Aligarh Road Accident: गंगा स्नान करने जा रहे दंपती की हादसे में गई जान, परिजनों में मचा कोहराम
तेज रफ्तार मैक्स लोडर ने उन्हें टक्कर मार दी। इससे मनोरमा की मौके पर ही मौत हो गई। प्रेमपाल गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें अन्य लोग तत्काल ही जेएन मेडिकल कॉलेज ले गए लेकिन वहां पहुंचते ही डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
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श्राद्ध पूर्णिमा पर गंगा स्नान करने के लिए अनूपशहर जा रहे दंपती को बुलंदशहर के डिबाई क्षेत्र में एक लोडर मैक्स को टक्कर मार दी। इससे दोनों की मौत हो गई। वहीं हादसे में दो अन्य लोग घायल हो गए। शनिवार की दोपहर दंपती के शव कस्बे में पहुंचे तो उनके तीनों पुत्रों का रोकर बुरा हाल था। शोक में कस्बे की दुकानें बंद रहीं।
शुक्रवार की रात करीब 9 बजे कस्बे के सब्जी पैंठ के पास प्रजापति मोहल्ला निवासी 36 वर्षीय प्रेमपाल सिंह पुत्र गनपत सिंह अपनी पत्नी मनोरमा (32) के साथ अनूपशहर गंगा घाट पर स्नान करने जा रहे थे। उनके साथ गाड़ी में कस्बे के 18-20 लोग मौजूद थे। शुक्रवार की रात करीब 10 बजे गाड़ी डिबाई कोतवाली क्षेत्र के मुसेर पहुंची तभी उसका एक पहिया पंचर हो गया। चालक ने गाड़ी सड़क से उतारकर किनारे खड़ी की और पहिये को बदलने लगा।
प्रेमपाल भी नीचे उतरकर चालक की सहायता करने लगे। अधिक देर होने पर उनकी पत्नी मनोरमा भी नीचे उतर गईं और सड़क किनारे खड़े होकर पति से बात करने लगीं। इसी बीच पीछे से आए तेज रफ्तार मैक्स लोडर ने सभी को टक्कर मार दी। इससे मनोरमा की मौके पर ही मौत हो गई। प्रेमपाल गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें अन्य लोग तत्काल ही जेएन मेडिकल कॉलेज ले गए लेकिन वहां पहुंचते ही डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
इस हादसे में गाड़ी मालिक राकेश व ताजपुर निवासी कमलेश देवी भी घायल हुए हैं। दंपती अपने तीनों पुत्रों को घर पर छोड़कर गंगा स्नान करने के लिए गए थे। जैसे ही कस्बे में यह खबर पहुंची तो शोक की लहर दौड़ गई। कस्बे के तमाम लोग उनके दरवाजे पहुंच गए।
छोटे-छोटे हैं दंपती के तीनों पुत्र
प्रेमपाल व मनोरमा के तीनों पुत्र शिवम (12), नितिन (10) और हिमांशु (7) बेसहारा हो गए हैं। दो साल पहले ही प्रेमपाल की मां प्रेमा देवी की अमृतपुर गांव के पास सड़क हादसे में मौत हो गई थी। उनके पिता गनपत सिंह का भी कई वर्ष पहले निधन हो चुका है। चाचा-चाची का ही सहारा बचा है।
एक ही चिता में हुआ पति-पत्नी का अंतिम संस्कार
करीब 15 वर्ष पहले प्रेमपाल व मनोरमा की शादी हुई थी। दोनों के शव को एक ही चिता में रखकर अंतिम संस्कार किया गया। बड़े बेटे शिवम ने दोनों के शव को मुखाग्नि दी।