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Aligarh News: शादी की यादें कीं गायब, अब देना होगा एक लाख का मुआवजा, नहीं देने पर जेल की भी चेतावनी
Sat, 25 Jul 2026 05:37 PM IST
Chaman Kumar Sharma
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: Chaman Kumar Sharma
Updated Sat, 25 Jul 2026 05:37 PM IST
सार
फोटोग्राफर ने तय समय पर शादी की न तो तस्वीरें दीं और ना ही वीडियो या एल्बम। बार-बार चक्कर काटने के बावजूद जब कोई समाधान नहीं निकला, तो पल्लवी मोहन ने जिला उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया।
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शादी(सांकेतिक)
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
किसी भी इंसान के जीवन में शादी का दिन बेहद खास और यादगार होता है। इन्हीं यादों की तस्वीरें और वीडियो गायब हो जाए तो क्या होगा। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने एक ऐसे ही मामले में फोटोग्राफर को एक लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। ऐसा नहीं करने पर जेल भेजने की चेतावनी दी है।
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दुबे का पड़ाव निवासी पल्लवी मोहन ने दिल्ली के लक्ष्मी नगर स्थित मोंक वीडियोज के प्रोपराइटर रवि मदन के साथ 19 मई 2022 को एक अनुबंध किया था। तय हुआ था कि आठ दिसंबर 2022 को अलीगढ़ के ईडन गार्डन मैरिज हॉल में होने वाली शादी की फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी और प्रिंटेड एलबम तैयार करके दी जाएगी।
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इस काम के एवज में पल्लवी ने 1,20,000 रुपये का पूरा भुगतान भी कर दिया था। लेकिन फोटोग्राफर ने तय समय पर न तो तस्वीरें दीं और ना ही वीडियो या एल्बम। बार-बार चक्कर काटने के बावजूद जब कोई समाधान नहीं निकला, तो पल्लवी मोहन ने जिला उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया। उपभोक्ता आयोग द्वारा नोटिस दिए जाने के बावजूद विपक्षी रवि मदन अदालत में पेश नहीं हुए और ना ही अपना पक्ष दाखिल किया। आयोग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए इसे एकपक्षीय रूप से सुना।
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आयोग के अध्यक्ष हसनैन कुरैशी और सदस्य पूर्णिमा सिंह राजपूत की पीठ ने पाया कि विपक्षी ने पैसे लेने के बावजूद सेवाएं नहीं दीं, जो कि साफ तौर पर सेवा में कमी है। आयोग ने निर्देश दिया है कि फोटोग्राफर तुरंत शादी की सभी तस्वीरें, वीडियो और प्रिंटेड एल्बम पल्लवी को सौंपे। मानसिक उत्पीड़न और प्रताड़ना के लिए 1,00,000 रुपये का मुआवजा अदा करें। 45 दिनों के भीतर आदेश का पालन नहीं किया गया, तो उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम-2019 की धारा-72 के तहत विपक्षी के खिलाफ अभियोजन चलाया जाएगा। इसके तहत उसे जेल जाने का दंड भी भुगतना पड़ सकता है।