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बच्चा चोरों की दहशत...जंजीर से बांधकर रखे जा रहे मासूम
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महानगर के क्वार्सी बाईपास से सटी सरोज नगर कॉलोनी के बाहर झुग्गी डालकर लोहा पीटने का काम करने वाला एक परिवार बच्चा चोरों की दहशत में जी रहा है। दहशत का आलम इस कदर है कि मासूम बच्चों को जंजीर से बांधकर रखा जाता है। इस दहशत के पीछे की मूल वजह है कि दो सप्ताह पहले एक बच्ची का गायब होना है। हालांकि बच्ची के गायब होने का मुकदमा महुआ खेड़ा थाने में दर्ज है। जिसका अभी तक कोई सुराग नहीं लगा है। मगर अब वे परिवार के अन्य बच्चों को लेकर बेहद चिंतित हैं।
वाकया इस तरह है कि सरोज नगर के बाहर बाईपास के सहारे कुछ घुमंतू परिवार डेरा डालकर लंबे समय से रह रहे हैं। इससे पहले वे एटा चुंगी पर रहते थे। वे लोहार का काम करते हैं। पिछले पखवाड़े इन्हीं में से एक राजा की 3 साल की मासूम बच्ची शिवानी रात में अचानक गायब हो गई। वह रात में चारपाई पर अपनी मां के साथ सोयी हुई थी। सुबह 4 बजे मां की नजर बच्ची पर गई तो उसे गायब देखा। इस मामले में महुआ खेड़ा में बच्ची के चोरी करने का अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। हालांकि उसके बाद से खुद राजा बच्ची को जगह-जगह तलाश रहा है। वहीं पुलिस भी बच्ची की तलाश में लगी है। मगर अभी कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा है।
इधर, चूंकि राजा पर भी दो अन्य बच्चे हैं और साथ रहने वाले उसके मामा लीलाधर पर भी बच्चे हैं। अब अन्य बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्होंने एक तरीका ईजाद किया है। वे रात में झुग्गी में सोते समय बच्चों को चारपाई पर जंजीर से पैरों के जरिये बांध देते हैं। इसके पीछे मकसद यही है कि कोई उन्हें अब अगर लेकर भी जाएगा या बच्चा खुद ही उठकर कहीं जाएगा तो उसके गिरने आदि की आवाज होगी और परिवार को जानकारी हो जाएगी। इस तरह राजा अपने बेटे सुखीवर को बांधकर रखता है और लीलाधर अपने बच्चों व नातिन को बांधकर रखता है।
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लीलाधर ने यह बात स्वीकारते हुए बताया कि क्या करें, हमारी मजबूरी है। झुग्गी में रहने के कारण हमारे पास सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं। इसी मजबूरी में हमने यह कदम उठाया है। तभी रात में हम लोग नींद ले पाते हैं। वरना शिवानी की घटना के बाद से यही डर लगा रहता था कि कहीं कोई बच्चे को चोरी न कर ले जाए।
महानगर के बन्नादेवी थाना क्षेत्र के लच्छिमपुर से बुधवार दोपहर तीन बच्चे गायब हो गए। इस सूचना पर तत्काल हरकत में आई पुलिस ने ऑपरेशन खुशी के तहत दो घंटे के प्रयास में तीनों बच्चों को बरामद कर परिवार को सौंप दिया। बच्चों के वापस लौटने पर परिवार ने खुशी जताई।
सीओ द्वितीय मोहसिन खान के अनुसार दोपहर करीब 12 बजे पुलिस कंट्रोल रूम के जरिये खबर मिली कि तीन बच्चे 8 वर्षीय विशाल, 6 वर्षीय कान्हा व 3 वर्षीय कृष्णा पुत्र धर्मवीर लच्छिमपुर से गुम हो गए है । इस सूचना पर सीओ खुद व बन्नादेवी पुलिस ने ऑपरेशन खुशी के तहत प्रयास करते हुए पीए सिस्टम से अनाउसमेेंट कराया और लोगों से संपर्क कर गुम हुए तीनों बच्चे दोपहर दो बजे बरामद कर लिए। सीओ ने बताया कि परिवार को थाने बुलाकर बच्चे उन्हें सौंपे गए तो परिवार ने पुलिस के प्रति खुशी जताई है।
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वाकया इस तरह है कि सरोज नगर के बाहर बाईपास के सहारे कुछ घुमंतू परिवार डेरा डालकर लंबे समय से रह रहे हैं। इससे पहले वे एटा चुंगी पर रहते थे। वे लोहार का काम करते हैं। पिछले पखवाड़े इन्हीं में से एक राजा की 3 साल की मासूम बच्ची शिवानी रात में अचानक गायब हो गई। वह रात में चारपाई पर अपनी मां के साथ सोयी हुई थी। सुबह 4 बजे मां की नजर बच्ची पर गई तो उसे गायब देखा। इस मामले में महुआ खेड़ा में बच्ची के चोरी करने का अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। हालांकि उसके बाद से खुद राजा बच्ची को जगह-जगह तलाश रहा है। वहीं पुलिस भी बच्ची की तलाश में लगी है। मगर अभी कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा है।
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इधर, चूंकि राजा पर भी दो अन्य बच्चे हैं और साथ रहने वाले उसके मामा लीलाधर पर भी बच्चे हैं। अब अन्य बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्होंने एक तरीका ईजाद किया है। वे रात में झुग्गी में सोते समय बच्चों को चारपाई पर जंजीर से पैरों के जरिये बांध देते हैं। इसके पीछे मकसद यही है कि कोई उन्हें अब अगर लेकर भी जाएगा या बच्चा खुद ही उठकर कहीं जाएगा तो उसके गिरने आदि की आवाज होगी और परिवार को जानकारी हो जाएगी। इस तरह राजा अपने बेटे सुखीवर को बांधकर रखता है और लीलाधर अपने बच्चों व नातिन को बांधकर रखता है।
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लीलाधर ने यह बात स्वीकारते हुए बताया कि क्या करें, हमारी मजबूरी है। झुग्गी में रहने के कारण हमारे पास सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं। इसी मजबूरी में हमने यह कदम उठाया है। तभी रात में हम लोग नींद ले पाते हैं। वरना शिवानी की घटना के बाद से यही डर लगा रहता था कि कहीं कोई बच्चे को चोरी न कर ले जाए।
महानगर के बन्नादेवी थाना क्षेत्र के लच्छिमपुर से बुधवार दोपहर तीन बच्चे गायब हो गए। इस सूचना पर तत्काल हरकत में आई पुलिस ने ऑपरेशन खुशी के तहत दो घंटे के प्रयास में तीनों बच्चों को बरामद कर परिवार को सौंप दिया। बच्चों के वापस लौटने पर परिवार ने खुशी जताई।
सीओ द्वितीय मोहसिन खान के अनुसार दोपहर करीब 12 बजे पुलिस कंट्रोल रूम के जरिये खबर मिली कि तीन बच्चे 8 वर्षीय विशाल, 6 वर्षीय कान्हा व 3 वर्षीय कृष्णा पुत्र धर्मवीर लच्छिमपुर से गुम हो गए है । इस सूचना पर सीओ खुद व बन्नादेवी पुलिस ने ऑपरेशन खुशी के तहत प्रयास करते हुए पीए सिस्टम से अनाउसमेेंट कराया और लोगों से संपर्क कर गुम हुए तीनों बच्चे दोपहर दो बजे बरामद कर लिए। सीओ ने बताया कि परिवार को थाने बुलाकर बच्चे उन्हें सौंपे गए तो परिवार ने पुलिस के प्रति खुशी जताई है।