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आरपीएफ क्राइम ब्रांच ने अवैध ई-टिकट बनाने वाला पकड़ा

Tue, 20 Nov 2018 01:47 AM IST
Updated Tue, 20 Nov 2018 01:47 AM IST
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आरपीएफ क्राइम ब्रांच ने अवैध ई-टिकट बनाने वाला पकड़ा
क्राइम न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़।
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पर्सनल आईडी से ई-टिकट बनाने का खेल इस समय जनपद में जोरों से चल रहा है। आरपीएफ की क्राइम ब्रांच शाखा इसके शातिरों की धरपकड़ को लगातार चेकिंग अभियान चला रही है। सोमवार को रेलवे सुरक्षा बल की क्राइम ब्रांच टीम ने ई-टिकटों का अवैध कारोबार करने वाले एक कारोबारी को छापा मरकर पकड़ा।

उसके पास से आठ पर्सनल आईडी और 11 अग्रिम यात्रा की टिकट बरामद की हैं। साथ ही विद्युत उपकरणों सहित 46 ऐसी टिकट भी बरामद की हैं, जिनपर यात्रा हो चुकी है। ई-टिकट का कारोबार करने वाले पर रेलवे की धारा 143 के तहत मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया है।
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आरपीएफ क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर रविंद्र कुमार कौशिक ने बताया कि पकड़े गए दलाल का नाम वरुण प्रताप है। वह थाना जवां के टाइप-2 कालोनी, कासिमपुर पवार हाउस का रहने वाला है। यहीं से ई-टिकटों का अवैध कारोबार करता था।
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उसके पास से 19492 रुपये की 11 अग्रिम यात्रा की ई-टिकट पकड़ी गईं हैं। इसके साथ ही ई-टिकट बनाने को इस्तेमाल करने वाले कम्प्यूटर, एक मोबाइल और 16430 रुपये नगद जब्त किए गए हैं। उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया है। कार्रवाई करने वाली टीम में आरपीएफ क्राइम ब्रांच के एसआई राजाराम मीणा, हेड कांस्टेबल नरेश कुमार, अजय पाल सिंह, नीरज कुमार, शिव कुमार शर्मा शामिल रहे।

इस प्रकार करते हैं अवैध ई-टिकट का खेल
पर्सनल आईडी पर ई-टिकट बनाने के खेल में लगे एजेंट हाईस्पीड इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं और यात्रियों के नाम शार्ट फार्म में लिखकर टिकट बुक करते हैं। मसलन राजेश कुमार गुप्ता को आरके गुप्ता या अवधेश नारायण सिंह को एएन सिंह लिखकर टिकट बुक कर देते हैं।


इसमें समय भी कम लगता है और बर्थ भी मिल जाता है। यह एजेंट टिकट के पेमेंट के लिए ई-वॉलेट मोड़ का इस्तेमाल करते हैं। ई-वॉलेट टिकट पेमेंट के लिए सबसे तेज मोड़ है। इसमें एटीएम कार्ड नंबर, वैधता और ओटीपी डालने की आवश्यकता नहीं पड़ती है। सिर्फ एक कोड डालते ही टिकट बुक हो जाती है। इस काम में लगे एजेंट अलग-अलग नामों से कई पर्सनल आईडी बनाकर फास्ट इंटरनेट के जरिये टिकट बुक कर 1500 रुपये से 2000 रुपये ई-टिकट खरीदने वाले यात्री से प्रति टिकट वसूलते हैं।
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