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अलीगढ़ : 34 साल बाद बिजली चोरी में दोषी करार
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एडीजे विशेष ईसी एक्ट अशोक कुमार दशम की अदालत ने 34 वर्ष पुराना एक ऐसा मुकदमा निस्तारित किया है, जिसमें आरोपी लंबे समय से हाजिर नहीं हो रहा था। वर्ष 1988 के इस मुकदमे में अदालत ने एसएसपी को गिरफ्तारी आदेश भेजे हैं। इस पर 70 वर्षीय बुजुर्ग आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जिसे जुर्माने की सजा सुनाकर दंडित किया गया।
अभियोजन अधिवक्ता प्रमोद कुमार कुलश्रेष्ठ के अनुसार 10 मई 1988 को जेई जेपी सारस्वत ने टीम के साथ रघुवीरपुरी के मुन्ना खां व श्यामलाल के खिलाफ चेकिंग में बिजली चोरी पकड़ी थी, जिसका मुकदमा थाना बन्नादेवी में दर्ज हुआ। सत्र परीक्षण के दौरान 2011 में श्यामलाल की मृत्यु हो गई। मगर मुन्ना लंबे समय से गैर हाजिर चल रहा था। उसके खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी थे। इस पर अदालत ने एसएसपी को पत्र लिखा, जिसके आधार पर 11 मई को आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया। चूंकि आरोपी की उम्र 70 वर्ष थी और विद्युत अधिनियम 1910 की धारा 39 में जुर्माने का प्रावधान है। इस आधार पर अदालत ने आरोपी को जुर्माने की सजा से दंडित किया है।
डीजीपी को पत्र लिखा तब पेश किया आरोपी
एडीजीसी प्रमोद कुलश्रेष्ठ के अनुसार इसी तरह वर्ष 2006 के एक मुकदमे में जेई एसपी सिंह ने क्वार्सी के बघेल नगर में दलवीर सिंह के यहां बिजली चोरी पकड़ी। मुकदमे के आधार पर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल हुआ। आरोपी 21 मार्च 2013 से गैर हाजिर हो गया और गैरजमानती वारंट जारी हो गए। मगर आरोपी पकड़ा नहीं गया। इस पर अदालत ने एसएसपी व डीजीपी को पत्र लिखा। तब जाकर बृहस्पतिवार को आरोपी पेश किया गया। इस पर आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकारा और अदालत ने उसे जुर्माने से दंडित किया है। यह भी आदेश किया है कि अगर कोई बकाया हो तो विभाग उसे वसूलने को स्वतंत्र है। दोनों मामलों में विभाग की ओर से प्रमोद कुलश्रेष्ठ के साथ विनोद गौतम ने भी पैरवी की।
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अभियोजन अधिवक्ता प्रमोद कुमार कुलश्रेष्ठ के अनुसार 10 मई 1988 को जेई जेपी सारस्वत ने टीम के साथ रघुवीरपुरी के मुन्ना खां व श्यामलाल के खिलाफ चेकिंग में बिजली चोरी पकड़ी थी, जिसका मुकदमा थाना बन्नादेवी में दर्ज हुआ। सत्र परीक्षण के दौरान 2011 में श्यामलाल की मृत्यु हो गई। मगर मुन्ना लंबे समय से गैर हाजिर चल रहा था। उसके खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी थे। इस पर अदालत ने एसएसपी को पत्र लिखा, जिसके आधार पर 11 मई को आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया। चूंकि आरोपी की उम्र 70 वर्ष थी और विद्युत अधिनियम 1910 की धारा 39 में जुर्माने का प्रावधान है। इस आधार पर अदालत ने आरोपी को जुर्माने की सजा से दंडित किया है।
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डीजीपी को पत्र लिखा तब पेश किया आरोपी
एडीजीसी प्रमोद कुलश्रेष्ठ के अनुसार इसी तरह वर्ष 2006 के एक मुकदमे में जेई एसपी सिंह ने क्वार्सी के बघेल नगर में दलवीर सिंह के यहां बिजली चोरी पकड़ी। मुकदमे के आधार पर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल हुआ। आरोपी 21 मार्च 2013 से गैर हाजिर हो गया और गैरजमानती वारंट जारी हो गए। मगर आरोपी पकड़ा नहीं गया। इस पर अदालत ने एसएसपी व डीजीपी को पत्र लिखा। तब जाकर बृहस्पतिवार को आरोपी पेश किया गया। इस पर आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकारा और अदालत ने उसे जुर्माने से दंडित किया है। यह भी आदेश किया है कि अगर कोई बकाया हो तो विभाग उसे वसूलने को स्वतंत्र है। दोनों मामलों में विभाग की ओर से प्रमोद कुलश्रेष्ठ के साथ विनोद गौतम ने भी पैरवी की।
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