस पिछले दस साल में विश्वविद्यालय में पढ़े कश्मीरी छात्रों का रिकार्ड विश्वविद्यालय से मांग रही है। इसमें ऐसे छात्रों को चिह्नित किया जाएगा जो पढ़ाई बीच में ही छोड़कर चले गए। इसके अलावा मन्नान को आतंक का पाठ पढ़ाने वाले पर भी सुरक्षा एजेंसियां शिकंजा कसने वाली हैं। 
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सुरक्षा एजेंसियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से संपर्क कर पिछले 10 वर्षों में यहां पर अध्ययन करने वाले कश्मीरी छात्रों का विवरण मांगा है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि इससे छात्रों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। वह लोग सिर्फ यह जांच करके आश्वस्त होना चाहते हैं कि कहीं कोई और ‘मन्नान’ तो नहीं है। इसलिए यह सिर्फ एहतियात के बतौर उठाया गया कदम है, जिससे युवा किसी गलत राह पर नहीं चले जाएं। मन्नान प्रकरण में एक शख्स पर और पुलिस की निगाह है, वह है मन्नान को आतंक का पाठ पढ़ाने वाला। कहा जा रहा है कि उसकी गतिविधियां कुछ समय पहले विश्वविद्यालय में कुछ लोगों को जाहिर हो गई थीं, लेकिन अपने हितों को बचाने के चलते वह इस ओर से उदासीन बने रहे। यह बात भी जांच के दायरे में है। 
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सबूतों को मिटा देने का अंदेशा
एएमयू के हबीब हाल स्थित मन्नान के कमरे की तलाशी में जो सामान मिला है उससे अभी तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकला है। कुछ नाम, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी मिली हैं जो जांच एजेंसियों के लिए अहम हैं। इसके बाद यह भी कहा जा रहा है कि जाने से पहले कहीं मन्नान सभी ठोस सबूत आदि साफ तो नहीं कर गया है? क्योंकि जाने से पहले वह ऐसे सुराग क्यों छोड़ेगा जो उसकी किसी तरह की निशानदेही दें। सोमवार को पुलिस ने मन्नान के कमरे की तलाशी ली थी। उसमें मोबाइल नंबर, नाम और ईमेल आईडी सहित किताबें आदि मिली थीं। पुलिस ने उन नंबरों पर संपर्क करना शुरू किया तो कुछ नंबर तो बंद ही मिले, जबकि कुछ सामान्य परिचितों के नंबर मिले। ईमेल आईडी भी जांची जा रही हैं। 
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सोशल मीडिया पर डाला वीडियो पुराना है: एसएसपी
मन्नान के संबंध में एक कुछ दिन पहले यू ट्यूब पर डाले गए वीडियो के हवाले से कुछ बातें कहीं जा रही हैं। शुक्रवार को एसएसपी राजेश कुमार पांडेय ने साफ कर दिया कि यह वीडियो मन्नान के छात्र संघ चुनाव के संबंध में दिए गए बयान का है। उसमें वह छात्रों से जुड़े मुद्दे पर अपनी बात कहता दिख रहा है। यू ट्यूब पर इसे ज्यादा तवज्जो नहीं मिली है।  
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