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ख्वाजा हलीम ट्रस्ट के कालेज के मैदान पर चला बुलडोजर
Updated Sat, 04 Aug 2018 01:45 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
समाजवादी पार्टी सरकार में पर्यटन सलाहकार रहे पूर्व मंत्री मरहूम ख्वाजा हलीम के ख्वाजा फाउंडेशन चेरीटेबिल ट्रस्ट का जमीन आवंटन रद किये जाने के बाद शुक्रवार को तहसील कोल की टीम ने जवां ब्लाक के गांव छेरत सुढ़ियाल में बने ट्रस्ट के अलीगढ़ टीचर्स ट्रेनिंग कालेज के मैदान की बाउंड्रीवाल गिरा दी। महाबली की मदद से बाउंड्रीवाल और वहां बने एक कमरे को ध्वस्त कर दिया गया। हालांकि कालेज भवन प्राइवेट खसरा नंबर में होने के कारण कालेज भवन के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।
बताते चलें कि इस मामले में एडीएम प्रशासन आरएन शर्मा की अदालत ने पूर्व मंत्री मरहूम ख्वाजा हलीम के ख्वाजा फाउंडेशन चेरीटेबिल ट्रस्ट द्वारा गांव छेरत सुढ़ियाल में वर्ष 2003 में बनाए गए अलीगढ़ टीचर्स ट्रेनिंग कालेज में एक गांव की जमीन स्थानांतरित करने के मामले में दो ग्राम पंचायतों की जमीनों को आपस में विनिमय को गलत ठहराते हुए जमीन रद्द कर दी थी।
कोल तहसील की टीम को अवैध रूप से बनाए गए अतिक्रमण कोध्वस्त करने के आदेश दिये थे। इसके अनुपालन में तहसील कोल की टीम ने शुक्रवार को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट आईएएस अधिकारी एवं एसडीएम कोल जोगिंदर सिंह के नेतृत्व में गांव छेरत सुढ़ियाल जाकर नापजोख की।
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ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने बताया कि नापजोख में पता चला कि कालेज का भवन गाटा संख्या 209 में बना है, जो ट्रस्ट की निजी संपत्ति है। लेकिन 1.53 हेक्टेयर में बना कालेज का मैदान ग्राम समाज के अधिकार क्षेत्र में आता है। इस वजह से मैदान में बने एक कमरे एवं पांच छह फुट ऊंची बाउंड्रीवाल ढहा दी गई।
नौ करोड़ की है मुक्त कराई गई जमीन
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने बताया कि ग्राम प्रधान के मुताबिक गांव में जमीनों का रेट 60 लाख रुपया बीघा है। मुक्त करायी गई जमीन करीब 15 बीघा है। इस तरह उसकी कीमत करीब नौ करोड़ है।
कृषि विभाग को दी जाएगी जमीन
एसडीएम कोल एवं ज्वाइंट मजिस्ट्रेट जोगिंदर सिंह ने बताया कि मुक्त करायी गई जमीन कृषि विभाग को दी जाएगी। इसके लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
सपा ने नहीं दिया साथ : जिबरान
पूर्व मंत्री ख्वाजा हलीम के पुत्र ख्वाजा जिबरान हसन ने कहा है कि अपर जिला प्रशासन की अदालत की प्रक्रिया का वो सम्मान करते हैं। इस संबंध में उच्च अदालत में अपील करेंगे। जिससे इंसाफ मिल सके। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में स्थानीय सपा नेताओं ने उनका कोई साथ नहीं दिया है। वहीं शुक्रवार को सपा जिलाध्यक्ष अशोक यादव ने कहा कि भाजपा सरकार में सपा के नेताओं को परेशान किया जा रहा है। जिन अधिकारियों ने पूर्व में ख्वाजा हलीम के ट्रस्ट को जमीन आवंटित की थी, उनके खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई..? अगर आवंटन अवैध है तो सबसे पहले उन अधिकारियों पर कार्रवाई हो। ख्वाजा हलीम के ट्रस्ट पर बेवजह कार्रवाई हो रही है।
