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हरदोई में सरकारी कार्य करा रहे ठेकेदार-मजदूर पीटे, टीम से अभद्रता
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पालीमुकीमपुर थाना क्षेत्र के गांव हरदोई में सरकारी धन से निर्माण कार्य करा रहे ठेकेदार व मजदूरों के साथ शुक्रवार को पूर्व प्रधान व उसके साथियों ने मारपीट कर डाली। इतना ही नहीं, इस खबर पर पहुंची पुलिस व राजस्व टीम से भी अभद्रता कर दी। इस मामले में पुलिस ने पूर्व प्रधान के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जेल भेज दिया है।
हालांकि इस दौरान एसडीएम से अभद्रता तक का शोर मचा। मगर एसडीएम ने वहां खुद के जाने की बात ही नकार दी है। बता दें कि जिस स्थान पर निर्माण कार्य हो रहा था, उसे पूर्व प्रधान खुद की बता रहा था, जबकि राजस्व टीम इस जमीन को सरकारी बता रही है। इसी विवाद के चलते यह घटनाक्रम हुआ है।
ग्राम प्रधानी के चुनाव से ही गांव हरदोई राजनीतिक अखाड़ा बना हुआ है। वर्ष 2021 में ग्राम प्रधान निर्वाचित हुईं जलधारा देवी के अधिकार सीज हो गए हैं और उनके स्थान पर ग्राम पंचायत सदस्यों की गठित समिति के द्वारा प्रधान के कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए विकास कार्य कराए जा रहे हैं। गांव हरदोई में एक जमीन को लेकर पूर्व प्रधान प्रेमपाल यादव निवासी नगला लोचन विवादों के घेरे में हैं।
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जिस जमीन को प्रेमपाल यादव अपनी बताकर कब्जा किए हुए थे, उस पर तीन माह पूर्व एसडीएम रविशंकर सिंह के आदेश पर राजस्व टीम ने कब्जा हटवा दिया। इस जमीन पर ठेकेदार दानसहाय निवासी कासिमपुर गदाईपुर द्वारा ग्राम पंचायत द्वारा उठाए गए ठेका से चारदीवारी, सीसीरोड व फल व सब्जी विक्रेताओं के बैठने के लिए पक्के फड़ का निर्माण कराया जा रहा था।
आरोप है कि शुक्रवार को निर्माण के दौरान पूर्व प्रधान प्रेमपाल यादव अपने साथियों के साथ मौके पर आ धमके और ठेकेदार व मजदूरों के साथ मारपीट शुरू कर दी। सूचना पर पुलिस व राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। आरोप है कि प्रेमपाल यादव ने राजस्व व पुलिस टीम से भी अभद्रता कर डाली। इस दौरान एसडीएम से भी अभद्रता का शोर मचा।
पुलिस ने घायल ठेकेदार व मजदूर का चिकित्सकीय परीक्षण कराया और ठेकेदार की तहरीर पर प्रेमपाल सिंह यादव व उनके साथियों के खिलाफ जानलेवा हमला सहित कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की। इंस्पेक्टर ऋषीपाल सिंह ने बताया कि प्रेमपाल यादव को पुलिस गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जहां से उसे जेल भेज दिया। प्रेमपाल यादव के खिलाफ पूर्व में भी संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज है।
एसडीएम रविशंकर के अनुसार ग्राम पंचायत द्वारा सरकारी जमीन पर कराए जा रहे विकास कार्यों में प्रेमपाल यादव व उसके साथियों द्वारा बाधा पहुंचाने और ठेकेदार व मजदूरों से मारपीट की सूचना मिली थी। पुलिस व राजस्व टीम को मौके पर भेजकर मामले की जांच कर कार्रवाई के लिए कहा गया था। उनके विषय में जो बात सामने आई है, वह गलत है। वे मौके पर नहीं गए। फिलहाल मुकदमा आदि की कार्रवाई कराई गई है।
2017 में आवंटित हुए 14 करोड़ से हो रहे विकास कार्य
इस विवाद के मूल में 14 करोड़ रुपये से विकास कार्य भी एक बड़ी वजह सामने आ रही है। पुलिस प्रशासनिक जांच के अनुसार 2017 में जिले की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत में शुमार इस ग्राम पंचायत के लिए विभिन्न कार्यों के लिए 14 करोड़ रुपये आवंटित हुए थे। उसे के काम में आरोप लगने पर ग्राम प्रधान के अधिकार सीज हुए थे। अब वे विकास कार्य हो रहे हैं, जिनमें विकास समिति में शामिल पूर्व प्रधान पर यह आरोप लगा है। इधर, इस गिरफ्तारी की खबर पर तमाम सियासी सिफारिशें भी आईं। मगर पुलिस ने उसे बिना किसी सिफारिश के सुने जेल भेज दिया।
