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अलीगढ़ः दूषित पानी की आपूर्ति और हैंडपंप खराब, कैसे बुझे प्यास
Sat, 09 Apr 2022 12:18 AM IST
राजेश सिंह
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
Published by: राजेश सिंह
Updated Sat, 09 Apr 2022 12:18 AM IST
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हैंडपंप।
- फोटो : कुश्ाीनगर ब्यूरो
भीषण गर्मी में महानगर के कई इलाकों के लोग पानी के लिए तरस रहे हैं। घरों में दूषित पानी की आपूर्ति हो रही है। 20 प्रतिशत से अधिक हैंडपंप खराब हैं। ऐसी स्थिति में कैसे प्यास बुझे, यह बड़ा सवाल है। महानगर को दैनिक जरूरत से 90 एमएलडी (मिलियन लीटर पर डे) पानी कम उपलब्ध हो रहा है। यही समस्या का मूल कारण है। पेयजल संकट होेने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सराय लवरिया, मामू भांजा, मानिक चौक, भुजपुरा, महेंद्रनगर, बेगमबाग, मकदूमनगर, माबूदनगर, पला रोड, खिरनीगेट, कृष्णापुरी, गोपालपुरी, सराय सुल्तानी, बारहद्वारी, महावीरगंज, श्यामनगर आदि क्षेत्रों के मोहल्लों में दूषित जलापूर्ति हो रही है। महानगर के 4580 हैंडपंपों में से 20 प्रतिशत से अधिक खराब होने से स्थिति और गंभीर हो गई है।
मुश्किल से प्यास बुझ रही है। महानगर में 21 वार्ड तो ऐसे हैं, जहां भूजल स्तर काफी नीचे चला गया है। ऐसे क्षेत्रों में हैंडपंप कारगर नहीं हो पा रहे हैं। ऐसे में लोग आसपास के मोहल्लों से पानी भरकर ला रहे हैं या फिर खरीद कर पी रहे हैं, जिन घरों में सबमर्सिवल हैं, वहां पानी के लिए पड़ोसियों की भीड़ जुट रही है।
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क्या है मूल कारण
महानगर को प्रत्येक दिन 206 एमएलडी पानी की जरूरत है, जबकि नगरवासियों को सिर्फ 116 एमएलडी पानी उपलब्ध हो रहा है। 90 एमएलडी पानी की कमी की समस्या का मूल कारण है। इसके अतिरिक्त लाइन में लीकेज की वजह से दूषित जल की आपूर्ति हो रही है। शहरी क्षेत्र में नगर निगम के 4580 हैंडपंप है, जिसमें से करीब 20 प्रतिशत खराब हैं।
142 नलकूपों से हो रही आपूर्ति
वर्तमान में नगर निगम के 142 नलकूपों से महानगर में पानी की आपूर्ति हो रही है, जो पर्याप्त नहीं है। अमृत योजना के अंतर्गत 122 नलकूप बन रहे हैं। 31 दिसंबर 2021 तक नलकूपों को बन जाना था, जो अब तक नहीं बन पाए हैं। अगर सभी नलकूप बन गए होते और घरों तक नए कनेक्शन पहुंच गए होते तो समस्या जरूर कुछ कम होती।
जलापूर्ति के कर रहे हरसंभव उपाय
महाप्रबंधक जल अनवर ख्वाजा का कहना है कि 90 एमएलडी कम पानी की आपूर्ति हो रही है। हमलोग अपने स्तर से जलापूर्ति के लिए सभी संभव उपाय कर रहे हैं। अमृत योजना के अंतर्गत बन रहे नलकूप चालू होने के बाद स्थिति में सुधार की संभावना है। प्रत्येक जोन में हैंडपंप ठीक कराने के लिए दो-दो टीमें लगा दी गई हैं। शुक्रवार को 30 हैंडपंप ठीक किए गए हैं। इसके अतिरिक्त 30 टैंकर हमेशा तैयार रहते हैं, जहां जरूरत होती है, टैंकर भेज दिया जाता है। 21 वार्ड ऐसे हैं, जहां का जलस्तर काफी नीचे चला गया है, वहां के हैंडपंप ठीक कराने के बाद भी कारगर नहीं होंगे।
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भुजपुरा में बाल्टी लेकर महिलाओं ने किया प्रदर्शन
अलीगढ़। महानगर में पानी की दिक्कत बढ़ती जा रही है। रमजान के महीने में रोजा खोलने के लिए भी पानी की दिक्कत है। आक्रोशित महिला-पुरुषों ने भुजपुरा में बाल्टी लेकर प्रदर्शन किया।
