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दीनदयाल अस्पताल में पिता की मौत पर बेटियों ने की मारपीट, तोड़फोड़
Mon, 26 Apr 2021 02:28 AM IST
राजेश सिंह
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
Published by: राजेश सिंह
Updated Mon, 26 Apr 2021 02:28 AM IST
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काम बंद कर हड़ताल पर बैठे डॉक्टर(
- फोटो : Rupesh
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पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय (एल-2) में भर्ती पीएसी के सेवानिवृत्त एसआई शेरोमन सिंह की मौत से आक्रोशित उनकी बेटियों ने कोविड वार्ड में जमकर हंगामा और तोड़फोड़ की। डॉक्टर एवं नर्स के साथ मारपीट का आरोप है। इस घटना के बाद डॉक्टर एवं कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं।
रात करीब साढ़े नौ बजे आरोपी चार युवतियों समेत पांच लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होने के बाद डॉक्टर एवं स्वास्थ्यकर्मी हड़ताल खत्म कर काम पर लौट आए हैं। इसी बीच भर्ती नहीं किए जाने से इमरजेंसी गेट पर एक मरीज की जान चली गई। मृतक की बेटी का आरोप है कि उसके पिता की जान ऑक्सीजन के अभाव में चली गई।
पीएसी के सेवानिवृत्त एसआई शेरोमन सिंह को उनकी बेटियों ने तीन दिन पहले पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय के कोविड वार्ड नंबर पांच में भर्ती कराया था। रविवार शाम को अचानक उनकी मृत्यु हो गई। जानकारी मिलने पर शेरोमन सिंह की चार बेटियां कोविड वार्ड में पहुंच गईं। मृत पिता को देखकर उनका गुस्सा भड़क गया। स्वास्थ्य कर्मियों से सवाल करने लगीं कि उनके पिता का शरीर नीला कैसे पड़ गया है।
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आरोप है कि गुस्से में बेटियों ने टेलीफोन रिसीवर, टेबल आदि पलट दी। कुछ स्वास्थ्यकर्मी चाय पी रही थे, उसे गिरा दिया। डॉ. कोमल, डॉ. इस्लाम एवं अनुराग के साथ मारपीट का भी आरोप है। हंगामा देखकर अधिकतर स्टॉफ वार्ड से भाग निकला।
मृतक की पुत्री का कहना है कि ऑक्सीजन नहीं मिलने के कारण उनके पिता की जान चली गई। आरोप लगाया कि कि अस्पताल में मेरे पापा को किसी ने नहीं चेक किया। घटना की सूचना के बाद एसडीएम कोल रंजीत सिंह, सीओ अनिल समानिया, क्वार्सी थाना के इंस्पेक्टर छोटेलाल पुलिस-फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। घटना के विरोध में अस्पताल के डॉक्टर एवं कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं।
अस्पताल में भर्ती 300 से अधिक मरीजों का जीवन संकट में फंस गया है। हंगामें के दौरान इमरजेंसी गेट के पास सासनी गेट के गोमतीनगर के 78 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो गई। हड़ताल पर गए स्वास्थ्य कर्मियों ने मरीज को भर्ती करने से इनकार कर दिया था। सीडीओ ने मौके पर पहुंच कर डॉक्टरों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को समझाने का प्रयास किया। अस्पताल के डॉक्टर एवं कर्मचारी सुरक्षा एवं स्वास्थ्य कर्मियों की संख्या बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।
वीडियो चर्चा में : पं. दीनदयाल उपाध्याय चिकित्सालय के कोविड वार्ड के अंदर का वीडियो बाहर आया है। यह वीडियो मृतक की बेटियों की उपस्थिति में बनाया गया है। वार्ड में भर्ती मरीज कह रहे हैं कि ऑक्सीजन की आपूर्ति सहीं नहीं है। मरीजों से कहा जाता है कि पेट के बल लेटिए, इससे ऑक्सीजन का स्तर बढ़ेगा।
तहरीर में ये लगाए गए आरोप
