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मां-बहन को बाहर निकालने पर कैदी ने दरोगा को जमकर पिटा, हंगामा
Thu, 19 Sep 2019 05:53 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
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Published by: अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 19 Sep 2019 05:53 AM IST
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जेल में मारपीट के बाद बाहर हंगामा करती महिलाएं।
- फोटो : CITY OFFICE
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जिला कारागार में मानसिक कमजोर सजायाफ्ता कैदी से मिलने आई उसकी मां और बहन को मिलाई का समय पूरा होने के बाद बाहर करना एक एचसीपी (दरोगा) को भारी पड़ गया। कैदी ने दरोगा को जमकर पिटा। बंदी रक्षकों ने आकर कैदी से दरोगा की जान बचाई। इसके बाद बाहर की गई कैदी की मां और बहन ने हंगामा काटना शुरू कर दिया। जेल अधीक्षक अलोक सिंह ने समझाकर मामला शांत किया और महिलाओं को मामले की जांच का आश्वासन दिया।
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सिविल लाइंस के जमालपुर इलाके का युवक मुकीत पुत्र नन्नू पत्नी की दहेज के लिए हत्या के आरोप में दस साल की सजा काट रहा है। बुधवार को उसकी मां शाबरा और बहन तरम मिलाई करने जेल में आई थीं। मिलाई का समय पूरा होने के बाद दरोगा संतोष कुशवाहा उन्हें बाहर जाने को कहने लगा। इसी बात से गुस्साए मुकीत ने संतोष को पकड़ लिया और उसके पीटना शुरू कर दिया। यह देख बंदी रक्षक दौड़कर आए और मुकीत को दरोगा से अलग किया। साथ ही उसकी मां और बहन को जेल परिसर से बाहर कर दिया।
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इस बात से गुस्साई मां और बहन ने भी जेल के गेट पर हंगामा करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। सूचना पर जेल अधीक्षक आलोक सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने दोनों को समझाकर शांत किया। इसके बाद संतोष सिंह को मेडिकल के लिए भेज दिया गया। जेल अधीक्षक आलोक सिंह के मुताबिक कैदी मुकीत मानसिक रूप से कमजोर है। 30 अप्रैल 2017 को जेल से उसे इलाज के लिए वाराणसी भी भेजा गया था। वहां से 15 नवंबर को लौटकर आया। इसके बाद 30 जुलाई 2018 को उसे कोर्ट ने दहेज हत्या का दोषी पाते हुए 10 साल कैद की सजा सुनाई थी।
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