भुजपुरा में पानी की दिक्कत है। नलों से दूषित पानी की आपूर्ति हो रही है। शुक्रवार को कांग्रेस नेता आगा युनुस के नेतृत्व में स्थानीय लोगों ने भुजपुरा नलकूप के सामने बाल्टी लेकर प्रदर्शन किया। स्थानीय लोगों का कहना है कि रमजान के महीने में नगर निगम पानी के लिए तरसा रहा है। महिलाओं ने कहा कि रोजा खोलने तक के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है। आगा युनुस ने कहा कि नलकूप के आसपास के कई गलियों में पानी नहीं पहुंच रहा है। टैंकर भरकर पानी कही और भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा कि मकदूम नगर, माबूदनगर में भी पानी की दिक्कत है।
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सराय लवरिया, मामू भांजा, मानिक चौक, भुजपुरा, महेंद्रनगर, बेगमबाग, मकदूमनगर, माबूदनगर, पला रोड, खिरनीगेट, कृष्णापुरी, गोपालपुरी, सराय सुल्तानी, बारहद्वारी, महावीरगंज, श्यामनगर आदि क्षेत्रों के मोहल्लों में दूषित जलापूर्ति हो रही है। महानगर के 4580 हैंडपंपों में से 20 प्रतिशत से अधिक खराब होने से स्थिति और गंभीर हो गई है।
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मुश्किल से प्यास बुझ रही है। महानगर में 21 वार्ड तो ऐसे हैं, जहां भूजल स्तर काफी नीचे चला गया है। ऐसे क्षेत्रों में हैंडपंप कारगर नहीं हो पा रहे हैं। ऐसे में लोग आसपास के मोहल्लों से पानी भरकर ला रहे हैं या फिर खरीद कर पी रहे हैं, जिन घरों में सबमर्सिवल हैं, वहां पानी के लिए पड़ोसियों की भीड़ जुट रही है।
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क्या है मूल कारण
महानगर को प्रत्येक दिन 206 एमएलडी पानी की जरूरत है, जबकि नगरवासियों को सिर्फ 116 एमएलडी पानी उपलब्ध हो रहा है। 90 एमएलडी पानी की कमी की समस्या का मूल कारण है। इसके अतिरिक्त लाइन में लीकेज की वजह से दूषित जल की आपूर्ति हो रही है। शहरी क्षेत्र में नगर निगम के 4580 हैंडपंप है, जिसमें से करीब 20 प्रतिशत खराब हैं।
142 नलकूपों से हो रही आपूर्ति
वर्तमान में नगर निगम के 142 नलकूपों से महानगर में पानी की आपूर्ति हो रही है, जो पर्याप्त नहीं है। अमृत योजना के अंतर्गत 122 नलकूप बन रहे हैं। 31 दिसंबर 2021 तक नलकूपों को बन जाना था, जो अब तक नहीं बन पाए हैं। अगर सभी नलकूप बन गए होते और घरों तक नए कनेक्शन पहुंच गए होते तो समस्या जरूर कुछ कम होती।
जलापूर्ति के कर रहे हरसंभव उपाय
महाप्रबंधक जल अनवर ख्वाजा का कहना है कि 90 एमएलडी कम पानी की आपूर्ति हो रही है। हमलोग अपने स्तर से जलापूर्ति के लिए सभी संभव उपाय कर रहे हैं। अमृत योजना के अंतर्गत बन रहे नलकूप चालू होने के बाद स्थिति में सुधार की संभावना है। प्रत्येक जोन में हैंडपंप ठीक कराने के लिए दो-दो टीमें लगा दी गई हैं। शुक्रवार को 30 हैंडपंप ठीक किए गए हैं। इसके अतिरिक्त 30 टैंकर हमेशा तैयार रहते हैं, जहां जरूरत होती है, टैंकर भेज दिया जाता है। 21 वार्ड ऐसे हैं, जहां का जलस्तर काफी नीचे चला गया है, वहां के हैंडपंप ठीक कराने के बाद भी कारगर नहीं होंगे।
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भुजपुरा में बाल्टी लेकर महिलाओं ने किया प्रदर्शन
अलीगढ़। महानगर में पानी की दिक्कत बढ़ती जा रही है। रमजान के महीने में रोजा खोलने के लिए भी पानी की दिक्कत है। आक्रोशित महिला-पुरुषों ने भुजपुरा में बाल्टी लेकर प्रदर्शन किया।
भुजपुरा में पानी की दिक्कत है। नलों से दूषित पानी की आपूर्ति हो रही है। शुक्रवार को कांग्रेस नेता आगा युनुस के नेतृत्व में स्थानीय लोगों ने भुजपुरा नलकूप के सामने बाल्टी लेकर प्रदर्शन किया। स्थानीय लोगों का कहना है कि रमजान के महीने में नगर निगम पानी के लिए तरसा रहा है। महिलाओं ने कहा कि रोजा खोलने तक के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है। आगा युनुस ने कहा कि नलकूप के आसपास के कई गलियों में पानी नहीं पहुंच रहा है। टैंकर भरकर पानी कही और भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा कि मकदूम नगर, माबूदनगर में भी पानी की दिक्कत है।