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हालांकि इस दौरान एसडीएम से अभद्रता तक का शोर मचा। मगर एसडीएम ने वहां खुद के जाने की बात ही नकार दी है। बता दें कि जिस स्थान पर निर्माण कार्य हो रहा था, उसे पूर्व प्रधान खुद की बता रहा था, जबकि राजस्व टीम इस जमीन को सरकारी बता रही है। इसी विवाद के चलते यह घटनाक्रम हुआ है।
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ग्राम प्रधानी के चुनाव से ही गांव हरदोई राजनीतिक अखाड़ा बना हुआ है। वर्ष 2021 में ग्राम प्रधान निर्वाचित हुईं जलधारा देवी के अधिकार सीज हो गए हैं और उनके स्थान पर ग्राम पंचायत सदस्यों की गठित समिति के द्वारा प्रधान के कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए विकास कार्य कराए जा रहे हैं। गांव हरदोई में एक जमीन को लेकर पूर्व प्रधान प्रेमपाल यादव निवासी नगला लोचन विवादों के घेरे में हैं।
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जिस जमीन को प्रेमपाल यादव अपनी बताकर कब्जा किए हुए थे, उस पर तीन माह पूर्व एसडीएम रविशंकर सिंह के आदेश पर राजस्व टीम ने कब्जा हटवा दिया। इस जमीन पर ठेकेदार दानसहाय निवासी कासिमपुर गदाईपुर द्वारा ग्राम पंचायत द्वारा उठाए गए ठेका से चारदीवारी, सीसीरोड व फल व सब्जी विक्रेताओं के बैठने के लिए पक्के फड़ का निर्माण कराया जा रहा था।
आरोप है कि शुक्रवार को निर्माण के दौरान पूर्व प्रधान प्रेमपाल यादव अपने साथियों के साथ मौके पर आ धमके और ठेकेदार व मजदूरों के साथ मारपीट शुरू कर दी। सूचना पर पुलिस व राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। आरोप है कि प्रेमपाल यादव ने राजस्व व पुलिस टीम से भी अभद्रता कर डाली। इस दौरान एसडीएम से भी अभद्रता का शोर मचा।
पुलिस ने घायल ठेकेदार व मजदूर का चिकित्सकीय परीक्षण कराया और ठेकेदार की तहरीर पर प्रेमपाल सिंह यादव व उनके साथियों के खिलाफ जानलेवा हमला सहित कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की। इंस्पेक्टर ऋषीपाल सिंह ने बताया कि प्रेमपाल यादव को पुलिस गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जहां से उसे जेल भेज दिया। प्रेमपाल यादव के खिलाफ पूर्व में भी संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज है।
एसडीएम रविशंकर के अनुसार ग्राम पंचायत द्वारा सरकारी जमीन पर कराए जा रहे विकास कार्यों में प्रेमपाल यादव व उसके साथियों द्वारा बाधा पहुंचाने और ठेकेदार व मजदूरों से मारपीट की सूचना मिली थी। पुलिस व राजस्व टीम को मौके पर भेजकर मामले की जांच कर कार्रवाई के लिए कहा गया था। उनके विषय में जो बात सामने आई है, वह गलत है। वे मौके पर नहीं गए। फिलहाल मुकदमा आदि की कार्रवाई कराई गई है।
2017 में आवंटित हुए 14 करोड़ से हो रहे विकास कार्य
इस विवाद के मूल में 14 करोड़ रुपये से विकास कार्य भी एक बड़ी वजह सामने आ रही है। पुलिस प्रशासनिक जांच के अनुसार 2017 में जिले की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत में शुमार इस ग्राम पंचायत के लिए विभिन्न कार्यों के लिए 14 करोड़ रुपये आवंटित हुए थे। उसे के काम में आरोप लगने पर ग्राम प्रधान के अधिकार सीज हुए थे। अब वे विकास कार्य हो रहे हैं, जिनमें विकास समिति में शामिल पूर्व प्रधान पर यह आरोप लगा है। इधर, इस गिरफ्तारी की खबर पर तमाम सियासी सिफारिशें भी आईं। मगर पुलिस ने उसे बिना किसी सिफारिश के सुने जेल भेज दिया।