फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   विंका जेल गया या नहीं, पुलिस असमंजस में

विंका जेल गया या नहीं, पुलिस असमंजस में

Wed, 15 May 2019 02:35 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 15 May 2019 02:35 AM IST
विज्ञापन
विंका जेल गया या नहीं, पुलिस असमंजस में
क्राइम न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़।
विज्ञापन



कस्बे कद्दावर सपा नेता व बरौली विधानसभा अध्यक्ष राकेश यादव की हत्या में ग्वालरा के पूर्व प्रधान रवि प्रताप उर्फ विंका की भूमिका स्पष्ट होने के बाद पुलिस सरगर्मी से विंका को तलाश रही है। हालांकि विंका के बुलंदशहर में किसी अन्य मुकदमे में सरेंडर की चर्चा है। मगर पुलिस को इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई है। इसके लिए पुलिस एक पुलिसकर्मी भी बुलंदशहर भेजने की तैयारी में है। इधर, इस हत्या में बरामद हुई बाइक किस राजनीतिक व्यक्ति की है, इसकी तस्दीक भी कराई जा रही है।


30 अप्रैल की रात हुई राकेश यादव की हत्या का सोमवार को पुलिस ने खुलासा करते हुए दो शूटर गिरफ्तार किए हैं। इस खुलासे में यह साफ किया कि विंका प्रधान ने यह हत्या डेढ़ लाख की सुपारी देकर व पकड़े गए शूटर मनीष की रंजिश में बदले में हत्या कराने के ऑफर पर यह हत्या इस्कान मंदिर से सटी संपत्ति के विवाद में कराई थी। इसके बाद से पुलिस टीम विंका को सरगर्मी से तलाश रही है। हालांकि सोमवार से ही यह चर्चा है कि विंका ने सरेंडर कर दिया है। एसओ हरदुआगंज बताते हैं कि विंका अभी जेल गया या नहीं, उनके पास कोई जानकारी नहीं आई है। इसकी जानकारी कराई जा रही है। वहीं बाइक के मालिक तक पहुंचने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके अलावा विंका के साथ बाइक पर कौन था, यह बात विंका ही बताएगा।
विज्ञापन




तय नहीं हो पाया हरदुआगंज के अनाथ बच्चों का संरक्षक
इस्कान मंदिर से सटी जमीन के स्वामी हरदुआगंज के अनाथ बच्चों का संरक्षक अब तक तय नहीं हो सका है। इस मामले में बुधवार को बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष एसडीएम कोल से मुलाकात करेंगी। बताते चलें कि इस जमीन पर कब्जे की कोशिश में सपा नेता राकेश यादव की दूसरे पक्ष ने पिछले दिनों हत्या कर दी थी। मामला संज्ञान में आने के बाद समिति की अध्यक्ष नीरा वार्ष्णेय ने जिला प्रोबेशन अधिकारी स्मिता सिंह के साथ डीएम से मुलाकात कर जमीन के वारिस तीन अनाथ बच्चों की जान माल की सुरक्षा के लिए प्रशासनिक स्तर पर संरक्षक नियुक्त करने का अनुरोध किया था। डीएम ने तहसीलदार कोल को कार्रवाई के आदेश दिये।
विज्ञापन
विज्ञापन




लेकिन आदेशों को करीब एक सप्ताह का समय गुजर जाने के बाद भी अब तक संरक्षक नियुक्त करने की प्रक्रिया पूर्ण नहीं हो सकी है। बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष नीरा वार्ष्णेय ने स्वीकार किया कि हरदुआगंज के इन तीनों अनाथ बच्चों के प्रशासनिक संरक्षक की नियुक्ति अब तक नहीं हो सकी है। इस मामले में वह बुधवार को एसडीएम कोल से मुलाकात करेंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed