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अलीगढ़ : बच्चा वार्ड फुल, फर्श पर हो रहा इलाज, पंखे हो गए खराब
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जिला मलखान सिंह अस्पताल का बच्चा वार्ड फुल है। एक बेड पर तीन - तीन बच्चों का इलाज हो रहा है। बेड न मिलने पर तीमारदार बच्चों को जमीन पर लिटाकर इलाज कराने के लिए मजबूर हैं। इतना ही नहीं, भीषण गर्मी में कई दिन से पंखे खराब हो गए हैं। जिनको अस्पताल प्रशासन ने ठीक नहीं कराया है। यहां पर तादात से तीन गुना मरीज भर्ती हैं। जिसके कारण एक बेड पर तीन बच्चों का एक साथ इलाज हो रहा है। भीषण गर्मी में ओआरएस घोल सहित अन्य दवाओं का संकट बना हुआ है, जिसके कारण चिकित्सक मरीजों के लिए बाहर दवा खरीदने के लिए पर्ची लिख रहे हैं।
जिला मलखान सिंह अस्पताल में महिला, पुरुष और बच्चा वार्ड के लिए करीब 240 मरीजों की व्यवस्था है। गर्मी के कारण मरीजों की संख्या में इजाफा हो गया है। शनिवार को सबसे ज्यादा खराब हालात बच्चा वार्ड की रही। यहां एक बेड पर तीन - तीन मरीज एक साथ इलाज करा रहे थे । जगह के अभाव में कई बार तीमारदार आपस में ही भिड़ गए । बेड न मिलने के कारण कई तीमारदार अपने बच्चों का जमीन पर भी इलाज करा रहे हैं। स्थिति यह है कि वार्ड में पंखे भी खराब है। ऐसे में तीमारदार हाथ के पंखे से ही काम चला रहे हैं। इतना ही नहीं जिला अस्पताल में बच्चों के एक ही डॉक्टर हैं, जिनकी इमरजेंसी में भी ड्यूटी रहती है। यहां के बच्चा वार्ड की क्षमता 30 बेड की है, लेकिन शनिवार को 80 बच्चे भर्ती थे।
बाहरी दवाएं लिख रहे डॉक्टर
जिला अस्पताल में ओआरएस और छोटी दवाएं तक नहीं हैं। जिसके कारण तीमारदार परेशान हैं। स्टाक में दवाएं न होने के कारण चिकित्सकों की सलाह पर तीमारदार बाहर से दवाएं खरीद रहे हैं।
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डॉक्टरों की सलाह तरल पर्दाथों का प्रयोग करें
जिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. ईश्वरी देवी बत्रा ने बताया कि भीषण गर्मी में मरीज उल्टी, दस्त व बुखार के शिकार हो रहे हैं। इस मौसम में मरीजों की संख्या बढ़ रही है। चिकित्सकों का सुझाव है कि धूप में निकलने से बचें। निरंतर पानी पीते रहें। बासी खाने की जगह ताजा खाना खाएं। ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थों का प्रयोग करें।
इस समय गर्मी बहुत है। बच्चे, बुजुर्ग ज्यादा बीमार पड़ रहे हैं। अस्पताल में उल्टी, दस्त, बुखार के मरीज आ रहे हैं। बच्चा वार्ड में 30 बेड के मुकाबले शनिवार को 80 मरीज थे। व्यवस्था के हिसाब से सभी को इलाज मुहैया कराने का प्रयास किया जा रहा है। जरूरत पड़ने पर बच्चे रेफर भी किए जा रहे हैं। जो भी अव्यवस्था होती है, उसे तत्काल दुरुस्त कराने का प्रयास किया जाता है।--डॉ. ईश्वरी देवी बत्रा, सीएमएस, जिला अस्पताल मलखान सिंह
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जिला मलखान सिंह अस्पताल में महिला, पुरुष और बच्चा वार्ड के लिए करीब 240 मरीजों की व्यवस्था है। गर्मी के कारण मरीजों की संख्या में इजाफा हो गया है। शनिवार को सबसे ज्यादा खराब हालात बच्चा वार्ड की रही। यहां एक बेड पर तीन - तीन मरीज एक साथ इलाज करा रहे थे । जगह के अभाव में कई बार तीमारदार आपस में ही भिड़ गए । बेड न मिलने के कारण कई तीमारदार अपने बच्चों का जमीन पर भी इलाज करा रहे हैं। स्थिति यह है कि वार्ड में पंखे भी खराब है। ऐसे में तीमारदार हाथ के पंखे से ही काम चला रहे हैं। इतना ही नहीं जिला अस्पताल में बच्चों के एक ही डॉक्टर हैं, जिनकी इमरजेंसी में भी ड्यूटी रहती है। यहां के बच्चा वार्ड की क्षमता 30 बेड की है, लेकिन शनिवार को 80 बच्चे भर्ती थे।
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बाहरी दवाएं लिख रहे डॉक्टर
जिला अस्पताल में ओआरएस और छोटी दवाएं तक नहीं हैं। जिसके कारण तीमारदार परेशान हैं। स्टाक में दवाएं न होने के कारण चिकित्सकों की सलाह पर तीमारदार बाहर से दवाएं खरीद रहे हैं।
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डॉक्टरों की सलाह तरल पर्दाथों का प्रयोग करें
जिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. ईश्वरी देवी बत्रा ने बताया कि भीषण गर्मी में मरीज उल्टी, दस्त व बुखार के शिकार हो रहे हैं। इस मौसम में मरीजों की संख्या बढ़ रही है। चिकित्सकों का सुझाव है कि धूप में निकलने से बचें। निरंतर पानी पीते रहें। बासी खाने की जगह ताजा खाना खाएं। ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थों का प्रयोग करें।
इस समय गर्मी बहुत है। बच्चे, बुजुर्ग ज्यादा बीमार पड़ रहे हैं। अस्पताल में उल्टी, दस्त, बुखार के मरीज आ रहे हैं। बच्चा वार्ड में 30 बेड के मुकाबले शनिवार को 80 मरीज थे। व्यवस्था के हिसाब से सभी को इलाज मुहैया कराने का प्रयास किया जा रहा है। जरूरत पड़ने पर बच्चे रेफर भी किए जा रहे हैं। जो भी अव्यवस्था होती है, उसे तत्काल दुरुस्त कराने का प्रयास किया जाता है।--डॉ. ईश्वरी देवी बत्रा, सीएमएस, जिला अस्पताल मलखान सिंह