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शहरी क्षेत्र में सड़क पर घूमते न मिलें गोवंश : डीएम
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कलेक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार को डीएम इंद्र विक्रम सिंह की अध्यक्षता में गो संरक्षण केंद्रों के प्रबंधन संचालन, रखरखाव, भरण-पोषण को लेकर बैठक आहुत की गई। उन्होंने कहा कि गो संरक्षण मुख्यमंत्री की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए पर्याप्त धनराशि दी जा रही है। इनके लिए खाने की कोई कमी न रहे, इसलिए आवश्यक है कि समय रहते भूसा संग्रहण कर लिया जाए। डीएम ने नगर निगम को निर्देशित किया कि शहरी क्षेत्र में गोवंश सड़कों पर घूमता हुआ नजर नहीं आना चाहिए। गोवंश सहभागिता योजना को प्रभावी ढ़ंग से लागू करें।
खंड विकास अधिकारियों से कहा कि राज्य वित्त आयोग की धनराशि का 10 प्रतिशत हिस्सा गोवंश प्रबंधन एवं भरण-पोषण पर व्यय करें। गोसंरक्षण केंद्रों में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न रहे। मुख्यमंत्री निराश्रित गोवंश योजना के आवंटित लक्ष्य को गंभीरता से पूरा करें। नोडल अधिकारी संयुक्त निदेशक पशुपालन एसपी शुक्ला ने भूसा खरीद की केंद्रीकृत व्यवस्था से दूर रहते हुए सीधे किसानों से भूसा खरीदने पर जोर दिया। कहा कि अभी समय है भूसा संग्रहित कर लिया जाए। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. बीपी सिंह ने बताया कि 20वीं पशुगणना के मुताबिक जनपद में 3,11,298 गोवंश हैं। जिसमें से 28559 निराश्रित हैं।
जनपद में 146 गो आश्रय स्थल, तीन कांजी हाउस, 18 कान्हा गोशालाएं संचालित हैं। विभाग में पंजीकृत 13 एवं व्यक्तिगत रूप से 16 गोशालाएं संचालित हैं। जिनमें 3298 गोवंश संरक्षित हैं। चार वृहद गो संरक्षण केंद्र नगला ओगर राजू, नबीपुर, नेहरा एवं मजूपुर में संचालित हैं, जहां 2126 गोवंश संरक्षित हैं। 36647 क्विंटल भूसा संग्रहित किया गया है।
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3829 क्विंटल भूसा दान में प्राप्त हुआ है, 32818 क्विंटल भूसा खरीदा गया है। इस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी प्रकट करते हुए कहा कि जल्द से जल्द भूसा क्रय कर समुचित रूप से संग्रहित कर लिया जाए। बैठक में सीडीओ आकांक्षा राना,समस्त एसडीएम, बीडीओ, ईओ उपस्थित रहे। संवाद
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खंड विकास अधिकारियों से कहा कि राज्य वित्त आयोग की धनराशि का 10 प्रतिशत हिस्सा गोवंश प्रबंधन एवं भरण-पोषण पर व्यय करें। गोसंरक्षण केंद्रों में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न रहे। मुख्यमंत्री निराश्रित गोवंश योजना के आवंटित लक्ष्य को गंभीरता से पूरा करें। नोडल अधिकारी संयुक्त निदेशक पशुपालन एसपी शुक्ला ने भूसा खरीद की केंद्रीकृत व्यवस्था से दूर रहते हुए सीधे किसानों से भूसा खरीदने पर जोर दिया। कहा कि अभी समय है भूसा संग्रहित कर लिया जाए। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. बीपी सिंह ने बताया कि 20वीं पशुगणना के मुताबिक जनपद में 3,11,298 गोवंश हैं। जिसमें से 28559 निराश्रित हैं।
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जनपद में 146 गो आश्रय स्थल, तीन कांजी हाउस, 18 कान्हा गोशालाएं संचालित हैं। विभाग में पंजीकृत 13 एवं व्यक्तिगत रूप से 16 गोशालाएं संचालित हैं। जिनमें 3298 गोवंश संरक्षित हैं। चार वृहद गो संरक्षण केंद्र नगला ओगर राजू, नबीपुर, नेहरा एवं मजूपुर में संचालित हैं, जहां 2126 गोवंश संरक्षित हैं। 36647 क्विंटल भूसा संग्रहित किया गया है।
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3829 क्विंटल भूसा दान में प्राप्त हुआ है, 32818 क्विंटल भूसा खरीदा गया है। इस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी प्रकट करते हुए कहा कि जल्द से जल्द भूसा क्रय कर समुचित रूप से संग्रहित कर लिया जाए। बैठक में सीडीओ आकांक्षा राना,समस्त एसडीएम, बीडीओ, ईओ उपस्थित रहे। संवाद