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समाजवादी पार्टी सरकार में पर्यटन सलाहकार रहे पूर्व मंत्री मरहूम ख्वाजा हलीम के ख्वाजा फाउंडेशन चेरीटेबिल ट्रस्ट का जमीन आवंटन रद किये जाने के बाद शुक्रवार को तहसील कोल की टीम ने जवां ब्लाक के गांव छेरत सुढ़ियाल में बने ट्रस्ट के अलीगढ़ टीचर्स ट्रेनिंग कालेज के मैदान की बाउंड्रीवाल गिरा दी। महाबली की मदद से बाउंड्रीवाल और वहां बने एक कमरे को ध्वस्त कर दिया गया। हालांकि कालेज भवन प्राइवेट खसरा नंबर में होने के कारण कालेज भवन के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।
बताते चलें कि इस मामले में एडीएम प्रशासन आरएन शर्मा की अदालत ने पूर्व मंत्री मरहूम ख्वाजा हलीम के ख्वाजा फाउंडेशन चेरीटेबिल ट्रस्ट द्वारा गांव छेरत सुढ़ियाल में वर्ष 2003 में बनाए गए अलीगढ़ टीचर्स ट्रेनिंग कालेज में एक गांव की जमीन स्थानांतरित करने के मामले में दो ग्राम पंचायतों की जमीनों को आपस में विनिमय को गलत ठहराते हुए जमीन रद्द कर दी थी।
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कोल तहसील की टीम को अवैध रूप से बनाए गए अतिक्रमण कोध्वस्त करने के आदेश दिये थे। इसके अनुपालन में तहसील कोल की टीम ने शुक्रवार को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट आईएएस अधिकारी एवं एसडीएम कोल जोगिंदर सिंह के नेतृत्व में गांव छेरत सुढ़ियाल जाकर नापजोख की।
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ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने बताया कि नापजोख में पता चला कि कालेज का भवन गाटा संख्या 209 में बना है, जो ट्रस्ट की निजी संपत्ति है। लेकिन 1.53 हेक्टेयर में बना कालेज का मैदान ग्राम समाज के अधिकार क्षेत्र में आता है। इस वजह से मैदान में बने एक कमरे एवं पांच छह फुट ऊंची बाउंड्रीवाल ढहा दी गई।
नौ करोड़ की है मुक्त कराई गई जमीन
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने बताया कि ग्राम प्रधान के मुताबिक गांव में जमीनों का रेट 60 लाख रुपया बीघा है। मुक्त करायी गई जमीन करीब 15 बीघा है। इस तरह उसकी कीमत करीब नौ करोड़ है।
कृषि विभाग को दी जाएगी जमीन
एसडीएम कोल एवं ज्वाइंट मजिस्ट्रेट जोगिंदर सिंह ने बताया कि मुक्त करायी गई जमीन कृषि विभाग को दी जाएगी। इसके लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
सपा ने नहीं दिया साथ : जिबरान
पूर्व मंत्री ख्वाजा हलीम के पुत्र ख्वाजा जिबरान हसन ने कहा है कि अपर जिला प्रशासन की अदालत की प्रक्रिया का वो सम्मान करते हैं। इस संबंध में उच्च अदालत में अपील करेंगे। जिससे इंसाफ मिल सके। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में स्थानीय सपा नेताओं ने उनका कोई साथ नहीं दिया है। वहीं शुक्रवार को सपा जिलाध्यक्ष अशोक यादव ने कहा कि भाजपा सरकार में सपा के नेताओं को परेशान किया जा रहा है। जिन अधिकारियों ने पूर्व में ख्वाजा हलीम के ट्रस्ट को जमीन आवंटित की थी, उनके खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई..? अगर आवंटन अवैध है तो सबसे पहले उन अधिकारियों पर कार्रवाई हो। ख्वाजा हलीम के ट्रस्ट पर बेवजह कार्रवाई हो रही है।