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धर्मांतरण प्रकरण : माली तक पहुंची एजेंसी, नहीं मिला कोई सुराग
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उमर गौतम की गिरफ्तारी के बाद कानपुर में पकड़े गए आदित्य ने एएमयू के जिस माली की जानकारी दी है, उस तक बृहस्पतिवार को जांच एजेंसी पहुंच गईं। मगर उससे या उसके परिवार से एजेंसी ऐसा कोई सुराग नहीं निकाल पाईं, जिससे यह साफ हो सके कि उसने धर्मांतरण किया है। हां, चूंकि वह और उसकी पत्नी मूकबधिर हैं, इसलिए ज्यादा बात भी नहीं कर सके। मगर एजेंसियों के सामने एक सवाल है कि आखिर माली संग आदित्य का फोटो कैसे आया। इसे लेकर जरूरत पड़ने पर एजेंसी सांकेतिक भाषा समझने वाले को यहां बुला सकती है।
कानपुर में पकड़े गए आदित्य ने बुधवार को यह जानकारी दी कि वह इसी साल फरवरी माह में एएमयू के माली के घर ठहरा था और मूकबधिर माली ने भी धर्म परिवर्तन किया है। साथ में उस माली के साथ अपना फोटो भी दिखाया। इस फोटो के आधार पर एजेंसी की एक टीम तलाशते हुए बृहस्पतिवार को माली तक पहुंची। नवीन कुमार नाम का यह माली अपनी मूकबधिर पत्नी व परिवार के साथ एएमयू के सर्वेंट क्वार्टर में रहता है। जब इशारों-इशारों में उससे बातचीत शुरू की गई तो वह ऐसे कोई सुराग नहीं दे सका, जिससे धर्म परिवर्तन की ओर किसी तरह का इशारा हो। यहां से मिले इनपुट से कानपुर सहित लखनऊ मुख्यालय को अवगत करा दिया गया है। हां, इतना भी है कि अगर जरूरत पड़ती है तो सांकेतिक भाषा समझने वाले को यहां बुलाया जाएगा। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अभी तक उसने धर्म परिवर्तन किया नहीं है। यह अलग बात है कि उसे इसके लिए प्रेरित किया गया हो या किसी तरह का प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन के प्रयास चल रहे हों। इन्हीं प्रयासों के क्रम में आदित्य उससे मिलने आया हो। इन तमाम सवालों के जवाब तलाशने के लिए जांच अभी जारी रहेगी और माली पर बराबर निगरानी रखी जा रही है। इधर, एएमयू से मिले साक्ष्यों से पता चला है कि आज भी माली अपने मूल नवीन नाम से नौकरी कर रहा है और इसी नाम से पुकारा जाता है।
- अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में आदित्य उर्फ अब्दुल्ला द्वारा यहां के माली के धर्म बदलवाए जाने की बात कही जा रही है, वह पूरी तरह गलत है। हमारे यहां नवीन कुमार नाम का यह माली सन 2017 से तैनात है। वह मूक बधिर है। जब उसने नौकरी ज्वाइन की थी तब भी वह हिंदू था। आज भी वह हिंदू ही है। न उसके परिवार में किसी तरह की धर्म परिवर्तन की कोई बात सामने आई है। वह विश्वविद्यालय के दिए गए क्वार्टर में रहता है और उसे इस तरह के आरोप की कोई जानकारी भी नहीं है।
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- प्रोफेसर वसीम अली, प्राक्टर, एएमयू
आखिर स्कूल से क्यों भाग गया था वह युवक
अब लगातार खुल रहीं धर्म परिवर्तन की परतें
धर्म परिवर्तन के शोर के बीच शहर से सटे क्वार्सी के गांव का एक युवक बृहस्पतिवार को युवा भाजपा नेता डॉ. निशित शर्मा के संपर्क में आया है। इस युवक ने अपनी नाम व पहचान गोपनीय रखने की शर्त पर जानकारी दी है कि वह शहर के सिविल लाइंस इलाके के ही एक स्कूल में बॉक्सिंग क्लास लेने जाता था। इस दौरान वहां इसी तरह के दीनी संदेश देने वाले तमाम लोग आया करते थे। हम दूसरे समुदाय के बच्चों को भी वे दीनी संदेश पढ़ाया करते थे। फिर हम सभी को एक दिन दिल्ली ले जाने की बात हुई। मगर उसके कुछ समझ में आया कि कुछ ऐसा हो रहा है, जिसमें उसे शामिल नहीं होना चाहिए। इसके चलते वह वहां से भाग आया। बाद में पता चला कि उसके साथ बॉक्सिंग सीखने वाला और उसी विद्यालय में रहकर पढ़ने वाला बिहार के एक युवक ने दूसरा धर्म अपना लिया है। यहां वह नए नाम से जाना पहचाना जाता है और जब अपने घर जाता है तो अपने पुराने नाम से जाना पहचाना जाता है। इस मामले में डॉ. निशित ने कहा है कि उस विद्यालय में लोग दिल्ली ओखला इलाके से ही आते रहे हैं। आशंका है कि यह भी उमर गौतम गैंग से जुड़े तो नहीं है। इस मामले में भी गहराई से जांच होनी चाहिए।
एजेंसियां खंगाल रहीं उमर से जुड़े लोगों का ब्योरा
एएमयू में एसएएमयू के आयोजन में उमर गौतम के शामिल होने आने का तथ्य उजागर होने के बाद एजेंसियां उन लोगों का ब्योरा एकत्रित कर रही हैं, जो उस आयोजन के कर्ताधर्ता थे। उस आयोजन में शामिल हुए थे और किसके सहयोग से उमर यहां आया था। इन तमाम लोगों को जांच की जद में लिया गया है। पूरा ब्योरा संकलित करने के साथ यह प्रयास किया जाएगा कि इन लोगों की शहर के किन मूक बधिर विद्यालयों में ज्यादा पहुंच है। इसके अलावा अन्य कमजोर व निर्बल वर्ग के पढ़ने वाले किन बच्चों के बीच इनकी ज्यादा पहुंच है। उस आधार पर इन लोगों की गतिविधियों को जांचा जाएगा।
