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साहब नहीं पता गाड़ी कैसे पलटी..बस अब घर पहुंचवा दो
Updated Thu, 27 Sep 2018 01:44 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
उत्तराखंड के गांव बाजपुर से एक सप्ताह पहले चले इन तीर्थ यात्रियों को अब घर पहुंचने की जल्दी हो रही थी। लगातार सफर के चलते यह सभी थके हुए थे। किसी को एक्सीडेंट का भान तक न था। मगर अचानक कब क्या कैसे हो गया, किसी को कुछ पता नहीं चला। बस जब एक्सीडेंट हुआ और गाड़ी पलटी तो चीख पुकार मच गई।
अस्पताल में जब पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों व सियासी लोगों ने इनका हाल-चाल जाना तो सभी की एक करुण पुकार थी कि साहब उन्हें उनके घर पहुंचवा दो। हालांकि अभी उपचार पूरा होने तक घायलों को यहीं रोकने की सलाह डॉक्टरों के द्वारा दी गई है और दो वार्ड इनके लिए रिजर्व कर आपदा प्रबंधन वार्ड घोषित कर दिए गए हैं। जहां अलग से स्टाफ लगाया गया है।
घायलों में ही शामिल कंवलदीप सिंह व गुरदीप कौर ने बताया कि हम सभी लोग एक गांव, एक परिवार से ही ताल्लुक रखते हैं। सभी आपस में रिश्तेदार हैं। यह गाड़ी भी हमारे अपने परिवार की है। मेटाडोर के पिछले हिस्से में तख्ते लगाकर दो फ्लोर बना रखे थे। जिसमें दोनों फ्लोरों पर आराम से सभी लेटकर सफर कर रहे थे।
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अचानक तेज झटके के साथ जब मेटाडोर पलटी तो एक्सीडेंट का अहसास हुआ। एक्सीडेंट के बाद पब्लिक ने जो लोग घायल नहीं थे, उन्हें वहीं एक खाली प्लाट में आश्रय दिया, जहां उनको खाने पीने व उनकी अन्य तीमारदारी का इंतजाम किया। इस काम में मंजूरगढ़ी के भाजपा कार्यकर्ता सक्रिय थे।
इधर, घायलों का हाल चाल जानने के लिए शहर विधायक संजीव राजा व कोल विधायक अनिल पाराशर भी पहुंचे। यहां उन्होंने घायलों से कहा कि यहां हम उनके परिवार के रूप में हैं। उन्हें किसी भी तरह की जरूरत हो तो हमें बताएं, पूरा किया जाएगा। उन्होंने अपने कुछ कार्यकर्ता इनकी देखभाल के लिए वहां छोड़े हैं। सूचना पर पूर्व सांसद चौधरी बिजेंद्र सिंह भी घायलों का हाल जानने मेडिकल कॉलेज पहुंचे।
इधर, मेडिकल कॉलेज में सीटी स्कैन की व्यवस्था न होने के कारण कुछ घायलों को एंबुलेंस से दीनदयाल अस्पताल भिजवाया गया। वहीं मेडिकल कॉलेज में अलग से दो वार्ड इन घायलों के लिए बनवाए गए हैं।
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यह हुए हैं घायल
इस हादसे में घायल हुए लोगों में हरकेवल सिंह 62, लखवीर सिंह कौर 63, गोविन्दर 43, योगेंद्र 70, गुरमीत कौर 40, करन सिंह 60, हरपाल 45, शमशेर 29, सुरेन्द्र कौर 70, हरमिन्दर सिंह 20, नवनीत 17, कमलजीत 22, गुरमीत कौर 45, परमजीत 40, जगन सिंह 25, पदमजीत 10, सुखवीर 60, गुरमीत 36, जगजीत 10, करतार 55, सुन्दर कौर 54, राजेन्द्र 35, गुरुचरन 60, संदीप, मलकीयत सिंह, पदम सिंह, जितेंद्र, जानवीर व सवरजीत आदि हैं।
