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दुष्कर्म में जमानत खारिज, विवेचक पर कार्रवाई को लिखा
Updated Tue, 24 Jul 2018 02:12 AM IST
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क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
पालीमुकीमुपर के किशोरी से दुष्कर्म के मामले में विवेचक की लापरवाही पर अदालत ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत के समक्षा यह प्रकरण आरोपियों की जमानत अर्जी के दौरान आया। अदालत ने एक तरफ मामले में जमानत अर्जी खारिज कर दी है। वहीं विवेचक के खिलाफ कार्रवाई के लिए एसएसपी और डीजीपी को लिखा है।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एडीजीसी हर्षवर्द्धन सिंह के अनुसार 12 फरवरी 2018 को पालीमुकीमुपर इलाके में किशोरी संग नामजदों द्वारा दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया। इस मुकदमे को पुलिस ने छेड़खानी की धाराओं में दर्ज किया। अदालत में दर्ज हुए बयान में किशोरी ने आरोपियों पर दुष्कर्म का आरोप लगाया। इसके बाद भी मामले में दुष्कर्म की धारा नहीं बढ़ाई गई और आरोपी जेल भेज दिए।
अब जब इस मुकदमे के आरोपी रवि और रवेंद्र निवासीगण गहतौली निर्मल ने सत्र न्यायालय में जमानत अर्जी दायर की और इसकी सुनवाई एडीजे-5 के न्यायालय में शुरू हुई तो अदालत ने प्रपत्रों के अवलोकन में पाया कि किशोरी के 164 के बयान में सीधे-सीधे दुष्कर्म का आरोप है और विवेचक ने इसमें दुष्कर्म की धारा नहीं बढ़ाई। इस पर विवेचक को तलब किया तो उसने जवाब दिया कि किशोरी अपने दिए बयान के अनुसार दुष्कर्म के बाद भूसे में दबे कपड़े बरामद नहीं करा पाई थी। इसलिए धारा नहीं बढ़ी।
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इस पर अदालत ने फिलहाल दोनों की जमानत खारिज कर दी है और विवेचक के खिलाफ कार्रवाई के लिए एसएसपी व डीजीपी को लिखा है। इधर, देहली गेट इलाके में 7 जून को फुसलाकर ले जाई गई किशोरी के अपहरण के मामले में आरोपी अफरोज व अतीक निवासीगण रहमानिया मसजिद की जमानत खारिज कर दी है।
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पालीमुकीमुपर के किशोरी से दुष्कर्म के मामले में विवेचक की लापरवाही पर अदालत ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत के समक्षा यह प्रकरण आरोपियों की जमानत अर्जी के दौरान आया। अदालत ने एक तरफ मामले में जमानत अर्जी खारिज कर दी है। वहीं विवेचक के खिलाफ कार्रवाई के लिए एसएसपी और डीजीपी को लिखा है।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एडीजीसी हर्षवर्द्धन सिंह के अनुसार 12 फरवरी 2018 को पालीमुकीमुपर इलाके में किशोरी संग नामजदों द्वारा दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया। इस मुकदमे को पुलिस ने छेड़खानी की धाराओं में दर्ज किया। अदालत में दर्ज हुए बयान में किशोरी ने आरोपियों पर दुष्कर्म का आरोप लगाया। इसके बाद भी मामले में दुष्कर्म की धारा नहीं बढ़ाई गई और आरोपी जेल भेज दिए।
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अब जब इस मुकदमे के आरोपी रवि और रवेंद्र निवासीगण गहतौली निर्मल ने सत्र न्यायालय में जमानत अर्जी दायर की और इसकी सुनवाई एडीजे-5 के न्यायालय में शुरू हुई तो अदालत ने प्रपत्रों के अवलोकन में पाया कि किशोरी के 164 के बयान में सीधे-सीधे दुष्कर्म का आरोप है और विवेचक ने इसमें दुष्कर्म की धारा नहीं बढ़ाई। इस पर विवेचक को तलब किया तो उसने जवाब दिया कि किशोरी अपने दिए बयान के अनुसार दुष्कर्म के बाद भूसे में दबे कपड़े बरामद नहीं करा पाई थी। इसलिए धारा नहीं बढ़ी।
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इस पर अदालत ने फिलहाल दोनों की जमानत खारिज कर दी है और विवेचक के खिलाफ कार्रवाई के लिए एसएसपी व डीजीपी को लिखा है। इधर, देहली गेट इलाके में 7 जून को फुसलाकर ले जाई गई किशोरी के अपहरण के मामले में आरोपी अफरोज व अतीक निवासीगण रहमानिया मसजिद की जमानत खारिज कर दी है।