पिता की मृत्यु के बाद गम और गुस्से में दीनदयाल चिकित्सालय के कोविड वार्ड में हंगामा करने वाली बेटियों सहित पांच महिलाओं के खिलाफ क्वार्सी थाने में तहरीर दी गई है। डॉक्टरों ने मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट 2013 एवं महामारी अधिनियम एक्ट 188 के तहत कठोर कार्रवाई की मांग की है।
डॉ. मो. इस्लाम एवं प्रीति के तरफ से दी गई तहरीर में कहा गया है कि वार्ड 5 में भर्ती नई अंबेडकर कॉलोनी रामघाट रोड निवासी शेरोमन सिंह की मृत्यु दोपहर करीब 3:55 बजे इलाज के दौरान हुई। सूचना मरीज के परिजनों को दी गई। करीब 4.30 बजे कुछ महिलाएं उत्पात मचाते हुए वार्ड में पहुंचीं। वहां भी उत्पात मचाया। मरीजों की चाय फेंक दी। रिकार्ड अस्त-व्यस्त कर दिए और ड्यूटी पर मौजूद डॉ. मोहम्मद इस्लाम, डॉ. कोमल, डॉ. सतेंद्र, पूनम, कन्हैया, प्रीति, ओमलता और अन्य स्टाफ के साथ मारपीट और अभद्रता की। इसके अतिरिक्त, जो स्टॉफ मिला, उसको हैंडबैग से मारा और दौड़ाया। आईसीयू व अन्य वार्डों के कार्य प्रभावित हुए।
रोते हुए बेटियों ने कहा, ऑक्सीजन मिल जाती तो बच जाती जान
मृतक की चार पुत्रियां हैं। पिता की हालत बिगड़ने की सूचना के बाद चारों बेटियां परिवार के सदस्यों के साथ अस्पताल पहुंच गईं। पुलिस अधिकारियों से कह रही थीं कि उनके पिता को ऑक्सीजन मिल जाती तो उनकी जान नहीं जाती। उन्हें आईसीयू में भर्ती करने की जरूरत थी और उन्हें सामान्य वार्ड में बिना ऑक्सीजन रखा गया। किसी ने ध्यान नहीं दिया, न देखभाल की। डॉक्टर एवं स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही से पिता की जान गई है।
काम पर लौटे डॉक्टर व कर्मचारी : डीएम
जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने बताया कि डॉक्टर एवं स्टाफ की तहरीर पर थाना क्वार्सी में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। उसके बाद डॉक्टर एवं कर्मचारी काम पर लौट आए हैं। सीएमओ डॉ. बीपी सिंह कल्याणी ने बताया कि संकट काल में स्वास्थ्यकर्मी जी जान से जुटे हैं। दीनदयाल अस्पताल में दो डॉक्टर एवं 9 स्टाफ नर्स की तैनाती कर दी गई है। दीनदयाल अस्पताल को 10 और ऑक्सीजन कंसंट्रेटर दिए गए हैं। वहां पर ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मशीन की संख्या 54 तक पहुंच गई है।
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रात करीब साढ़े नौ बजे आरोपी चार युवतियों समेत पांच लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होने के बाद डॉक्टर एवं स्वास्थ्यकर्मी हड़ताल खत्म कर काम पर लौट आए हैं। इसी बीच भर्ती नहीं किए जाने से इमरजेंसी गेट पर एक मरीज की जान चली गई। मृतक की बेटी का आरोप है कि उसके पिता की जान ऑक्सीजन के अभाव में चली गई।
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पीएसी के सेवानिवृत्त एसआई शेरोमन सिंह को उनकी बेटियों ने तीन दिन पहले पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय के कोविड वार्ड नंबर पांच में भर्ती कराया था। रविवार शाम को अचानक उनकी मृत्यु हो गई। जानकारी मिलने पर शेरोमन सिंह की चार बेटियां कोविड वार्ड में पहुंच गईं। मृत पिता को देखकर उनका गुस्सा भड़क गया। स्वास्थ्य कर्मियों से सवाल करने लगीं कि उनके पिता का शरीर नीला कैसे पड़ गया है।
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आरोप है कि गुस्से में बेटियों ने टेलीफोन रिसीवर, टेबल आदि पलट दी। कुछ स्वास्थ्यकर्मी चाय पी रही थे, उसे गिरा दिया। डॉ. कोमल, डॉ. इस्लाम एवं अनुराग के साथ मारपीट का भी आरोप है। हंगामा देखकर अधिकतर स्टॉफ वार्ड से भाग निकला।
