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Aligarh News: समन्वय समिति रम्पुटा ने विवि प्रशासन व जांच समिति को घेरा
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समन्वय समिति राजा महेंद्र प्रताप सिंह राज्य विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (रम्पुटा) ने दो परीक्षकों को दो साल तक परीक्षक कार्य से मुक्त किए जाने के विरोध में विवि प्रशासन और जांच समिति को घेरा है। विवि की कार्रवाई से शिक्षकों में आक्रोश है। उन्होंने परीक्षकों को बहाल करने की मांग को लेकर कुलपति को ज्ञापन सौंपा है।
समन्वय समिति आरएमपीयू व डॉ. बीआर आंबेडकर विश्वविद्यालय शिक्षक संघ आगरा के अध्यक्ष प्रो. ओमवीर सिंह के नेतृत्व में शिक्षकों ने परीक्षकों को दो साल के लिए कार्य मुक्त किए जाने के विरोध में कुलपति को ज्ञापन सौंपा। उनसे परीक्षकों को बहाल करने की मांग की।
प्रो. ओमवीर ने कहा कि परीक्षकों से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिस महाविद्यालय के परीक्षार्थियों की बीएड प्रथम वर्ष की परीक्षा थी, वहां परीक्षा के लिए विश्वविद्यालय द्वारा बनाए मापदंड का अनुपालन नहीं किया गया था। इस अवसर पर डीएस कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. मुकेश भारद्वाज, डॉ. हरीश शर्मा आदि मौजूद रहे
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बता दें कि विवि प्रशासन ने आंतरिक परीक्षक जितेंद्र कुमार डीएस कॉलेज, प्रो. सुरेंद्र कुमार हिंदू कॉलेज मुरादाबाद को दो साल के लिए परीक्षक कार्य से मुक्त कर दिया गया है। उन पर बीएड प्रथम वर्ष की प्रयोगात्मक परीक्षा में विद्यार्थियों को फेल करने का आरोप था।
बीएड के विद्यार्थियों का भविष्य अंधकार में
राजा महेंद्र प्रताप सिंह राज्य विश्वविद्यालय स्ववित्त पोषित महाविद्यालय एसोसिएशन ने बीएड के अनुपस्थित छात्रों की प्रयोगात्मक परीक्षा न होने से उनका भविष्य अंधकार में डूबने की चिंता जाहिर की है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. ब्रह्मजीत सिंह ने कहा कि करीब 19 महाविद्यालयों के करीब 80 बीएड के विद्यार्थियों की प्रयोगात्मक परीक्षा नहीं हो पाई। वह परीक्षा में अनुपस्थित रहे, उन्हें एक अवसर और दिया जाए।
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समन्वय समिति आरएमपीयू व डॉ. बीआर आंबेडकर विश्वविद्यालय शिक्षक संघ आगरा के अध्यक्ष प्रो. ओमवीर सिंह के नेतृत्व में शिक्षकों ने परीक्षकों को दो साल के लिए कार्य मुक्त किए जाने के विरोध में कुलपति को ज्ञापन सौंपा। उनसे परीक्षकों को बहाल करने की मांग की।
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प्रो. ओमवीर ने कहा कि परीक्षकों से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिस महाविद्यालय के परीक्षार्थियों की बीएड प्रथम वर्ष की परीक्षा थी, वहां परीक्षा के लिए विश्वविद्यालय द्वारा बनाए मापदंड का अनुपालन नहीं किया गया था। इस अवसर पर डीएस कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. मुकेश भारद्वाज, डॉ. हरीश शर्मा आदि मौजूद रहे
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बता दें कि विवि प्रशासन ने आंतरिक परीक्षक जितेंद्र कुमार डीएस कॉलेज, प्रो. सुरेंद्र कुमार हिंदू कॉलेज मुरादाबाद को दो साल के लिए परीक्षक कार्य से मुक्त कर दिया गया है। उन पर बीएड प्रथम वर्ष की प्रयोगात्मक परीक्षा में विद्यार्थियों को फेल करने का आरोप था।
बीएड के विद्यार्थियों का भविष्य अंधकार में
राजा महेंद्र प्रताप सिंह राज्य विश्वविद्यालय स्ववित्त पोषित महाविद्यालय एसोसिएशन ने बीएड के अनुपस्थित छात्रों की प्रयोगात्मक परीक्षा न होने से उनका भविष्य अंधकार में डूबने की चिंता जाहिर की है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. ब्रह्मजीत सिंह ने कहा कि करीब 19 महाविद्यालयों के करीब 80 बीएड के विद्यार्थियों की प्रयोगात्मक परीक्षा नहीं हो पाई। वह परीक्षा में अनुपस्थित रहे, उन्हें एक अवसर और दिया जाए।