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मां-पिता संक्रमित तो बच्चे की देखभाल करेगी चाइल्ड लाइन

Sun, 09 May 2021 11:58 PM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 09 May 2021 11:58 PM IST
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Child line will take care of the child if the parents are infected
कोरोना ने जिन बच्चों के सिर से मां-पिता का साया छीन लिया है, उनके लिए महिला एवं बाल विकास विभाग आगे आया है। 18 साल से कम उम्र के ऐसे बच्चे, जिनके मां और पिता संक्रमित हैं और परिवार में देखभाल करने वाला कोई नहीं है तो उन बच्चों को चाइल्ड लाइन के हवाले किया जाएगा।
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चाइल्ड लाइन की टीम मां-पिता के ठीक होने तक बच्चों की देखभाल करेगी। इसके अलावा अगर किसी बच्चे के मां-पिता की मौत कोरोना संक्रमण से होती है तो उस बच्चे को विभाग की ओर से दो हजार रुपये प्रतिमाह का अनुदान और बाल आश्रय गृह में रहने की जगह दी जाएगी। वहां, बच्चे की पढ़ाई-लिखाई का इंतजाम होगा। विभाग ऐसे बच्चों की जानकारी जुटा रहा है।
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जिला प्रोबेशन अधिकारी स्मिता सिंह ने बताया कि प्रमुख सचिव महिला एवं बाल विकास विभाग वी हेकाली झिमोमी ने कोविड-19 से अनाथ हुए 18 साल से कम उम्र के बच्चों की पहचान कर सूची तैयार करने के लिए कहा है। यह सूची 15 मई तक निदेशक महिला कल्याण और राज्य बाल संरक्षण आयोग को भेजी जाएगी। बच्चों की पहचान और सूची तैयार करने में जनपद स्तर पर सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ताओं और गैर सरकारी संगठनों की भी मदद ली जा रही है।
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हेल्पलाइन पर दें ऐसे बच्चों की सूचना
कोरोना काल में जिन बच्चों ने अपने माता-पिता दोनों या किसी एक को खो दिया है, उनके संबंध में सूचना कोई भी व्यक्ति चाइल्ड लाइन के हेल्पलाइन नंबर-1098 या महिला हेल्पलाइन-181 पर दे सकता है या फिर राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की हेल्पलाइन- 011-23478250 पर भी दी जा सकती है।
इन बच्चों की होगी मदद
- ऐसे बच्चे जिनके माता-पिता की कोविड-19 के संक्त्रस्मण से हुई हो
- ऐसे बच्चे जिनके माता-पिता कोविड पॉजिटिव नहीं पाए गए किंतु समस्त लक्षण कोविड-19 के ही थे और इलाज के दौरान या इलाज के अभाव में मौत हो गई
- ऐसे बच्चे जिनके माता-पिता कोविड के चलते उपचाराधीन हों या किसी अन्य कारण से महामारी के दौरान अस्पताल में भर्ती हों और घर पर बच्चों की देखरेख करने वाला कोई न हो

- ऐसे बच्चे जिनके माता-पिता कोविड के चलते होम आइसोलेशन में हों और घर पर ऐसे बच्चों की देखभाल करने वाला कोई न हो
बिना संज्ञान में लाए गोद लेना गैर कानूनी
कोविड के चलते माता-पिता की मृत्यु के बाद ऐसे बच्चों को किसी को भी गोद दे देना, अपने पास रख लेना या उसकी देखरेख के लिए किसी तरह का विज्ञापन निकालना और बाल कल्याण समिति के संज्ञान में न लाना गैरकानूनी व दंडनीय अपराध है। बच्चों को कानूनी रूप से गोद लेने के लिए सेंट्रल अडाप्शन रिसोर्स अथारिटी (कारा) की वेबसाइट www.cara.nic.in पर संपर्क किया जा सकता है।
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