मृतक की पुत्री का कहना है कि ऑक्सीजन नहीं मिलने के कारण उनके पिता की जान चली गई। आरोप लगाया कि कि अस्पताल में मेरे पापा को किसी ने नहीं चेक किया। घटना की सूचना के बाद एसडीएम कोल रंजीत सिंह, सीओ अनिल समानिया, क्वार्सी थाना के इंस्पेक्टर छोटेलाल पुलिस-फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। घटना के विरोध में अस्पताल के डॉक्टर एवं कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं।
अस्पताल में भर्ती 300 से अधिक मरीजों का जीवन संकट में फंस गया है। हंगामें के दौरान इमरजेंसी गेट के पास सासनी गेट के गोमतीनगर के 78 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो गई। हड़ताल पर गए स्वास्थ्य कर्मियों ने मरीज को भर्ती करने से इनकार कर दिया था। सीडीओ ने मौके पर पहुंच कर डॉक्टरों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को समझाने का प्रयास किया। अस्पताल के डॉक्टर एवं कर्मचारी सुरक्षा एवं स्वास्थ्य कर्मियों की संख्या बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।
वीडियो चर्चा में : पं. दीनदयाल उपाध्याय चिकित्सालय के कोविड वार्ड के अंदर का वीडियो बाहर आया है। यह वीडियो मृतक की बेटियों की उपस्थिति में बनाया गया है। वार्ड में भर्ती मरीज कह रहे हैं कि ऑक्सीजन की आपूर्ति सहीं नहीं है। मरीजों से कहा जाता है कि पेट के बल लेटिए, इससे ऑक्सीजन का स्तर बढ़ेगा।
तहरीर में ये लगाए गए आरोप
पिता की मृत्यु के बाद गम और गुस्से में दीनदयाल चिकित्सालय के कोविड वार्ड में हंगामा करने वाली बेटियों सहित पांच महिलाओं के खिलाफ क्वार्सी थाने में तहरीर दी गई है। डॉक्टरों ने मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट 2013 एवं महामारी अधिनियम एक्ट 188 के तहत कठोर कार्रवाई की मांग की है।
डॉ. मो. इस्लाम एवं प्रीति के तरफ से दी गई तहरीर में कहा गया है कि वार्ड 5 में भर्ती नई अंबेडकर कॉलोनी रामघाट रोड निवासी शेरोमन सिंह की मृत्यु दोपहर करीब 3:55 बजे इलाज के दौरान हुई। सूचना मरीज के परिजनों को दी गई। करीब 4.30 बजे कुछ महिलाएं उत्पात मचाते हुए वार्ड में पहुंचीं। वहां भी उत्पात मचाया। मरीजों की चाय फेंक दी। रिकार्ड अस्त-व्यस्त कर दिए और ड्यूटी पर मौजूद डॉ. मोहम्मद इस्लाम, डॉ. कोमल, डॉ. सतेंद्र, पूनम, कन्हैया, प्रीति, ओमलता और अन्य स्टाफ के साथ मारपीट और अभद्रता की। इसके अतिरिक्त, जो स्टॉफ मिला, उसको हैंडबैग से मारा और दौड़ाया। आईसीयू व अन्य वार्डों के कार्य प्रभावित हुए।
रोते हुए बेटियों ने कहा, ऑक्सीजन मिल जाती तो बच जाती जान
मृतक की चार पुत्रियां हैं। पिता की हालत बिगड़ने की सूचना के बाद चारों बेटियां परिवार के सदस्यों के साथ अस्पताल पहुंच गईं। पुलिस अधिकारियों से कह रही थीं कि उनके पिता को ऑक्सीजन मिल जाती तो उनकी जान नहीं जाती। उन्हें आईसीयू में भर्ती करने की जरूरत थी और उन्हें सामान्य वार्ड में बिना ऑक्सीजन रखा गया। किसी ने ध्यान नहीं दिया, न देखभाल की। डॉक्टर एवं स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही से पिता की जान गई है।
काम पर लौटे डॉक्टर व कर्मचारी : डीएम
जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने बताया कि डॉक्टर एवं स्टाफ की तहरीर पर थाना क्वार्सी में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। उसके बाद डॉक्टर एवं कर्मचारी काम पर लौट आए हैं। सीएमओ डॉ. बीपी सिंह कल्याणी ने बताया कि संकट काल में स्वास्थ्यकर्मी जी जान से जुटे हैं। दीनदयाल अस्पताल में दो डॉक्टर एवं 9 स्टाफ नर्स की तैनाती कर दी गई है। दीनदयाल अस्पताल को 10 और ऑक्सीजन कंसंट्रेटर दिए गए हैं। वहां पर ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मशीन की संख्या 54 तक पहुंच गई है।