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जेएन मेडिकल कॉलेज में कोरोना वायरस वैक्सीन के परीक्षण का कार्य शुरू
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जेएन मेडिकल कॉलेज में कोरोना वायरस वैक्सीन के परीक्षण का कार्य शुरू
अलीगढ़। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जेएन मेडिकल कॉलेज में कोरोना वायरस से बचाने के लिए हैदराबाद की फार्मा कंपनी भारत बायोटेक द्वारा बनाई गई वैक्सीन के ट्रायल का काम शुरू हो चुका है।
मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल प्रोफेसर शाहिद अली सिद्दीकी कहते हैं कि परीक्षण का कार्य शुरू कर दिया गया है और अगले 2 से 3 महीने के बीच में परिणाम आने की संभावना व्यक्त की जा रही है। उन्होंने बताया कि वैक्सीन के परीक्षण का कार्य देश में 9 राज्यों में चल रहा है।
संभव है कि किसी राज्य में परीक्षण का कार्य पूरा हो गया हो। जब सभी स्थानों पर परीक्षण का कार्य पूरा हो जाएगा तब उनके परिणामों का एक जगह पर विश्लेषण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि वैक्सीन के परीक्षण में शामिल होने वाले वॉलिंटियर्स का नाम और पहचान को गुप्त रखा गया है। यह सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देश और मेडिकल काउंसिल की गाइडलाइन के तहत किया गया है। परीक्षण के परिणाम या उसके रुझान भी जाहिर नहीं किए जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि महामारी के दौरान जेएन मेडिकल कॉलेज में मरीजों के उपचार में बहुत निर्णायक भूमिका निभाई है, जिसको भारत के स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी बहुत सराहा है।
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अलीगढ़। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जेएन मेडिकल कॉलेज में कोरोना वायरस से बचाने के लिए हैदराबाद की फार्मा कंपनी भारत बायोटेक द्वारा बनाई गई वैक्सीन के ट्रायल का काम शुरू हो चुका है।
मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल प्रोफेसर शाहिद अली सिद्दीकी कहते हैं कि परीक्षण का कार्य शुरू कर दिया गया है और अगले 2 से 3 महीने के बीच में परिणाम आने की संभावना व्यक्त की जा रही है। उन्होंने बताया कि वैक्सीन के परीक्षण का कार्य देश में 9 राज्यों में चल रहा है।
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संभव है कि किसी राज्य में परीक्षण का कार्य पूरा हो गया हो। जब सभी स्थानों पर परीक्षण का कार्य पूरा हो जाएगा तब उनके परिणामों का एक जगह पर विश्लेषण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि वैक्सीन के परीक्षण में शामिल होने वाले वॉलिंटियर्स का नाम और पहचान को गुप्त रखा गया है। यह सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देश और मेडिकल काउंसिल की गाइडलाइन के तहत किया गया है। परीक्षण के परिणाम या उसके रुझान भी जाहिर नहीं किए जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि महामारी के दौरान जेएन मेडिकल कॉलेज में मरीजों के उपचार में बहुत निर्णायक भूमिका निभाई है, जिसको भारत के स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी बहुत सराहा है।
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