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वंशिका के सिर पर चढ़ा था ट्रक का पिछला पहिया
Updated Sun, 16 Dec 2018 01:55 AM IST
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क्राइम न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़।
महानगर के खैर रोड बाईपास स्थित नगला कलार पर शुक्रवार को सड़क दुर्घटना में हुई सात वर्षीय मासूम बच्ची की मौत सिर पर ट्रक का पिछला पहिया चढ़ने के कारण हुई थी। पूरी घटना पास के ही एक मैरिज होम के सीसीटीवी में कैद हो गई है।
वीडियो में साफ दिख रहा है कि महिला स्कूटी से फिसल गई। उसके साथ बैठी एक बच्ची छिटक कर बीच सड़क पर गिर गई। सामने से आते ट्रक का पिछला पहिया बच्ची के सिर पर चढ़ गया। इस दौरान बच्ची के सिर के परखच्चे उड़ गए। हादसे के तुरंत बाद भीड़ घटनास्थल की ओर दौड़ पड़ी। फिर वहां बवाल करने वाले लोग भी कैद हुए हैं।
अब पुलिस भी इसी व अन्य सीसीटीवी की मदद से बवाल करने वालों की पहचान करेंगी। हालांकि छह लोग मुकदमे में नामजद किए गए हैं। बता दें कि क्वार्सी के सुरेंद्र नगर गोविंद पार्क निवासी कंस्ट्रक्शन ठेकेदार सूर्य प्रकाश उपाध्याय की पत्नी रीना उपाध्याय गगन पब्लिक स्कूल में शिक्षिका हैं।
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इसी स्कूल में उनकी बेटी वंशिका (7 वर्ष) और माधव (4 वर्ष) भी पढ़ते थे। शुक्रवार को रीना व बच्चों के स्कूल जाते समय यह दुर्घटना हुई और दुर्घटना में वंशिका की मौत हो गई।
शिक्षिका का पर्स-मोबाइल ले उड़े उचक्के
दुर्घटना के बाद मृत बच्ची के समर्थन में उग्र हुई भीड़ में कुछ उचक्के चोरी जैसी शर्मनाक हरकत को भी अंजाम दे गए। बच्ची की मौत पर बदहवाश मां के पास से कोई अज्ञात उसका पर्स भी ले उड़ा। पर्स में मोबाइल से लेकर पैसे और जरूरी कागजात रखे थे। पति सूर्य प्रकाश ने बताया कि इस मामले में पुलिस को अवगत करा दिया है। अब मोबाइल नंबर बंद जा रहा है। पर्स में ड्राइविंग लाइसेंस भी था।
मौत का मंजर याद कर मां और भाई बेहाल
हादसे के बाद से वंशिका की मां रीना उपाध्याय और उसके भाई माधव सहित पूरा परिवार बदहवाश है। हादसे को याद कर मां की रात में चीखें निकल पड़ीं। मासूम माधव को अभी भी अपनी बहन के लौटने का इंतजार है। वहीं, उसके दादा की आंखों से तो आंसू बंद होने का नाम नहीं ले रहे हैं। दादा जयप्र्रकाश उपाध्याय ने बताया कि उनके दो बेटे सूर्यप्रकाश और नितिन हैैं। बेटी नहीं होने की कमी नातिन वंशिका ने पूरी की थी। मगर, मेरे नसीब में बेटी के हाथ पीले करना ही न था।
वंशिका के लिए अचार परांठा लाई थी सहेली आस्था
वंशिका की मौत के बाद गगन पब्लिक स्कूल का स्टॉफ और वंशिका के साथ पढ़ने वाले बच्चे भी गमगीन हैं। वंशिका के साथ ही दूसरी कक्षा में पढ़ने वाली आस्था ने बताया कि वह वंशिका के साथ ही लंच के दौरान खाना खाती थी। शुक्रवार को सहेली के लिए आचार और पराठा लेकर आई थी। इधर, वंशिका ने उससे गोभी-आलू की सब्जी लाने का वादा किया था। वंशिका को याद कर आस्था और उसकी अन्य सहेलियां रो पड़ीं। इसी तरह क्लास टीचर मीरा सिंह भी रो उठती। प्रधानाचार्य आदिल अहमद ने बताया कि सुबह प्रार्थना सभा के दौरान शोकसभा कर उसकी आत्मा की शांति की कामना की।
सारसौल से नादा पुल तक के बाईपास पर सर्वाधिक यातायात
