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रोजगारपरक पाठ्यक्रमों में क्रेडिट होंगे अहम
सार
फोटो..रोजगारपरक पाठ्यक्रमों में क्रेडिट की भूमिकासब हेडआरएमपीयू : हर साल छह क्रेडिट हासिल करनी होगी विद्यार्थियों को, क्रेडिट का उपयोग सर्टिफिकेट, डिप्लोमा व डिग्री में आएगा कामअमर उजाला ब्यूरोअलीगढ़।क्रेडिट की वैधता के लिए परीक्षा देनी होगी।
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विस्तार
फोटो..
रोजगारपरक पाठ्यक्रमों में क्रेडिट की भूमिका
सब हेड
आरएमपीयू : हर साल छह क्रेडिट हासिल करनी होगी विद्यार्थियों को, क्रेडिट का उपयोग सर्टिफिकेट, डिप्लोमा व डिग्री में आएगा काम
अमर उजाला ब्यूरो
अलीगढ़। राजा महेंद्र प्रताप सिंह राज्य विश्वविद्यालय (आरएमपीयू) अलीगढ़ से संबद्ध महाविद्यालयों में रोजपरक पाठ्यक्रमों में क्रेडिट की भूमिका अहम होगी। हर सेमेस्टर में न्यूनतम तीन और साल में छह क्रेडिट हासिल करने होंगे। ज्यादा क्रेडिट हासिल करने वाले विद्यार्थी अपनी पसंद के रोजगारपरक पाठ्यक्रम हासिल कर सकेंगे।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत विद्यार्थी को एक साल में छह क्रेडिट और दो साल में 12 क्रेडिट हासिल करना होगा, जिसका उपयोग सर्टिफिकेट, डिप्लोमा और डिग्री प्राप्त करने में किया जा सकता है। क्रेडिट की वैधता के लिए परीक्षा देनी होगी। परीक्षा के बिना क्रेडिट अपूर्ण होंगे। परीक्षा देने से पहले विद्यार्थी की 75 फीसदी उपस्थिति जरूरी है। इसी आधार पर उसे परीक्षा के लिए अर्ह माना जाएगा। हालांकि, किसी कारण से वह विद्यार्थी परीक्षा नहीं दे पाता है, तो वह आगामी समय में परीक्षा दे सकता है। किसी पाठ्यक्रम संरचना के लिए निर्धारित क्रेडिट प्राप्त करने में असफल छात्र के लिए पृथक रूप से पुन: परीक्षा या बैक पेपर परीक्षा नहीं होगी। इसके लिए विद्यार्थियों को पुनर्परीक्षा देनी होगी।
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वर्जन
सभी विषयों के प्रश्न पत्र 100 अंकों के होंगे, जिनको क्रेडिट और फॉर्मूला के अनुसार प्रतिशत और ग्रेड में साफ्टवेयर से परिवर्तित कर दिया जाएगा।
-महेश कुमार, कुलसचिव, आरएमपीयू
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इकराम वारिस
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रोजगारपरक पाठ्यक्रमों में क्रेडिट की भूमिका
सब हेड
आरएमपीयू : हर साल छह क्रेडिट हासिल करनी होगी विद्यार्थियों को, क्रेडिट का उपयोग सर्टिफिकेट, डिप्लोमा व डिग्री में आएगा काम
अमर उजाला ब्यूरो
अलीगढ़। राजा महेंद्र प्रताप सिंह राज्य विश्वविद्यालय (आरएमपीयू) अलीगढ़ से संबद्ध महाविद्यालयों में रोजपरक पाठ्यक्रमों में क्रेडिट की भूमिका अहम होगी। हर सेमेस्टर में न्यूनतम तीन और साल में छह क्रेडिट हासिल करने होंगे। ज्यादा क्रेडिट हासिल करने वाले विद्यार्थी अपनी पसंद के रोजगारपरक पाठ्यक्रम हासिल कर सकेंगे।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत विद्यार्थी को एक साल में छह क्रेडिट और दो साल में 12 क्रेडिट हासिल करना होगा, जिसका उपयोग सर्टिफिकेट, डिप्लोमा और डिग्री प्राप्त करने में किया जा सकता है। क्रेडिट की वैधता के लिए परीक्षा देनी होगी। परीक्षा के बिना क्रेडिट अपूर्ण होंगे। परीक्षा देने से पहले विद्यार्थी की 75 फीसदी उपस्थिति जरूरी है। इसी आधार पर उसे परीक्षा के लिए अर्ह माना जाएगा। हालांकि, किसी कारण से वह विद्यार्थी परीक्षा नहीं दे पाता है, तो वह आगामी समय में परीक्षा दे सकता है। किसी पाठ्यक्रम संरचना के लिए निर्धारित क्रेडिट प्राप्त करने में असफल छात्र के लिए पृथक रूप से पुन: परीक्षा या बैक पेपर परीक्षा नहीं होगी। इसके लिए विद्यार्थियों को पुनर्परीक्षा देनी होगी।
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सभी विषयों के प्रश्न पत्र 100 अंकों के होंगे, जिनको क्रेडिट और फॉर्मूला के अनुसार प्रतिशत और ग्रेड में साफ्टवेयर से परिवर्तित कर दिया जाएगा।
-महेश कुमार, कुलसचिव, आरएमपीयू
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इकराम वारिस