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कानपुर में पकड़े गए आदित्य ने बुधवार को यह जानकारी दी कि वह इसी साल फरवरी माह में एएमयू के माली के घर ठहरा था और मूकबधिर माली ने भी धर्म परिवर्तन किया है। साथ में उस माली के साथ अपना फोटो भी दिखाया। इस फोटो के आधार पर एजेंसी की एक टीम तलाशते हुए बृहस्पतिवार को माली तक पहुंची। नवीन कुमार नाम का यह माली अपनी मूकबधिर पत्नी व परिवार के साथ एएमयू के सर्वेंट क्वार्टर में रहता है। जब इशारों-इशारों में उससे बातचीत शुरू की गई तो वह ऐसे कोई सुराग नहीं दे सका, जिससे धर्म परिवर्तन की ओर किसी तरह का इशारा हो। यहां से मिले इनपुट से कानपुर सहित लखनऊ मुख्यालय को अवगत करा दिया गया है। हां, इतना भी है कि अगर जरूरत पड़ती है तो सांकेतिक भाषा समझने वाले को यहां बुलाया जाएगा। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अभी तक उसने धर्म परिवर्तन किया नहीं है। यह अलग बात है कि उसे इसके लिए प्रेरित किया गया हो या किसी तरह का प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन के प्रयास चल रहे हों। इन्हीं प्रयासों के क्रम में आदित्य उससे मिलने आया हो। इन तमाम सवालों के जवाब तलाशने के लिए जांच अभी जारी रहेगी और माली पर बराबर निगरानी रखी जा रही है। इधर, एएमयू से मिले साक्ष्यों से पता चला है कि आज भी माली अपने मूल नवीन नाम से नौकरी कर रहा है और इसी नाम से पुकारा जाता है।
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- अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में आदित्य उर्फ अब्दुल्ला द्वारा यहां के माली के धर्म बदलवाए जाने की बात कही जा रही है, वह पूरी तरह गलत है। हमारे यहां नवीन कुमार नाम का यह माली सन 2017 से तैनात है। वह मूक बधिर है। जब उसने नौकरी ज्वाइन की थी तब भी वह हिंदू था। आज भी वह हिंदू ही है। न उसके परिवार में किसी तरह की धर्म परिवर्तन की कोई बात सामने आई है। वह विश्वविद्यालय के दिए गए क्वार्टर में रहता है और उसे इस तरह के आरोप की कोई जानकारी भी नहीं है।
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- प्रोफेसर वसीम अली, प्राक्टर, एएमयू
आखिर स्कूल से क्यों भाग गया था वह युवक
अब लगातार खुल रहीं धर्म परिवर्तन की परतें
धर्म परिवर्तन के शोर के बीच शहर से सटे क्वार्सी के गांव का एक युवक बृहस्पतिवार को युवा भाजपा नेता डॉ. निशित शर्मा के संपर्क में आया है। इस युवक ने अपनी नाम व पहचान गोपनीय रखने की शर्त पर जानकारी दी है कि वह शहर के सिविल लाइंस इलाके के ही एक स्कूल में बॉक्सिंग क्लास लेने जाता था। इस दौरान वहां इसी तरह के दीनी संदेश देने वाले तमाम लोग आया करते थे। हम दूसरे समुदाय के बच्चों को भी वे दीनी संदेश पढ़ाया करते थे। फिर हम सभी को एक दिन दिल्ली ले जाने की बात हुई। मगर उसके कुछ समझ में आया कि कुछ ऐसा हो रहा है, जिसमें उसे शामिल नहीं होना चाहिए। इसके चलते वह वहां से भाग आया। बाद में पता चला कि उसके साथ बॉक्सिंग सीखने वाला और उसी विद्यालय में रहकर पढ़ने वाला बिहार के एक युवक ने दूसरा धर्म अपना लिया है। यहां वह नए नाम से जाना पहचाना जाता है और जब अपने घर जाता है तो अपने पुराने नाम से जाना पहचाना जाता है। इस मामले में डॉ. निशित ने कहा है कि उस विद्यालय में लोग दिल्ली ओखला इलाके से ही आते रहे हैं। आशंका है कि यह भी उमर गौतम गैंग से जुड़े तो नहीं है। इस मामले में भी गहराई से जांच होनी चाहिए।
एजेंसियां खंगाल रहीं उमर से जुड़े लोगों का ब्योरा
एएमयू में एसएएमयू के आयोजन में उमर गौतम के शामिल होने आने का तथ्य उजागर होने के बाद एजेंसियां उन लोगों का ब्योरा एकत्रित कर रही हैं, जो उस आयोजन के कर्ताधर्ता थे। उस आयोजन में शामिल हुए थे और किसके सहयोग से उमर यहां आया था। इन तमाम लोगों को जांच की जद में लिया गया है। पूरा ब्योरा संकलित करने के साथ यह प्रयास किया जाएगा कि इन लोगों की शहर के किन मूक बधिर विद्यालयों में ज्यादा पहुंच है। इसके अलावा अन्य कमजोर व निर्बल वर्ग के पढ़ने वाले किन बच्चों के बीच इनकी ज्यादा पहुंच है। उस आधार पर इन लोगों की गतिविधियों को जांचा जाएगा।
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