फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   Court Judgment for Life Prison to Husband Wife incase of murdered Daughter in law

प्रेम विवाह के बाद बहू का गला रेता, पति-सास-ससुर को उम्रकैद

Tue, 21 May 2019 11:49 PM IST
राजेश सैनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़ Published by: राजेश सैनी Updated Tue, 21 May 2019 11:49 PM IST
सार

-महानगर के जीवनगढ़ इलाके में छह साल पहले दहेज के लिए चाकू से गला रेतकर की गई थी विवाहिता की हत्या
-विवाहिता की ननद, ननदोई और रिश्ते के देवर को किया बरी

विज्ञापन
Court Judgment for Life Prison to Husband Wife incase of murdered Daughter in law
सांकेतिक तस्वीर

विस्तार

अलीगढ़ महानगर के जीवनगढ़ इलाके में छह साल पहले प्रेम विवाह कर घर लाई गई बहू की दहेज की खातिर गला रेतकर हत्या के मुकदमे में अदालत ने पति, सास व ससुर को उम्रकैद की सजा सुनाई है। यह फैसला सत्र न्यायाधीश नवीन कुमार श्रीवास्तव के न्यायालय से सुनाया गया है। हालांकि इस मुकदमे में ननद, ननदोई व रिश्ते के देवर सहित कुल साल लोग नामजद किए गए थे। 

विज्ञापन


मगर अदालत में साक्ष्यों व गवाही के आधार पर पति, सास व ससुर को ही दोषी ठहराया गया और बाकी आरोपियों को बरी कर दिया गया। अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता डीजीसी धीरेंद्र सिंह तोमर के अनुसार 3 जून 2013 को क्वार्सी के जीवनगढ़ बारहबीघा गली नंबर एक निवासी नसीमा बेगम ने क्वार्सी थाने में अपनी बेटी रीना की दहेज के लिए हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। 
विज्ञापन


मुकदमे में मोहल्ले में ही रहने वाले अपने दामाद नदीम खां, समधिन परवीन, समधी हनीफ खां, दामाद की बहन नसरीन व बहनोई 
शादाब निवासीगण पूजा कॉलोनी लोनी गाजियाबाद, अविवाहित बहन फरीन, रिश्ते के भाई सैजी को नामजद किया था। आरोप था कि घटना से चार साल पहले यानि 2009 में बेटी रीना का निकाह नदीम संग किया था। 
विज्ञापन
विज्ञापन


दोनों में प्रेम संबंधों के बाद परिवार की सहमति पर यह रिश्ता हुआ था। इसके बाद दंपती पर एक बेटी भी हुई, मगर ससुराल में रीना को दहेज में बाइक, टीवी व फ्रीज की मांग को लेकर तंग किया जाने लगा। किसी तरह मां-बाप ने टीवी व फ्रीज की मांग पूरी कर दी। इसके बाद भी बाइक के लिए परेशान किया जाने लगा। 2 जून 2013 को उसे बाइक के लिए पीटा गया। 

उसी शाम यह खबर रीना की मां को मिली तो उन्होंने बेटी के घर जाकर ससुरालियों को समझाकर शांत कर दिया। इसके बाद 3 जून की शाम पांच बजे रीना की मां अपनी दूसरी बेटी व दामाद संग रीना से मिलने पहुंचे तो उन्होंने देखा कि रीना का पति नदीम रीना का गला रेत रहा था, बाकी परिजन हाथ पैर पकड़े हुए थे। 

यह देख जब रीना की मां ने शोर मचाया तो आरोपी कत्ल कर भाग गए। बाद में पुलिस बुला ली गई, मगर तब तक रीना ने दम तोड़ दिया। इस मामले में पुलिस ने दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज किया। आरोपी नदीम से गिरफ्तारी पर चाकू बरामद किया और हत्या की धाराओं में चार्जशीट दायर की। अदालत में साक्ष्यों व गवाही के आधार पर पति, सास व ससुर को छोड़ अन्य आरोपियों को बरी कर दिया गया। 

जिन्हें बरी किया गया, उनके खिलाफ अभियोजन मौके पर मौजूद होने के साक्ष्य नहीं पेश कर सका। अदालत ने दोषी करार दिए गए आरोपियों को उम्रकैद व 20-20 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है।


बेटी को लेकर अभी फैसला आना बाकी
मृत रीना व पत्नी की हत्या में उम्रकैद की सजा पाने वाले नदीम दंपती की वर्तमान में सात साल की बेटी है। जिसके अभिभावक बनने को लेकर अदालत में नानी व दादी की ओर से याचिका लंबित है। अभी उस पर फैसला आना बाकी है। हालांकि अभी बच्ची नानी के पास मौजूद है।

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed