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कॉलेज प्रबंधक पर विधायक निधि गबन का आरोप
Updated Wed, 30 May 2018 02:47 AM IST
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क्राइम न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़।
बरला कॉलेज को विधायक निधि से मिले अनुदान को घर के निजी निर्माण में खर्च करने के मामले में फंसे कॉलेज प्रबंधक पर मुकदमे के आदेश हुए हैं। यह आदेश अदालत में दायर याचिका पर दिए गए हैं। इसमें प्रबंध समिति पदाधिकारियों व प्रधानाचार्य को भी आरोपी बनाया गया है।
बन्नादेवी के अलापुर गड़िया नई आबादी के महेंद्र कुमार की ओर से इस मामले में 31 जनवरी को अधिवक्ता इंद्रपाल सिंह वर्मा के माध्यम से याचिका कोर्ट में दायर की गई थी। जिसमें आरोप था कि बरला में एक स्ववित्त पोषित संस्थान है।
वर्ष 2001-02 में विधायक निधि से कॉलेज को एक लाख का अनुदान मिला था, जिसे प्रबंधक ने अपने मकान के निर्माण में खर्च कर लिया। कॉलेज के नाम पर कोई भूमि भी नहीं है।
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प्रबंध समिति ने अधिकारियों से सांठगांठ कर विद्यालय के पुराने भवन की रंगाई पुताई कर राशि गबन की। वर्ष 2008-09 में विधायक निधि के तीन लाख रुपये का गबन हुआ। 2011-12 में इसी निधि से मिले छह लाख रुपये में जमीन खरीदी गई। इस जमीन को स्कूल की बताकर अफसरों को गुमराह किया।
इस संबंध में अधिकारियों से शिकायतें की गई, मगर कार्रवाई नहीं हुई। कोर्ट ने बरला थाना प्रभारी को मुकदमा दर्ज कर विवेचना के आदेश दिए हैं।
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बरला कॉलेज को विधायक निधि से मिले अनुदान को घर के निजी निर्माण में खर्च करने के मामले में फंसे कॉलेज प्रबंधक पर मुकदमे के आदेश हुए हैं। यह आदेश अदालत में दायर याचिका पर दिए गए हैं। इसमें प्रबंध समिति पदाधिकारियों व प्रधानाचार्य को भी आरोपी बनाया गया है।
बन्नादेवी के अलापुर गड़िया नई आबादी के महेंद्र कुमार की ओर से इस मामले में 31 जनवरी को अधिवक्ता इंद्रपाल सिंह वर्मा के माध्यम से याचिका कोर्ट में दायर की गई थी। जिसमें आरोप था कि बरला में एक स्ववित्त पोषित संस्थान है।
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वर्ष 2001-02 में विधायक निधि से कॉलेज को एक लाख का अनुदान मिला था, जिसे प्रबंधक ने अपने मकान के निर्माण में खर्च कर लिया। कॉलेज के नाम पर कोई भूमि भी नहीं है।
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प्रबंध समिति ने अधिकारियों से सांठगांठ कर विद्यालय के पुराने भवन की रंगाई पुताई कर राशि गबन की। वर्ष 2008-09 में विधायक निधि के तीन लाख रुपये का गबन हुआ। 2011-12 में इसी निधि से मिले छह लाख रुपये में जमीन खरीदी गई। इस जमीन को स्कूल की बताकर अफसरों को गुमराह किया।
इस संबंध में अधिकारियों से शिकायतें की गई, मगर कार्रवाई नहीं हुई। कोर्ट ने बरला थाना प्रभारी को मुकदमा दर्ज कर विवेचना के आदेश दिए हैं।