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उत्तराखंड के गांव बाजपुर से एक सप्ताह पहले चले इन तीर्थ यात्रियों को अब घर पहुंचने की जल्दी हो रही थी। लगातार सफर के चलते यह सभी थके हुए थे। किसी को एक्सीडेंट का भान तक न था। मगर अचानक कब क्या कैसे हो गया, किसी को कुछ पता नहीं चला। बस जब एक्सीडेंट हुआ और गाड़ी पलटी तो चीख पुकार मच गई।
अस्पताल में जब पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों व सियासी लोगों ने इनका हाल-चाल जाना तो सभी की एक करुण पुकार थी कि साहब उन्हें उनके घर पहुंचवा दो। हालांकि अभी उपचार पूरा होने तक घायलों को यहीं रोकने की सलाह डॉक्टरों के द्वारा दी गई है और दो वार्ड इनके लिए रिजर्व कर आपदा प्रबंधन वार्ड घोषित कर दिए गए हैं। जहां अलग से स्टाफ लगाया गया है।
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घायलों में ही शामिल कंवलदीप सिंह व गुरदीप कौर ने बताया कि हम सभी लोग एक गांव, एक परिवार से ही ताल्लुक रखते हैं। सभी आपस में रिश्तेदार हैं। यह गाड़ी भी हमारे अपने परिवार की है। मेटाडोर के पिछले हिस्से में तख्ते लगाकर दो फ्लोर बना रखे थे। जिसमें दोनों फ्लोरों पर आराम से सभी लेटकर सफर कर रहे थे।
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अचानक तेज झटके के साथ जब मेटाडोर पलटी तो एक्सीडेंट का अहसास हुआ। एक्सीडेंट के बाद पब्लिक ने जो लोग घायल नहीं थे, उन्हें वहीं एक खाली प्लाट में आश्रय दिया, जहां उनको खाने पीने व उनकी अन्य तीमारदारी का इंतजाम किया। इस काम में मंजूरगढ़ी के भाजपा कार्यकर्ता सक्रिय थे।
इधर, घायलों का हाल चाल जानने के लिए शहर विधायक संजीव राजा व कोल विधायक अनिल पाराशर भी पहुंचे। यहां उन्होंने घायलों से कहा कि यहां हम उनके परिवार के रूप में हैं। उन्हें किसी भी तरह की जरूरत हो तो हमें बताएं, पूरा किया जाएगा। उन्होंने अपने कुछ कार्यकर्ता इनकी देखभाल के लिए वहां छोड़े हैं। सूचना पर पूर्व सांसद चौधरी बिजेंद्र सिंह भी घायलों का हाल जानने मेडिकल कॉलेज पहुंचे।
इधर, मेडिकल कॉलेज में सीटी स्कैन की व्यवस्था न होने के कारण कुछ घायलों को एंबुलेंस से दीनदयाल अस्पताल भिजवाया गया। वहीं मेडिकल कॉलेज में अलग से दो वार्ड इन घायलों के लिए बनवाए गए हैं।
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यह हुए हैं घायल
इस हादसे में घायल हुए लोगों में हरकेवल सिंह 62, लखवीर सिंह कौर 63, गोविन्दर 43, योगेंद्र 70, गुरमीत कौर 40, करन सिंह 60, हरपाल 45, शमशेर 29, सुरेन्द्र कौर 70, हरमिन्दर सिंह 20, नवनीत 17, कमलजीत 22, गुरमीत कौर 45, परमजीत 40, जगन सिंह 25, पदमजीत 10, सुखवीर 60, गुरमीत 36, जगजीत 10, करतार 55, सुन्दर कौर 54, राजेन्द्र 35, गुरुचरन 60, संदीप, मलकीयत सिंह, पदम सिंह, जितेंद्र, जानवीर व सवरजीत आदि हैं।