महानगर के जीटी रोड स्थित सारसौल चौराहे और अलीगढ़-पलवल हाईवे के नादा चौराहे को एक दूसरे से जोड़ने वाला बाईपास का तीन किमी का टुकड़ा मौत के मुंह से गुजरने के समान है। मात्र 20 फीट चौड़ी इस सड़क पर दिल्ली और पलवल की ओर जाने वाले भारी और हल्के वाहनों का दबाव रहता है।
रास्ता इतना खतरनाक है कि इस पर सड़क किनारे जगह-जगह सूखे पेड़ यमदूत के समान खड़े हैं। इसके साथ ही कई जगह रोड के बगल में गहरे गड्ढे हो रहे हैं जो कि दोपहिया से लेकर चार पहिया वाहन चालकों के लिए हर रोज हादसे का सबब बन रहे हैं। आलम यह है कि आमने-सामने से आ रहे दो भारी वाहनों के बीच का एक फीट से भी कम जगह रह जाती है। जरा सी भूल भारी पड़ सकती है। हालांकि यह सड़क फोर लेन प्रस्तावित है। मगर, इसकी कार्यवाही पीडब्लूडी ने सिर्फ फाइलों में दबा रखी है, जबकि सड़क के दोनों ओर मकान बनाकर रह रहे लोगों से 60-60 फीट जगह घरों के सामने छुड़वा रखी है। जिस पर अतिक्रमण भी है। इसके कारण वहां हर दिन वाहनों को लंबे जाम में फंसना पड़ता है।
नगर निगम है सड़क पर फिसलन के लिए जिम्मेदार
वंशिका की मौत का जिम्मेदार जितना ट्रक चालक है। उससे कहीं अधिक नगर निगम की लापरवाही जिम्मेदार है। निगम ने 12 दिन पहले वहां नाले के रूप में गड्ढा खोद दिया था। लापरवाही का आलम यह रहा है कि वहां खोदे गए नाले की ईंटों से चिनाई कराकर उसे पक्का करने से पहले ही उसमें गंदे पानी की निकासी को हरी झंडी दे दी। नाला जब आसपास की बस्तियों के गंदे पानी का दबाव नहीं झेल पाया तो ओवरफ्लो होकर सड़क पर बहने लगा। सड़क पर फैले पानी में नाले की मिट्टी और मिल गई। इसके कारण सड़क पर फिसलन हो गई। शुक्रवार को बच्चों को लेकर जा रही रीना उपाध्याय की स्कू टी इसी कीचड़ में फिसली थी। स्थानीय लोगों ने बताया कि एक सप्ताह के भीतर कई दर्जन वाहन वहां फिसल चुके हैं।
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महानगर के खैर रोड बाईपास स्थित नगला कलार पर शुक्रवार को सड़क दुर्घटना में हुई सात वर्षीय मासूम बच्ची की मौत सिर पर ट्रक का पिछला पहिया चढ़ने के कारण हुई थी। पूरी घटना पास के ही एक मैरिज होम के सीसीटीवी में कैद हो गई है।
वीडियो में साफ दिख रहा है कि महिला स्कूटी से फिसल गई। उसके साथ बैठी एक बच्ची छिटक कर बीच सड़क पर गिर गई। सामने से आते ट्रक का पिछला पहिया बच्ची के सिर पर चढ़ गया। इस दौरान बच्ची के सिर के परखच्चे उड़ गए। हादसे के तुरंत बाद भीड़ घटनास्थल की ओर दौड़ पड़ी। फिर वहां बवाल करने वाले लोग भी कैद हुए हैं।
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अब पुलिस भी इसी व अन्य सीसीटीवी की मदद से बवाल करने वालों की पहचान करेंगी। हालांकि छह लोग मुकदमे में नामजद किए गए हैं। बता दें कि क्वार्सी के सुरेंद्र नगर गोविंद पार्क निवासी कंस्ट्रक्शन ठेकेदार सूर्य प्रकाश उपाध्याय की पत्नी रीना उपाध्याय गगन पब्लिक स्कूल में शिक्षिका हैं।
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इसी स्कूल में उनकी बेटी वंशिका (7 वर्ष) और माधव (4 वर्ष) भी पढ़ते थे। शुक्रवार को रीना व बच्चों के स्कूल जाते समय यह दुर्घटना हुई और दुर्घटना में वंशिका की मौत हो गई।
शिक्षिका का पर्स-मोबाइल ले उड़े उचक्के
दुर्घटना के बाद मृत बच्ची के समर्थन में उग्र हुई भीड़ में कुछ उचक्के चोरी जैसी शर्मनाक हरकत को भी अंजाम दे गए। बच्ची की मौत पर बदहवाश मां के पास से कोई अज्ञात उसका पर्स भी ले उड़ा। पर्स में मोबाइल से लेकर पैसे और जरूरी कागजात रखे थे। पति सूर्य प्रकाश ने बताया कि इस मामले में पुलिस को अवगत करा दिया है। अब मोबाइल नंबर बंद जा रहा है। पर्स में ड्राइविंग लाइसेंस भी था।
मौत का मंजर याद कर मां और भाई बेहाल
हादसे के बाद से वंशिका की मां रीना उपाध्याय और उसके भाई माधव सहित पूरा परिवार बदहवाश है। हादसे को याद कर मां की रात में चीखें निकल पड़ीं। मासूम माधव को अभी भी अपनी बहन के लौटने का इंतजार है। वहीं, उसके दादा की आंखों से तो आंसू बंद होने का नाम नहीं ले रहे हैं। दादा जयप्र्रकाश उपाध्याय ने बताया कि उनके दो बेटे सूर्यप्रकाश और नितिन हैैं। बेटी नहीं होने की कमी नातिन वंशिका ने पूरी की थी। मगर, मेरे नसीब में बेटी के हाथ पीले करना ही न था।
वंशिका के लिए अचार परांठा लाई थी सहेली आस्था
वंशिका की मौत के बाद गगन पब्लिक स्कूल का स्टॉफ और वंशिका के साथ पढ़ने वाले बच्चे भी गमगीन हैं। वंशिका के साथ ही दूसरी कक्षा में पढ़ने वाली आस्था ने बताया कि वह वंशिका के साथ ही लंच के दौरान खाना खाती थी। शुक्रवार को सहेली के लिए आचार और पराठा लेकर आई थी। इधर, वंशिका ने उससे गोभी-आलू की सब्जी लाने का वादा किया था। वंशिका को याद कर आस्था और उसकी अन्य सहेलियां रो पड़ीं। इसी तरह क्लास टीचर मीरा सिंह भी रो उठती। प्रधानाचार्य आदिल अहमद ने बताया कि सुबह प्रार्थना सभा के दौरान शोकसभा कर उसकी आत्मा की शांति की कामना की।
सारसौल से नादा पुल तक के बाईपास पर सर्वाधिक यातायात
महानगर के जीटी रोड स्थित सारसौल चौराहे और अलीगढ़-पलवल हाईवे के नादा चौराहे को एक दूसरे से जोड़ने वाला बाईपास का तीन किमी का टुकड़ा मौत के मुंह से गुजरने के समान है। मात्र 20 फीट चौड़ी इस सड़क पर दिल्ली और पलवल की ओर जाने वाले भारी और हल्के वाहनों का दबाव रहता है।
रास्ता इतना खतरनाक है कि इस पर सड़क किनारे जगह-जगह सूखे पेड़ यमदूत के समान खड़े हैं। इसके साथ ही कई जगह रोड के बगल में गहरे गड्ढे हो रहे हैं जो कि दोपहिया से लेकर चार पहिया वाहन चालकों के लिए हर रोज हादसे का सबब बन रहे हैं। आलम यह है कि आमने-सामने से आ रहे दो भारी वाहनों के बीच का एक फीट से भी कम जगह रह जाती है। जरा सी भूल भारी पड़ सकती है। हालांकि यह सड़क फोर लेन प्रस्तावित है। मगर, इसकी कार्यवाही पीडब्लूडी ने सिर्फ फाइलों में दबा रखी है, जबकि सड़क के दोनों ओर मकान बनाकर रह रहे लोगों से 60-60 फीट जगह घरों के सामने छुड़वा रखी है। जिस पर अतिक्रमण भी है। इसके कारण वहां हर दिन वाहनों को लंबे जाम में फंसना पड़ता है।
नगर निगम है सड़क पर फिसलन के लिए जिम्मेदार
वंशिका की मौत का जिम्मेदार जितना ट्रक चालक है। उससे कहीं अधिक नगर निगम की लापरवाही जिम्मेदार है। निगम ने 12 दिन पहले वहां नाले के रूप में गड्ढा खोद दिया था। लापरवाही का आलम यह रहा है कि वहां खोदे गए नाले की ईंटों से चिनाई कराकर उसे पक्का करने से पहले ही उसमें गंदे पानी की निकासी को हरी झंडी दे दी। नाला जब आसपास की बस्तियों के गंदे पानी का दबाव नहीं झेल पाया तो ओवरफ्लो होकर सड़क पर बहने लगा। सड़क पर फैले पानी में नाले की मिट्टी और मिल गई। इसके कारण सड़क पर फिसलन हो गई। शुक्रवार को बच्चों को लेकर जा रही रीना उपाध्याय की स्कू टी इसी कीचड़ में फिसली थी। स्थानीय लोगों ने बताया कि एक सप्ताह के भीतर कई दर्जन वाहन वहां फिसल चुके हैं।